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IPL 2026: IPL 2026: सबसे महंगे 'ग्रीन' ने केकेआर को किया 'सूखा', एक रन इतने रुपये का! बुरी तरह भड़के गावस्कर, जाने क्यों

cameron green: कैमरून ग्रीन का अभी तक का जो केस सामने आया है, उसने बीसीआई, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल सहित फ्रेंचाइजी टीमों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है

IPL 2026: IPL 2026: सबसे महंगे 'ग्रीन' ने केकेआर को किया 'सूखा', एक रन इतने रुपये का! बुरी तरह भड़के गावस्कर, जाने क्यों
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ऐसा साफ लग रहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेल रही किंग खान की केकेआर (KKR) के पास न कोई विजन है, न कोई प्लान और नहीं जीतने की भूख. और ऐसा इस सीजन से ही नहीं, बल्कि पिछले कई संस्करणों से दिख रहा है. और इस पर भी कुछ बचा है, तो उसके खिलाड़ियों ने निराशजनक प्रदर्शन से पूरी कर दी है. और इनमें सबसे ऊपर नाम है इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के कैमरून ग्रीन (Cameron Green) का. ग्रीन को केकेआर ने बहुत ही उम्मीदों के साथ लिया था, लेकिन वह उसके लिए सूखा कांटा ज्यादा साबित हुए. और अब जो हालात हैं, उससे तो सनी गावस्कर और फैंस सहित ज्यादा दिग्गजों की तीखी आलोचना के बाद गेंद बीसीसीआई के पाले में है कि वह आगे भविष्य में इस तरह के मामलों के लिए नियम बनाता है या नहीं. 

आधा काम, पूरा भुगतान?

कैमरून ग्रीन को केकेआर ने बतौर ऑलराउंर खरीदा था, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुरोध पर केकेआर ने ग्रीन से बॉलिंग नहीं कराई है. CA ने टूर्नामेंट से पहले केकेआर को बता दिया था कि ग्रीन के वर्कलोड का ध्यान रखा जाए. और वह गेंदबाजी के लिए पूरी तरह फिट नहीं है? हैरानी की बात यह है कि ग्रीन बैटिंग के लिए फिट हैं, लेकिन बॉलिंग के लिए अनफिट? आखिर यह कैसी फिटनेस है? और यह कैसा मानक? कैसे कोई खिलाड़ी खासतौर पर इतना मोटा पैसा लेकर सिलेक्टिव हो सकता है?

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Photo Credit: Photo: BCCI

क्यों न हो नया नियम?

आईपीएल के अनुबंध में ऐसा कोई नियम नहीं है कि अगर कोई ऑलराउंडर किसी एक डिपार्टमेंट में योगदान नहीं देता है, तो उसका आधा या एक निश्चित फीस काट ली जाए? इसी बात को लेकर हाल ही में महान गावस्कर ने अपने आर्टिकल में ग्रीन सहित तमाम विदेशी खिलाड़ियों को बुरी तरह आडे़ हाथ लिया था. गावस्कर ने मोटा पैसा लेने के बावजूद इन खिलाड़ियों के समर्पण पर सवाल खड़ा करते हुए ऐसे (ग्रीन की तरह) विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने तक की बात कही थी. कुल मिलाकर ग्रीन का केस एक 'मामला विशेष' हो चला है. और जब इस तरह के केस आते हैं, तो यहां से फिर नियमों की एंट्री होती है. अब देखने की बात यह होगी कि इस सीजन के बाद गवर्निंग काउंसिल ग्रीन के मामले को कैसे लेती है जो  साफ-साफ मांग कर रहा है कि अगर कोई खिलाड़ी पूर्ण फीस लेने के बाद अगर आधा योगदान देता है, तो फिर क्यों न उसकी आधी या तय फीस भी काट ली जाए?

5 मैच= 1 रन करीब 30 लाख का!

कैमरून ग्रीन ने केकेआर के लिए 5 मैचों में सिर्फ 4 ओवर गेंदबाजी की है. और इसमें एक विकेट लिया है. मतलब बचे चार मैचों में उन्होंने सिर्फ बतौर बल्लेबाजी की. फीस पूरी ली, योगदान आधा दिया. और बतौर बल्लेबाज भी ग्रीन ने केकेआर को बुरी तरह सुखा कर रख दिया. और ग्रीन शुरुआती 5 मैचों में 14.00 के औसत से 56 रन ही बना सके. और अगर उनकी कीमत (25.50 करोड़ ) को रनों से भाग दिया जाए, तो एक रन की कीमत 45,53, 571 रुपये आती है. वहीं, अगर ग्रीन के चटकाए 1 विकेट=30 रन जोड़ लें, तो उनके कुल रन 86 हो जाते हैं. इस  तरह समग्र रूप से अभी तक केकेआर के लिए कैमरून का एक रन शुरुआती 5 मैचों के बाद 29 लाख, 65 हजार, 116 रुपये का पड़ा है. 

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