चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल में दूसरे दिन शतक जड़ने वाले कुमार कुशाग्र अगरकर एंड कंपनी के रडार पर आ गए हैं. वास्तव में कुशाग्र रडार पर तभी गए थे, जब वह सिर्फ 17 साल की उम्र में पाकिस्तानी दिग्गज जावेद मियांदाद का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 6 रन दूर रह गए थे. और अब करीब चार साल बाद कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी के दूसरे दिन दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ 132 गेंदों पर 8 चौकों और 5 छक्कों से खेली 101 रन की पारी से उन्होंने फिर से चयन समिति को अपनी ओर देखने की ओर मजबूर नहीं किया, बल्कि टीम इंडिया के 2 सुपरस्टारों की नींद भी उड़ा दी. चलिए आपको डिटेल से बताते हैं.
That moment when Kumar Kushagra brought up his 💯 🙌
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 7, 2026
A solid knock of 101(132) 🔥
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बाल-बाल बच गए जावेद मियांदाद!
वास्तव में कुमार कुशाग्र ने सुनहरे भविष्य की नींव साल 2022 में ही रख दी थी. तब उन्होंने ऐसा धमाका किया कि उसकी गूंज पूरे विश्व जगत में पहुंची. हां वह बात अलग है कि कुमार कुशाग्र के धमाकेदार आगाज के बाद उनमें निरंतरता नहीं रही, लेकिन उन्होंने तब इतिहास रच दिया. कुमार कुशाग्र ने अपने पहले ही सीजन में नागालैंड के खिलाफ 2022 में फरवरी के महीने में 269 रन की पारी खेली. और वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ढाई सौ या इससे ऊपर का स्कोर करने वाले क्रिकेट इतिहास के सिर्फ दूसरे, तो पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए. लेकिन वह महान जावेद मियांदाद का सिर्फ 6 रन के अंतर से रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए.
जावेद मियांदाद हैं सुपर रिकॉर्ड के बॉस
जब बात फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में ढाई सौ या इससे ज्यादा का स्कोर करने की बात आती है, तो जावेद मियांदाद पहले नंबर पर हैं. उन्होंने 17 साल और 310 दिन की उम्र में 1974-54 में यह कारनामा कराची सफेद के खिलाफ किया था. वहीं, कुमार कुशाग्र ने रणजी ट्रॉफी के 2021-22 के सीजन में नागालैंड के खिलाफ 17 साल 241 दिन की उम्र में 269 रन की पारी खेली. अगर कुमार छह रन और बना लेते, तो जावेद मियांदाद का यह रिकॉर्ट टूट जाता, जो अभी भी बरकरार है. बहरहाल, कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी के दूसरे दिन बनाए शतक से टीम इंडिया के 2 सुपरस्टार्स की नींद उड़ाते हुए जरूर दबाव बना दिया है.

अब भिड़ गए टीम इंडिया के 2 सुपरस्टार्स से
दलीप ट्रॉफी के इस शतक के बाद एक बाद साफ है कि अगरकर एंड कंपनी को इस झारखंडी बल्लेबाज को इस साल न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली भारत 'ए' टीम में जगह देनी ही देनी होगी. कुल मिलाकर बात यह है कि अब टेस्ट टीम में विकेटकीपर के लिए मुकाबला यहां से बहुत ही ज्यादा कड़ा हो चला है. इस कड़ी में अब दबाव ऋषभ पंत पर भी होगा, तो उनके कप्तान झारखंडी इशान किशन पर भी. यह सही है कि इशान किशन राज्य और क्षेत्र के लिए विकेटीपिंग कर रहे हैं लेकिन अब उन्हीं के साथ कुमार कुशाग्र उनके प्रतिस्पर्धी हो चले हैं. अगर वह चयनित होने पर भारत A के लिए कुछ ऐसी ही पारियां खेल देते हैं, तो फिर यह मुसीबत और बढ़ जाएगी.
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