भारतीय टीम अभी न्यूजीलैंड दौरे पर है, जहां दोनों देशों के बीच पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेली जा रही है. इस लंबे और थकाऊ दौरे की शुरुआत टी20 सीरीज से हुई है और इसका अंत टेस्ट सीरीज से होगा. दो मैचों की टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है और दोनों ही टीमों के फाइनल में पहुंचने के समीकरण के लिए यह काफी अहम है. ऐसे में तेज गेंदबाजों का वर्कलोड जरूर चिंता का विषय है. लेकिन गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने बताया है कि भारत के पास एक 'मजबूत' वर्कलोड मैनेजमेंट प्लान है. इसके तहत गेंदबाजों का एक विशेष समूह बैकअप के तौर पर रखा जाएगा और इसमें अर्शदीप को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है.
तीसरे T20I से एक दिन पहले मोर्केल ने कहा,"हम गेंदबाजों का एक ऐसा समूह तैयार करने की योजना बना रहे हैं जो शेड्यूल को देखते हुए बैकअप के तौर पर वहां रुक सके. समय करीब आने पर, जब हमें साल के इस समय वहां की परिस्थितियों का बेहतर अंदाजा हो जाएगा, तब हमें अपनी गेंदबाजी यूनिट की संरचना के बारे में स्पष्ट तस्वीर मिल जाएगी."
व्हाइट-बॉल स्पेशलिस्ट अर्शदीप ने भारत के लिए अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी क्षमता ने उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में डेब्यू करने की दौड़ में बनाए रखा है. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज ने आगे कहा,"कागज पर और हमारे दिमाग में गेंदबाजों का एक अच्छा समूह है जो हर तरह की परिस्थितियों के अनुकूल हो सकता है, और अर्शदीप निश्चित रूप से इस चर्चा का हिस्सा हैं." "वह हमेशा कड़ी मेहनत करते हैं और सभी जरूरी पैमानों पर खरे उतरते हैं, इसलिए अगर रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी जरूरत पड़ी, तो मुझे पूरा यकीन है कि वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे."
टेस्ट सीरीज 19 नवंबर से शुरू होनी है. इससे पहले दोनों टीमों के बीच मौजूदा T20 सीरीज होगी, जिसके बाद पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी. वनडे सीरीज खत्म होने के ठीक चार दिन बाद टेस्ट सीरीज शुरू हो जाएगी. तेज गेंदबाजों को बैकअप के तौर पर रोकने का यह फैसला, दौरे से कई महीने पहले बनाई गई एक दीर्घकालिक वर्कलोड मैनेजमेंट रणनीति का हिस्सा है.
मोर्कल ने आगे कहा,"हर गेंदबाज को यह स्पष्ट है कि वर्कलोड और गेंदबाजी के मामले में उनसे क्या उम्मीदें हैं." मोर्केल ने कहा,"जैसा कि आप जानते हैं, कुछ खिलाड़ी रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी के लिए 'ए-साइड' टीम में खेल रहे हैं."
उन्होंने यह भी बताया कि वनडे इंटरनेशनल मैचों के दौरान गेंदबाजों को रोटेट किया जाएगा, ताकि उन्हें टेस्ट सीरीज से पहले मैच की प्रैक्टिस मिल सके. इससे उन पर अचानक ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा और वे धीरे-धीरे अपनी गेंदबाजी का वर्कलोड बढ़ा सकेंगे.
मोर्केल ने कहा,"50 ओवर के फॉर्मेट में भी हम खिलाड़ियों को रोटेट करेंगे और उन्हें टेस्ट मैचों की तैयारी के लिए जरूरी गेम टाइम देंगे. हमने सब कुछ बहुत अच्छी तरह से प्लान किया है, लेकिन दुर्भाग्य से, हमेशा चीजें योजना के अनुसार नहीं होतीं." "हमारे पास रोटेशन के लिए अच्छे विकल्प और कॉम्बिनेशन तैयार हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जसप्रीत बुमराह समेत सभी खिलाड़ी पहले रेड-बॉल टेस्ट और 50 ओवर के मैचों के लिए पूरी तरह तैयार रहें."
मोर्केल ने बताया कि दूसरे T20I में मयंक यादव की जगह प्रिंस यादव को शामिल करना, परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया एक रणनीतिक फैसला था. उन्होंने कहा,"यह पूरी तरह से एक रणनीतिक बदलाव था, जो हमें उस मैदान पर जरूरी लगा. यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि प्रिंस डेथ ओवरों में यॉर्कर डालने में बहुत माहिर हैं." "हमें लगा कि अगर हमें दूसरी पारी में गेंदबाजी करनी पड़ी - खासकर जब गेंद गीली हो - और मैदान के आकार को ध्यान में रखते हुए, तो प्रिंस ऐसे गेंदबाजों में से हैं जो बहुत सटीकता से यॉर्कर डाल सकते हैं."
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