हॉलीवुड के आइकॉनिक एक्टर सिल्वेस्टर स्टैलोन की लाइफ किसी इंस्पिरेशन से कम नहीं है. जो सीधे-सीधे इस ओर इशारा करती है कि असफलताओं से कभी हार नहीं माननी चाहिए. सिल्वेस्टर स्टैलोन का जन्म 6 जुलाई 1946 को न्यूयॉर्क के हेल्स किचन में हुआ था. जन्म के समय डॉक्टरों ने फोर्सेप्स का इस्तेमाल सही से नहीं किया, जिससे उनके चेहरे के निचले हिस्से की बाईं तरफ की नस कट गई. इससे चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया, जिसकी वजह से उनकी बोली लड़खड़ाती थी और चेहरा टेढ़ा-मेढ़ा दिखता था. बचपन में इसी वजह से उन्हें बहुत ताने सुनने पड़ते थे और दोस्त भी बुली करते थे. उनकी कम उम्र में ही माता-पिता का तलाक हो गया था. परेशानियां यहीं खत्म नहीं हुई. माता-पिता के जिंदा होने के बावजूद उन्हें कुछ समय अनाथालय जैसी जगहों पर भी बिताया.
1000 बार झेला रिजेक्शन
सिल्वेस्टर स्टैलोन ने एक्टिंग का ख्वाब देखा, लेकिन उनकी आवाज और चेहरे की वजह से उन्हें 1,000 से ज्यादा बार रिजेक्शन मिला. कास्टिंग डायरेक्टर्स हंसते हुए उन्हें बाहर कर देते थे. लेकिन आर्थिक तंगी इतनी थी कि वे न्यूयॉर्क में बस स्टेशन पर सोते थे. एक समय ऐसा भी था कि उनकी पत्नी गर्भवती थी और वे अपने प्यारे बुलमास्टिफ डॉग बटकस को भी 40 डॉलर में बेचने को मजबूर हो गए क्योंकि उसे खिलाने के पैसे नहीं थे. यह उनके जीवन का सबसे दर्दनाक पल था.

बॉक्सिंग मैच ने बदली जिंदगी
फिर 1975 में एक बॉक्सिंग मैच ने सिल्वेस्टर स्टैलोन की जिंदगी बदल दी. उन्होंने चक वेपनर को मुहम्मद अली के खिलाफ लड़ते देखा, जहां वेपनर ने अली को कड़ी टक्कर दी थी. इस मैच से प्रेरित होकर स्टैलोन ने ‘रॉकी' की स्क्रिप्ट सिर्फ तीन दिनों में लिख डाली. स्क्रिप्ट तैयार होने के बाद स्टूडियो ने इसे खरीदने की पेशकश की, 3,60,000 डॉलर, लेकिन शर्त यह थी कि मुख्य भूमिका किसी और अभिनेता को दी जाए, जैसे रॉबर्ट रेडफोर्ड या बर्ट रेनॉल्ड्स. स्टैलोन ने साफ इनकार कर दिया. वे जानते थे कि रॉकी उनका खुद का प्रतिबिंब है, एक आम आदमी जो हार नहीं मानता.

फिल्म के लिए रखी ये शर्त
स्टैलोन ने खुद पर भरोसा किया. आखिर में बजट कम करके उन्हें लीड रोल मिल गया. 1976 में रिलीज हुई फिल्म ‘रॉकी' ने बॉक्स ऑफिस पर 225 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाए. फिल्म को तीन ऑस्कर मिले, बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट एडिटिंग. स्टैलोन को बेस्ट एक्टर और बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले के लिए नामांकन मिला. यह फिल्म हॉलीवुड की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक बनी.

कामयाबी मिलने पर वापस लिया अपना डॉग
सफलता मिलने के बाद स्टैलोन ने सबसे पहले क्या किया? उन्होंने 15,000 डॉलर देकर अपने डॉग बटकस को वापस खरीद लिया. बटकस को फिल्म में भी एक छोटा रोल मिला. स्टैलोन की यह कहानी सिर्फ एक अभिनेता की सफलता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की मिसाल है. जैसा वे फिल्म में कहते हैं, 'यह नहीं मायने रखता कि आप कितनी जोर से मारते हैं, बल्कि यह मायने रखता है कि आप कितने जोर से मारे जाते हैं और फिर भी आगे बढ़ते रहते हैं.' तभी तो 79 साल की उम्र में वो दुनिया के नंबर वन एक्शन हीरो में गिने जाते हैं.
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