Sunil Gavaskar on Virat kohli 54th ODI Century: रविवार को इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक मैच में विराट कोहली ने वनडे करियर का 54वां शतक ठोका. कोहली की यह शतकीय पारी भारत को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं रही और टीम इंडिया को 41 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के साथ ही भारत तीन मैचों की सीरीज 2-1 से हार गया. न्यूजीलैंड पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीतने में सफल हुई है. वहीं इस जीत के बाद भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कोहली के शतक की जमकर तारीफ की और कहा कि भारतीय बल्लेबाज की सफलता की कुंजी यह है कि 'वह किसी छवि से बंधे नहीं हैं.'
'कोहली किसी इमेज से बंधे नहीं'
भारत को वनडे सीरीज में मिली हार के बाद जियो हॉटस्टार पर बोलते हुए सुनील गावस्कर ने विराट कोहली की शतकीय पारी को लेकर कहा कि क्योंकि कोहली किसी छवी से बंधे नहीं हैं, इसीलिए खुलकर खेल पा रहे हैं. गावस्कर ने कहा,"उनकी खासियत यह है कि वे किसी छवि से बंधे नहीं हैं. बहुत से बल्लेबाज और गेंदबाज अपनी छवि से बंधे होते हैं. उन्हें लगता है कि लोग उन्हें इसी रूप में देखते हैं, इसलिए उन्हें उसी छवि पर टिके रहना चाहिए. मुझे नहीं लगता कि वे किसी छवि से बंधे हैं. वे अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते हैं. उनका काम है रन बनाना, शुरुआत में संभलकर खेलना, फिर खुलकर खेलना, या शुरुआत में ही ताबड़तोड़ रन बनाना और फिर फील्ड के खुलने पर फिर एक-दो रन लेना. वे किसी छवि से बंधे नहीं हैं, और यही कारण है कि वे लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं."
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स की शतकीय पारी के दम पर भारत को जीत के लिए 338 का लक्ष्य दिया था. हालांकि, रन चेज में भारत का टॉप ऑर्डर लड़खड़ा गया. 71 के स्कोर पर ही भारत ने रोहित, गिल, अय्यर और केएल राहुल के विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद कोहली ने एक छोर से पारी संभाली और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 85वां शतक ठोका.
गावस्कर ने कोहली की इस पारी को लेकर कहा,"उनकी प्रतिभा के अलावा, ज़ाहिर है, उनका स्वभाव भी कमाल का है. और जब मैंने कहा कि वे अपनी छवि से बंधे नहीं हैं, तो मेरा मतलब उनके स्वभाव से है. ऐसा स्वभाव नहीं कि वे कहें,'मुझसे छक्का मारने की उम्मीद की जाती है.' ऐसा नहीं है. वे गेंद को देखते हैं और शॉट लगाते हैं, और वे कभी हार नहीं मानते. वे हार मानने से इनकार करते हैं."
गावस्कर ने कोहली के आउट होने पर कहा,"अंत तक भी वे थोड़ा थका हुआ शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे. कभी-कभी दस्ताने थोड़े पसीने से भीग जाते हैं, और इसलिए बल्ले पर पकड़ थोड़ी ढीली हो जाती है. और इसीलिए, सीधा जाने के बजाय, बल्ले मुड गया और वे बाउंड्री के अंदर कैच आउट हो गए. मेरे लिए, किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सीखने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि किसी छवि के अनुसार न जिएं, स्थिति के अनुसार खेलें, और आप उम्मीद से कहीं अधिक लगातार अच्छा प्रदर्शन करेंगे."
विराट कोहली ने अपनी पारी के दौरान 10 चौके और तीन छक्के लगाए और न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज साइमन डौल कोहली की इस पारी में लगाए गए कुछ शॉट्स से बेहद प्रभावित हुए. साइमन डौल ने कहा,"जब तक वो क्रीज पर थे, न्यूजीलैंड की टीम लगातार घबराई हुई थी. वही वो खिलाड़ी थे जो उनसे मैच छीन सकते थे, और काफी देर तक ऐसा लग भी रहा था कि वो ऐसा ही करने वाले हैं. ये एक शानदार पारी थी. वो जल्दी बल्लेबाजी करने आए. हर्षित राणा के साथ उस साझेदारी से पहले उन्होंने पांच अलग-अलग साझेदारों को खोया. मुझे लगता है कि हर्षित के साथ भी उनकी साझेदारी अच्छी रही. लेकिन उनकी कुछ सटीक और दमदार बल्लेबाजी."
यह भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर vs विराट कोहली: वनडे में लक्ष्य का पीछा करते हुए किसका रिकॉर्ड है दमदार
यह भी पढ़ें: ICC ने बांग्लादेश को दी डेडलाइन: T20 विश्व कप विवाद पर इस दिन होगा आखिरी फैसला
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं