क्रिकेट की दुनिया में जिंदगी कभी अर्श, तो कभी पर! लेकिन अर्श से फर्श पर और फिर फर्श से अर्श पर जाने में बहुत और बहुत कुछ छिपा होता है. चैंपियन कुछ इसी तरह राह बनाते हैं. और झारखंड के लिए खेलने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में दिखा दिया कि वह चैंपियन हैं और वह दिन ज्यादा दूर नहीं, जब वह टीम इंडिया के लिए खेलते दिखाई पड़ेंगे. कुमार कुशाग्र ने बहुत जोर से राष्ट्रीय चयन समिति को मैसेज भेजते हुए जोरदार दस्तक दी है. यूं तो चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले ही दिन कुशाग्र ने दिखा दिया था कि वह इस बार और बेहतर होकर लौटे हैं. लेकिन दूसरे दिन सोमवार को 21 साल के इस झारखंडी विकेटकीपर बल्लेबाज ने 132 गेंदों पर 8 चौकों और 5 छक्कों से 101 रन बनाकर दिखा दिया कि वह दिन दूर नहीं, जब चयन समिति को उनके बारे में बहुत गंभीरता से सोचना होगा.वैसे कुमार कुशाग्र ने बहुत ही कम उम्र में उतार-चढ़ाव देखा है. और उनकी कहानी युवा क्रिकेटरों के लिए एक बहुत बड़ी सीख है.
पैसा बरसा छप्पर फाड़ के !
घरेलू क्रिकेट के दम पर चर्चाओं में आए कुमार कुशाग्र पर आईपीएल में साल 2024 में हुई नीलामी में पैसा छप्पर फाड़ कर बरसा. इतना पैसा, जो शायद एक बार को उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा. टीमों के बीच छिड़ी रेस के बीच दिल्ली कैपिटल्स ने कुमार कुशाग्र को 7.20 करोड़ रुपये में खरीदा. चेन्नई, गुजरात और दिल्ली हर कोई उन्हें खुद से जोड़ना चाहता था, लेकिन बाजी दिल्ली के हाथ लगई.
पैसे का असर प्रदर्शन पर दिखा!
सीजन में कुमार कुशाग्र को दिल्ली के लिए खेलने का मौका भी मिला,लेकिन मिली बहुत बड़ी रकम और इससे बनी हाइप के कारण के कारण वह नर्वस दिखाई पड़े. पहले सीजन में वह दिल्ली के लिए सिर्फ तीन ही मैच खेले. कुशाग्र पहले मैच में मुंबई के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके. दूसरे में केकेआर के खिलाफ कुशाग्र ने 1 रन बनाया, तो तीसरे में आरसीबी के खिलाफ वह 2 ही रन बना सके. इन तीन मैचों में कुशाग्र सिर्फ 3 ही रन बना सके. और दिल्ली के लिए उनका हर रन बहुत ही ज्यादा महंगा यानी करीब 2 करोड़ और 40 लाख रपये का साबित हुआ. नतीजा यह रहा कि उनकी और परिवार की उम्मीदें फर्श पर आ गईं. अगले सीजन में दिल्ली ने उनसे हाथ जोड़ लिए.
कुशाग्र की कीमत जमीं पर !
नतीजा यह रहा कि पहले ही सीजन में 7.20 करोड़ रुपये में बिके कुमार कुशाग्र की कीमत अगले जमीं पर गई. उनकी कीमत में पूरे 91 % की गिरावट हुई क्योंकि अगले सीजन में ज्यादा टीमों ने उन्हें लेने में रुचि नहीं दिखाई. और गुजरात ने उन्हें सिर्फ 65 लाख रुपये में खरीदा, तो इस साल भी उन्हें इतनी ही रकम पर रिटेन किया गया. लेकिन कुमार कुशाग्र ने फिर से चैंपियन बल्लेबाज की तरह वापसी की है. रणजी ट्ऱॉफी 2025-26 में कुमार कुशाग्र ा ने खेले 8 मैचों की 12 पारियों में 47.66 के औसत से 572 रन बनाए, तो दलीप ट्रॉफी के लिए पूर्व क्षेत्र की टीम में भी जगह मिल गई. और अब जब बल्ले से शतक निकला है, तो निश्चित रूप से इसका असर काफी आगे तक जाएगा.
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