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कभी शाहरुख तो कभी विराट, बॉलीवुड और क्रिकेटर्स को क्यों बना देते हैं सॉफ्ट टारगेट?

Sangeet Som on Shahrukh Khan:  बॉलीवुड स्टार्स और क्रिकेटर्स को भारत में जितना प्यार मिलता है उतनी ही आसानी से फ़ैन्स या खेलप्रशंकों की वेश में छिपे खुंदकी फ़ैन्स अपनी भड़ास निकालने का तरीका ढूंढ ही लेते हैं.

Sangeet Som on Shahrukh Khan

Sangeet Som on Shahrukh Khan: विराट कोहली को फ़ैन्स ‘किंग कोहली' कहते हैं तो रोहित शर्मा को उनके फ़ैन्स ‘मुंबई चा राजा' कहते हैं. मगर ये मैच में कम रन बनाकर आउट हुए नहीं कि गलियों, चौराहों से लेकर एसी -दफ़्तरों और फ़ाइवस्टार होटल में इन्हें सलाह देने वालों का तांता लग जाता है. पिछले ही साल भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ना जाने कितने आलोचक, पीआऱ एजेन्ट्स और फ़ैन्स रोहित शर्मा और विराट कोहली की अंतिम पारियों का मर्सिया गाते दिख रहे थे.

विराट-रोहित भी रहते हैं निशाने पर

ऑस्ट्रेलियाई वनडे सीरीज़ में रोहित शर्मा ‘मैन ऑफ़ द सीरीज़' बने और भारत-द.अफ़्रीका सीरीज़ में विराट कोहली ‘मैन ऑफ़ द सीरीज़ बने' तो लोगों ने अपनी बंदूकें कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर पर तान दीं. मतलब पिछले चार महीने कोई ना कोई क्रिकेटर सबके निशाने पर ज़रूर रहा. ‘बहुत मज़ा आता है!' अपनी फ़्रस्ट्रेशन निकालने का इससे बढ़िया ज़रिया और क्या हो सकता है? बाबा, यूट्यूबर, पत्रकार और आम फ़ैन्स से लेकर राजनेताओं के लिए अपनी रोटियां सेंकने का ये शानदार मौक़ा होता है.

कैसे निशाने पर आये शाहरुख़ ख़ान

बॉलीवुड स्टार्स और क्रिकेटर्स को भारत में जितना प्यार मिलता है उतनी ही आसानी से फ़ैन्स या खेलप्रशंकों की वेश में छिपे खुंदकी फ़ैन्स अपनी भड़ास निकालने का तरीका ढूंढ ही लेते हैं. IPL 2026 का आयोजन मार्च 26 से 31 मई तक होगा. इसकी टीमों की नीलामी 16 दिसंबर को हो गई. लेकिन अब 15 दिनों बाद अचानक किसी ने अलख लगाकर सबको जगा दिया. नये साल की शुरुआत से शाहरूख़ निशाने पर आ गये.

आईपीएल का आयोजन मार्च में होगा और उससे पहले भारत और पाकिस्तान की टक्कर वर्ल्ड कप में 15 फ़रवरी को होगी. तबतक और भी विवाद तूल पकड़ सकते हैं. फ़िहलाल साढ़े तीन महीने बाद मार्च में होने वाले आईपीएल को लेकर माहौल को गर्मा दिया गया है. कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को खरीदा और अब टीम के मालिक शाहरुख खान विवादों में घिर गए हैं.

सोशल मीडिया पर नेता से लेकर धर्मगुरु आग उगल रहे हैं. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर बात यहां तक आ पहुंची की बांग्लादेशी क्रिकेटर को IPL की टीम में खरीदने को लेकर शाहरुख खान निशाने पर आ गये.

पिच पर उतर गए बाबा, राजनेता और 'एक्सपर्ट'

इस मामले पर संभवत: पहले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने चिंता जताई और फिर विवादों ने तूल पकड़ लिया. फिर धीरेंद्र शास्त्री और स्वामी रामभद्राचार्य ने भी शाहरुख खान पर दिए बयान को लेकर देवकीनंदन ठाकुर के पक्ष में आ गए. कथावाचक देवकीवनंदन ठाकुर ने कहा था कि अगर यह खिलाड़ी टीम में रखा गया तो केकेआर को इसके लिए बाहर करना पड़ेगा, नहीं तो लोगों द्वारा टीम का बहिष्कार किया जाएगा.

भारतीय जनता पार्टी के नेता संगीत सोम ने बयान दिया, "आज बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है. वहां महिलाओं और बेटियों के साथ बलात्कार हो रहा है. और उधर शाहरुख खान बांग्लादेशी खिलाड़ियों को 9 करोड़ में खरीद रहा है. यह पैसे शाहरुख खान के नहीं हैं. यह पैसा देश की जनता का है. देश की जनता ने शाहरुख खान को बनाया है. जनता ने उसे समझ लिया है, जनता उसे देशद्रोही मानती है, जनता ऐसे देशद्रोहियों को पहचानती है..."

अब ज़रा इस बयान पर ग़ौर फ़रमायें. कांग्रेस की ओर से पक्ष रखने वाले पॉलिटिकल एनालिस्ट तहसीन पूनावाला ने कहा, “मैं पूरी तरह से सहमत हूं कि बांग्लादेश का कोई भी खिलाड़ी आईपीएल में नहीं खेलना चाहिए। लेकिन यह नीति कौन तय करता है, टीम, बीसीसीआई या आईपीएल की गवर्निंग कमेटी? यह फैसला कौन करता है कि पाकिस्तान या बांग्लादेश के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे? क्या शाहरुख खान फैसला करेंगे? या कोई और? यह फैसला आईपीएल कमेटी को करना चाहिए. इसे छोड़ दें, आज भी बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है, और यह एक साल से हो रहा है. वर्तमान सरकार ने इसके बारे में क्या किया है? ..."

राजनेता आए तो बाबा कैसे पीछे रहते. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी कहते हैं, "...कभी-कभी शाहरुख खान ऐसे काम करते हैं जो देशद्रोही लगते हैं. मुझे लगता है कि उनके ये काम देश के खिलाफ हैं. अगर आप बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को देखें, तो वहां बहुत अशांति है, हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं और उन्हें पीटा जा रहा है, फिर भी शाहरुख खान वहां से खिलाड़ियों को लाना चाहते हैं. मुझे नहीं लगता कि यह सही है..."

जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने भी बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान पर निशाना साधा है और कह डाला कि शाहरुख खान कोई हीरो नहीं है, उनका कोई चरित्र नहीं है. उनका रुख हमेशा देशद्रोही रहा है.

क्रिकेट नहीं सब माया है

बृहदारण्यक उपनिषद के एक श्लोक का भाव है "ईश्वर अपनी माया से अनेक रूप धारण करते हैं." इन धर्मगुरुओं और राजनेताओं के के बयान से फ़िलहाल यही समझा जा सकता है कि ऊपरवाला क्रिकेट के ज़रिये भी विद्वतजनों को मुक्ति का मार्ग दिखा रहा है.

श्वेताश्वतर उपनिषद में कहा गया है, "मायां तु प्रकृतिं विद्यात्" माया बाहर नहीं, बल्कि हमारी अपनी धारणाओं और अज्ञान का नाम है ( जो हमें ब्रह्म से अलग होने का अनुभव कराती है, और इसे गुरु के उपदेश से समझा जा सकता है). मतलब अब क्रिकेट की माया में हम सब रम चुके हैं और क्रिकेट खिलाड़ियों को छोड़ बाक़ी सब इस खेल का मर्म उनसे कहीं बेहतर समझते हैं.

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