टीम इंडिया का अगला सीजन बहुत चुनौतीपूर्ण है. इस साल के आखिर में भारत को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से बड़ी सीरीज खेलनी हैं, अगले साल के आखिर में विश्व कप को लेकर बीसीसीआई सहित पूरा सिस्टम सक्रिय हो चला है. बातें हाल ही में बहुत ही 'गंभीर' हो चली हैं, तो गौतम भी लंबे सक्रिय हो गए हैं. हाल ही में जियो-स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत गंभीर ने कई मुद्दों पर अपने दिल की बात कही. गौतम गंभीर ने जोर देकर कहा है कि भारत के टी20 सेटअप में छोटी-सी असफलता के बाद तुरंत घबराकर अचानक कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए. टीम का बचाव करते हुए भारतीय मुख्य कोच ने कहा, 'जरा सोचिए, दो साल के लिए हमने वर्ल्ड कप जीता.' इन खिलाड़ियों को दूसरा वर्ल्ड कप जीतने में 17 साल नहीं लगे. तीसरा वर्ल्ड कप जीतने में केवल 17 महीने लगे.'
'करियर का सबसे मुश्किल फैसला'
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20I मैचों की घरेलू सीरीज की शुरुआत से पहले
जब कोई खिलाड़ी 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहा हो और फिर आपको उसे तीन या चार मैचों के बाद बाहर करना पड़े. और इसकी वजह शायद यह थी कि वैभव भी उस तरह की फॉर्म में थे और हमें सीरीज जीतनी थी.'
'संजू ने बात को पॉजिटिव लिया'
गौतम बोले, 'क्योंकि आखिरकार आप वहां हैं और जब आप भारत के लिए खेल रहे हैं, या भारत को कोचिंग दे रहे हैं, तो आप हर एक सीरीज जीतना चाहते हैं, तो मैंने उनके साथ बहुत ही स्पष्ट और ईमानदार बातचीत की. मैंने उन्हें बताया कि इसका एक कारण यह भी है कि चूंकि वैभव उस फॉर्म में थे और हमें शीर्ष क्रम में रन बनाने वाले किसी खिलाड़ी की जरूरत थी. हमें शीर्ष पर थोड़ी वैसी शुरुआत की जरूरत थी और वह इससे ठीक थे. यह वह बातचीत थी जो मैंने और संजू ने की थी और उन्होंने इसे बहुत सकारात्मक रूप से लिया.'
'वैभव को इंतजार करना होगा'
साथ ही, गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में जगह पाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना होगा. 'मैं जानता हूं, यह (कठिन) है, लेकिन फिर मैंने उन्हें समझाया कि मैं जानता हूं कि आप अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन कभी-कभी उन खिलाड़ियों के साथ जिन्होंने लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन किया है, आपको अपने अवसर के लिए इंतजार करना होगा.'
'सोशल मीडिया XI तय नहीं करेगी'
क्योंकि अगर वैभव आज खेलते हैं, तो यह मेरे और उस खिलाड़ी के बीच एक कठिन बातचीत होगी जिसे हम बाहर करेंगे, चाहे वह अभिषेक हों या संजू. इसलिए हम अचानक उस कॉम्बिनेशन को नजरअंदाज नहीं कर सकते जिसने पिछले डेढ़ या दो सालों में ऐसा प्रभाव पैदा किया है कि तीन या चार असफलताओं के बाद हम उन्हें ड्रॉप कर दें और किसी ऐसे युवा खिलाड़ी को खिलाएं जो बहुत प्रतिभाशाली है और बहुत अच्छी फॉर्म में भी है.'
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