ज़िंबाब्वे में बिहार के वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्ड हाफ़ सेंचुरी के बाद उनसे मिलने कुछ अंतर्राष्ट्रीय बिहारी फ़ैन्स हरारे स्पोर्ट्स क्लब के बाहर वैभव का इंतज़ार कर उनसे मिलते दिखे. उनके कुछ फैंस ने बताया कि वो पटना और समस्तीपुर और उनकी नानी के गांव के रहने वाले हैं. वैभव हमेशा की तरह मुस्कुरा कर इन्हें ऑटोग्राफ़ देते रहे. वैभव सूर्यवंशी से ऑटोग्राफ़ लेते फ़ैन्स की तस्वीरें IPL से लेकर आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर भी देखी गईं.
वैभव सूर्यवंशी ने अपने चौथे ही अंतरराष्ट्रीय मैच में अपने गेम में हल्का सा बदलाव करते हुए सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. 15 साल 118 दिन की उम्र में वैभव ने हरारे में 18 गेंदों पर 4 चौके और 4 छक्के लगाकर अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर की अपनी पहली हाफ़ सेंचुरी पूरी कर ली. इसके साथ ही वो सचिन तेंदुलकर के 16 साल 213 दिनों में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बनायी गई फ़ैसलाबाद टेस्ट-हाफ़ सेंचुरी के रिकॉर्ड से आगे निकल गए.
"Found relatives from grandma's village!" 🤣
— Jara (@JARA_Memer) July 23, 2026
Vaibhav Sooryavanshi met fans from his grandmother's village in Zimbabwe.
They jokingly said, "𝗚𝗶𝘃𝗲 𝘂𝘀 𝗽𝗿𝗶𝗼𝗿𝗶𝘁𝘆 𝗳𝗼𝗿 𝘆𝗼𝘂𝗿 𝗮𝘂𝘁𝗼𝗴𝗿𝗮𝗽𝗵!" 😅 pic.twitter.com/LA7vQ1A50x
बिहार के टैलेंटेड क्रिकेटरों का मेला
पिछले दो साल से वैभव का सितारा यकीनन दुनिया भर में बुलंदियों पर रहा है. लेकिन वैभव के साथ बिहार में रहने वाले कई दूसरे क्रिकेटर भी हैं जो आईपीएल और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में छाये रहे हैं. इनमें टीम इंडिया और पटना के विकेटकीपर- बैटर ईशान किशन, गोपालगंज के गेंदबाज़ साकिब हुसैन, टीम इंडिया और गोपालगंज के ही बॉलर मुकेश कुमार, टीम इंडिया और सासाराम के पेसर आकाशदीप, सुपौल ज़िले के मो. इज़हार जैसे नाम प्रमुखता से चर्चा में रहे.
वासुदेव को ऑस्ट्रेलिया ने बुलाया
बिहार में टैलेंट की भरमार है. बिहार क्रिकेट संघ- BCA के अध्यक्ष हर्षवर्धन तिवारी NDTV से बात करते हुए कहते हैं, “बिहार तेज़ गेंदबाजों की नर्सरी बन रहा है. आप देखिए हमारे दो प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज़ों- वासुदेव प्रसाद को मशहूर MRF पेस फाउंडेशन द्वारा ऑस्ट्रेलिया में आयोजित उच्च स्तरीय ट्रेनिंग के लिए चुना गया है.”
कौन हैं हुनरमंद पेसर वासुदेव प्रसाद?
तेज़ गेंदबाज़ वासुदेव प्रसाद बिहार में मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं. वो बिहार क्रिकेट एसोसिएशन से खेलते हुए अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 स्तर पर बिहार की टीमों की नुमाइंदगी कर चुके हैं. BCA के अध्यक्ष हर्ष वर्धन तिवारी कहते हैं, “आप इन्हें (वासुदेव और रिंकल को) आने वाले दिनों में बड़े स्टेज पर भी खेलता देखेंगे. बिहार से लगातार एक-से बढ़कर एक पेसर्स आ रहे हैं. आपने आकाश दीप सिंह और मुकेश कुमार का नाम तो टीम इंडिया के जानदार गेंदबाज़ों के तौर पर सुना ही है. यहां से कई और प्रतिभाशाली प्लेयर अब टॉप लेवल पर जा रहे हैं.”
हर्ष वर्धन तिवारी बताते हैं, “MRF पेस फ़ाउंडेशन (चेन्नई) का क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ एक एक्सचेंज प्रोग्राम है, जिसके तहत चुने गए खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजा जाता है. वासुदेव भारत से चुने गए दो खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित और हाई-परफॉर्मेंस कैंप के लिए चुना गया है. वो इन दिनों क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के साथ ट्रेनिंग के लिए ऑस्ट्रेलिया में हैं.”
कौन हैं रिंकल तिवारी?
बिहार के एक और हुनरमंद पेसर रिंकल तिवारी के बारे में हर्ष तिवारी कहते हैं, “गोपालगंज के निवासी रिंकल तिवारी ने अंडर-19 वर्ग में बिहार का प्रतिनिधित्व किया है. रिंकल को भी भविष्य के संभावित खिलाड़ी के रूप में तराशने के लिए MRF (एमआरएफ) द्वारा चुना गया है. हर्ष कहते हैं, “रिंकल को बाद में बीसीसीआई द्वारा NCA- एनसीए और जोनल मैचों के लिए भी मौक़ा दिया गया. यह ध्यान देने की बात है कि साक़िब हुसैन और मोहम्मद इज़हार, जो IPL का हिस्सा हैं, वे भी MRF- एमआरएफ का हिस्सा रहे हैं. ये बिहार के पेसर्स का टैलेंट है जिन्हें दुनिया भर में पहचान मिल रही है.”
MRF पेस फाउंडेशन और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बीच चलने वाले विशेष एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत चुने गए ख़ास खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया भेजा जाता है. ऑस्ट्रेलिया में ये खिलाड़ी वर्ल्ड क्लास गेंदबाजों और कोचिंग स्टाफ के साथ ट्रेनिंग हासिल करते हैं. वासुदेव प्रसाद इन दिनों ऑस्ट्रेलिया में इस हाई परफ़ोरमेंस ट्रेनिंग का हिस्सा हैं. बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव श्री ज़िआउल अरफीन ने भी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा, “वासुदेव प्रसाद और रिंकल तिवारी की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है. हमें पूरा भरोसा है कि यहां से वो बिहार और देश का नाम भी रोशन करेंगे.”
बिहार में अकेले वैभव नहीं हैं धुरंधर!
वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार कामयाबी और इन खिलाड़ियों की तरक्की इस बात का साफ़ संकेत है कि बिहार क्रिकेट संघ के सिस्टम में पहले की तुलना में कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं. युवा क्रिकेटरों में टैलेंट पहले भी था, अब नहीं सही प्लैटफ़ॉर्म और सही एक्सपोज़र मिल रहा है तो वो क्रिकेट की दुनिया के आसमान में ऊंची उड़ान भरने के लिए पंख फ़ैलाकर तैयार हो गए हैं. आने वाले दिनों में वासुदेव प्रसाद और रिंकल तिवारी- बिहार के कम से कम इन दो नये नामों को भारतीय क्रिकेट फ़ैन्स की ज़ुबान पर चढ़ता ज़रूर देखेंगे.
ये भी पढ़ें- एशियन गेम्स 2026 के लिए क्रिकेट का शेड्यूल जारी, भारत-पाकिस्तान मुकाबले का कुछ ऐसा बन रहा समीकरण
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं