इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की जमकर तारीफ की है और दावा किया है कि 15 साल का यह खिलाड़ी भविष्य में भारतीय क्रिकेट का चेहरा बनेगा. युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी IPL 2026 में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और उनके प्रदर्शन ने राजस्थान रॉयल्स को सीजन की दमदार शुरुआत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है. वैभव सूर्यवंशी अब तक दो अर्धशतक जड़ चुके हैं और इस समय उनका स्ट्राइक रेट 263.16 का है. पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल वॉन के साथ एक पॉडकास्ट में ललित मोदी ने कहा कि वह सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास से काफी प्रभावित हैं.
ललित मोदी ने कहा, 'उस बच्चे को देखिए. (वैभव) सूर्यवंशी को देखिए. मैं अभी कह सकता हूं कि यह बच्चा भविष्य में भारतीय क्रिकेट का नया चेहरा बनने जा रहा है. इस बच्चे का आत्मविश्वास देखिए, उसके चेहरे पर झलकता भरोसा देखिए. 14 साल का! मेरा बेटा भी 14 साल का है.' ललित मोदी ने यह भी कहा कि सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी को सही तरीके से मैनेज करना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि उन्होंने बहुत कम उम्र में शोहरत हासिल कर ली है. उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे कई क्रिकेटरों को देखा है, जो इस तरह की स्थिति में ‘मॉन्स्टर' बन गए.
उन्होंने आगे कहा, 'आने वाले समय में क्रिकेटरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि हम उन्हें कैसे मैनेज करते हैं, कैसे ग्रूम करते हैं और कैसे यह सुनिश्चित करते हैं कि सब कुछ अगली घड़ी या अगली फेरारी तक ही सीमित न रह जाए. ऐसा कई खिलाड़ियों के साथ हुआ है. आपने IPL में भी इसे देखा है. इसने कई मॉन्स्टर पैदा किए हैं, लेकिन कुछ शानदार खिलाड़ी भी दिए हैं.'
'लगा कोई कहानी बना रहा है'
मोदी ने कहा,'वैभव सूर्यवंशी को मैंने बल्लेबाजी करते हुए देखा तो मुझे लगा, ‘यह संभव ही नहीं है, मैं सपना देख रहा हूं. यह संभव नहीं है कि यह बच्चा 14 साल का हो. सच में? मैंने गूगल किया, लोगों को फोन किया और पूछा, ‘क्या यह सच है या कोई कहानी बना रहा है?' तब मुझे मैसेज मिलने लगे और मैंने कहा कि मैं खुद देख रहा हूं. न एक बार, न दो बार, इस लड़के ने सबको पीछे छोड़ दिया.' ललित मोदी ने टी20 लीग्स के बढ़ते प्रभाव के बीच टेस्ट क्रिकेट को बचाने को लेकर भी बड़ा बयान दिया.
'टेस्ट क्रिकेट जिंदा रहेगा'
उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि टेस्ट क्रिकेट जिंदा रहेगा, क्योंकि मुझे यह फॉर्मेट बेहद पसंद है. वनडे क्रिकेट पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुका है. इसका अब कोई मतलब नहीं रह गया है, खासतौर पर इसलिए क्योंकि टी20 क्रिकेट जैसा और छोटा फॉर्मेट मौजूद है. अब यह सिर्फ पैसों की बात नहीं है, बल्कि इस बात की है कि आप दर्शकों की निष्ठा को कैसे बनाए रखते हैं. आज की पीढ़ी दुर्भाग्य से असली टेस्ट क्रिकेट का अनुभव सिर्फ ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में ही कर पा रही है.'
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