ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर और प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन में आवाज उठाने वाले सबसे नए क्रिकेटर हैं. इमरान भ्रष्टाचार के आरोपों में तीन साल से ज़्यादा समय से जेल में हैं. इमरान को अकेले रखा गया है, और इस साल की शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि उनकी दाईं आंख की रोशनी काफी कम हो गई है. हाल ही में, पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने आदेश दिया कि इमरान को जांच के लिए अस्पताल ले जाया जाए. हालांकि, बाद में पता चला कि उन्हें उस अस्पताल में नहीं ले जाया गया जिसकी सलाह दी गई थी. उन्हें जिस अस्पताल लेकर जाया गया, वहीं पर जल्दबाजी में उनका इलान किया गया. इसके बाद, 21 पूर्व क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को पत्र लिखकर उनसे पूर्व कप्तान के साथ अच्छा व्यवहार करने का आग्रह किया.
इस बीच पैट कमिंस ने जेल में बंद पाकिस्तानी दिग्गज इमरान खान को उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए. कमिंस पहले ऐसे सक्रिय क्रिकेटर बन गए हैं जिन्होंने इमरान खान को उचित चिकित्सा मुहैया कराने की अपील की है. इससे पहले भारत के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर सहित 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर इस पूर्व ऑलराउंडर के साथ मानवीय व्यवहार करने की मांग की थी.
पैट कमिंस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ग्रेग चैपल का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा,"मैं ग्रेग चैपल और दूसरे पूर्व इंटरनेशनल कप्तानों का समर्थन करता हूं. मुझे उम्मीद है कि कोर्ट के आदेश से हो रही मेडिकल जांच अपनी प्रक्रिया के अनुसार पूरी होगी और परिवार से मुलाक़ातें जारी रहेंगी. मुझे उम्मीद है कि इमरान खान के साथ वैसा ही सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा जिसके वे हकदार हैं."
चैपल ने 'द ग्रेड क्रिकेटर क्लिप्स' और 'द ग्रेड क्रिकेटर' के पॉडकास्ट में कहा,"फिलहाल उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है. शारीरिक तौर पर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी मिलना मुश्किल है, लेकिन मैंने कुछ दिन पहले एक वीडियो क्लिप देखी थी-शायद अस्पताल की उनकी हालिया यात्रा की-जिसमें उन्हें व्हीलचेयर पर बिठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था, और वे बिल्कुल भी ठीक नहीं लग रहे थे. वे मज़बूत नहीं दिख रहे थे. उन्हें देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि वे ज़्यादा चल-फिर सकते हैं."
चैपल ने आगे कहा,"मतलब, 73 साल की उम्र है, तो जाहिर है कि वह बूढ़े हो रहे हैं, लेकिन मैं उनसे 6 साल पहले पाकिस्तान में मिला था, और तब भी वह एक मजबूत और तंदुरुस्त थे. अब ऐसा नहीं है. उनकी दाईं आंख में शायद कोई तकलीफ़ हो गई है... उन्हें परेशानी हो रही है.वह 3 साल से अकेले (आइसोलेशन में) हैं." "मुझे नहीं पता कि कोई इससे कैसे निपटता है. इमरान शारीरिक और मानसिक रूप से उतने ही मज़बूत हैं जितने कि वे खिलाड़ी जिनके ख़िलाफ़ मैंने क्रिकेट खेला है. लेकिन मुझे नहीं पता कि आप 3 साल तक पूरी तरह अकेले रहने का सामना कैसे करते हैं. मुझे नहीं लगता कि उन्हें किताबें पढ़ने की इजाज़त है. उन्हें बस वहां बैठना होता है और खुद नहाना-धोना होता है. और वह ज़्यादातर समय अंधेरे में रहते हैं."
इस बीच इमरान के बेटों सुलेमान और कासिम ने उनकी सुरक्षा को लेकर आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें जान से मारने की कोशिशें की जा रही हैं. कमिंस ने कहा कि इमरान के परिवार को उनसे मिलने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए.
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