भारत-पाकिस्तान क्रिकेट की बात होती है तो क्रिकेट का रोमांच चरम पर होता है. 90s के दशक में जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच मैच होता था तो फैन्स टीवी के सामने से नहीं हटते थे. उस दौरान भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का रोमांच अलग लेवल का होता था. उस दशक में दोनों टीमों के खिलाड़ी इस मैच में अपना सबकुछ झौंक देते थे. खिलाड़ी किसी भी परिस्थिति में हों अपना 100 फीसदी देते थे. ऐसी ही एक कहानी है पाकिस्तान के सईद अनवर, जिन्होंने भारत के खिलाफ बेहतरीन परफॉर्मेंस किया है. जब भी वो भारत के खिलाफ मैच खेलते तो रन बनाते थे. लेकिन उनके करियर में एक ऐसी घटना भी घटी थी जिसे जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे.
सईद अनवर ने अपने करियर में 55 टेस्ट मैच खेले और 4052 रन बनाए. जिसमें उनके नाम 11 शतक औऱ 25 अर्धशतक शामिल रहा. वहीं, वनडे में अनवर बेहद ही कमाल के बल्लेबाज रहे, उन्होंने 257 मैच खेले और 8824 रन बनाए. उनके नाम वनडे में 20 शतक और 43 अर्धशतक शामिल रहे. अनवर को पाकिस्तान क्रिकेट का सबसे महान बल्लेबाज में से एक माना जाता है.
एक हादसे से बदल गई जिन्दगी
90s के दशक में सईद अनवर पाकिस्तान वनडे क्रिकेट के बेस्ट बल्लेबाज थे, साल 2001 में मुल्तान में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था. इस टेस्ट मैच में अनवर ने 101 रनों की पारी खेली थी. यह टेस्ट पाकिस्तान 264 रनों से जीतने में सफल रही. इस टेस्ट मैच के जीतने के बाद अनवर के घर में एक हादसा हो गया. हुआ ये कि उनकी बेटी बिस्माह का निधन लंबी बीमारी के बाद हो गया. बेटी की मौत की खबर सुनकर अनवर काफी टूट गए और वापस अपने घर लौट गए. इसके बाद अनवर ने कभी भी टेस्ट मैच नहीं खेला. बेटी के जाने से उनकी रूची क्रिकेट से खत्म होने लगी और उनका झुकाव धर्म की ओर बढ़ने लगा.
महीनों तक उनका क्रिकेट पीछे छूट गया, वे इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे थे. कई लोगों को शक था कि क्या यह शानदार ओपनर कभी अपने पुराने फॉर्म में लौट पाएगा. फिर भी, अनवर ने वापसी करने और 2003 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने की हिम्मत जुटाई.
वर्ल्डकप में भारत के खिलाफ जमाया शतक, बेटी को किया समर्पित
2003 वर्ल्डकप में सईद अनवर ने भारत के खिलाफ शानदार 126 गेंद पर 101 रन बनाए. यह शतक उन्होंने अपनी बेटी बिस्माह को समर्पित किया. इस मैच में भले ही अनवर के शतक को लोग भूल गए लेकिन जिस दर्द में रहकर उन्होंने यह शतक जमाया था वो काबिले तारीफ वाली बात थी.
अनवर ने अपना आखिरी वनडे मैच 4 मार्च 2003 को बुलावायो में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था. इस मैच में वो 45 गेंद पर 40 रन बनाकर नाबाद रहे थे. बता दें कि अगस्त 2003 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी. वनडे में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड काफी समय तक अनवर के नाम रहा था, 1997 में अनवर ने भारत के खिलाफ 194 रनों की पारी खेली थी. बाद में सचिन ने 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 200 रन बनाकर अनवर के इस रिकॉर्ड को तोड़ा था.
अब क्या करते हैं सईद अनवर
सईद अनवर अब इंटरनेशनल क्रिकेट और सार्वजनिक चकाचौंध से दूर पूरी तरह से धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन बिता रहे हैं
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