शनिवार की रात पुलवामा में शायद ही कोई सोया. हर बॉल, हर विकेट और हर बाउंड्री पर फैंस का चियर जारी रहा. पुलवामा लीग का फाइनल देखने के लिए स्टेडियम खचाखच फैंस से भरा हुआ था. बाहर सड़कें जाम थीं. जितनी ही भीड़ स्टेडियम के अंदर थी, उतने ही लोग बाहर थे, जो रॉयल प्रीमियर लीग का फाइनल मैच देखने स्टेडियम में एंट्री नहीं पा सके. यह सिर्फ़ क्रिकेट का क्रेज नहीं था. पुलवामा एक नया इतिहास लिख रहा था. स्पोर्ट्स के जरिये से. दक्षिण कश्मीर का यह जिला, जो कभी आतंकवाद और पत्थरबाजी का पर्याय था, अब कश्मीर की स्पोर्ट्स कैपिटल बन रहा है.
स्टेडियम के अंदर और बाहर भीड़ पुलवामा में सालों में देखी गई सबसे बड़ी भीड़ थी. पिछले तीन दशकों से ज्यादा के मिलिटेंसी के दौरान घाटी में नाइट लाइफ गायब हो गई थी, क्रिकेट ने सचमुच पुलवामा में नाइट लाइफ वापस ला दी. स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन हफ्ते पहले प्रीमियर लीग शुरू होने के बाद, दिन के मुकाबले रात में सड़कों पर ज्यादा लोग थे.

पुलवामा लीग का फाइनल देखने भारी संख्या में दर्शक आए थे.
पुलवामा लीग का फाइनल सुल्तान वॉरियर्स बारामूला और रॉयल गुडविल क्रिकेट क्लब के बीच स्पोर्ट्स स्टेडियम पुलवामा में फ्लडलाइट में खेला गया. यही दोनों टीमें टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में भी शामिल थीं, जिससे फाइनल में उनकी भिड़ंत फैंस के लिए और खास बन गई. इस फाइनल के चलते शहर में कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हुई. सिर्फ पुलवामा ही नहीं, बल्कि कश्मीर के दूसरे हिस्सों से भी दर्शक इस मैच को देखने के लिए आए थे.

सुल्तान वॉरियर्स बारामूला और रॉयल गुडविल क्रिकेट क्लब के बीच हुआ फाइनल.
यह रॉयल प्रीमियर लीग का दूसरा सीजन था, जिसमें इस सीजन 10 टीमों ने हिस्सा लिया. यह टूर्नामेंट जम्मू और कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों के खिलाड़ियों को एक साथ लाने और स्थानीय खिलाड़ियों को मौका देना रहा है और इसके पीछे की सोच पुलवामा के एक सिंगर इरफ़ान सरकार की है, जो इस बदलाव के किरदार हैं. इरफान का कहना है कि क्रिकेट लीग शुरू करना और पूरी घाटी की बेस्ट टीमों को पुलवामा में खेलने का कारण और कॉन्फिडेंस देना कोई आसान फैसला नहीं था.
इरफान ने कहा,"मैं पिछले छह सालों से पुलवामा में लोकल क्रिकेट मैच ऑर्गनाइज करता था. पिछले साल, मैंने दिन और रात के क्रिकेट मैचों के साथ रॉयल प्रीमियर लीग लॉन्च की. इस साल, हमने इसका दायरा बढ़ाया और 10 क्लब लीग में शामिल हुए. लॉजिस्टिक्स ऑर्गनाइज़ करना और लोगों को रात में खेलने का कॉन्फिडेंस देना कोई आसान काम नहीं था. लेकिन लोगों के सपोर्ट से, यह एक बड़ी सक्सेस स्टोरी बन गई है."
हालांकि कश्मीर में हिंसा बहुत कम हो गई है और पुलवामा में टेररिस्ट ग्रुप्स में जीरो लोकल रिक्रूटमेंट रिकॉर्ड किया गया है, लेकिन सिक्योरिटी का डर अभी भी लोगों को परेशान करता है. अनंतनाग में हाल की दो टेरर घटनाओं के बाद, पुलिस ने कश्मीर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की और 3000 से ज़्यादा लोगों को अरेस्ट किया. उनमें से ज़्यादातर को पुलिस ने ओवर ग्राउंड वर्कर्स बताया, यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल होता है जो चुपके से टेररिस्ट की मदद करते हैं.
पुलवामा में भी कार्रवाई और अरेस्ट हुए. क्रिकेट लीग इसे सही करने का प्रयास जरूर कर रही है. इस इवेंट के लिए सैकड़ों पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान तैनात थे और स्टेडियम के चारों ओर और मेन गेट पर जोश में भरी भीड़ को कंट्रोल कर रहे थे. आधी रात को, जब भीड़ का शोर और तेज होता गया, तो श्रीनगर की रॉयल गुडविल टीम ने ट्रॉफी उठाई. लेकिन यह शानदार रात सच में पुलवामा की थी क्योंकि इसने एक नया इतिहास लिखा.
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