- पश्चिम बंगाल में यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच जुबानी विवाद जारी
- अजय पाल शर्मा ने जहांगीर खान को पहले चेतावनी दी थी, जिसके बाद जहांगीर ने भी जवाब दिया है
- जहांगीर खान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का क्षेत्र है, न कि मुख्यमंत्री योगी का
पश्चिम बंगाल में चुनावी जंग के माहौल में यूपी के आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच जुबानी जंग थमती नहीं दिख रही है. इस मामले में पहले शर्मा ने जहांगीर खान को चेतावनी दी. अब जहांगीर खान ने भी उन्हें जवाब दिया है और सीधे-सीधे अजय पाल शर्मा को चेतावनी दी है. जहांगीर ने एनडीटीवी संग एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए कहा कि ये सीएम योगी का इलाका नहीं बल्कि ममता बनर्जी का है. ये यूपी नहीं है और न ही यहां यूपी का कल्चर है यहां पर बंगाल का कल्चर है. इधर कोई सिंघम नहीं चलेगा. अगर वो सिंघम है तो मैं भी पुष्पा हूं.
अजय पाल की चेतावनी के बाद छिड़ी जुबानी जंग
पश्चिम बंगाल में चुनाव में अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना जिले में बतौर पर्यवेक्षक तैनात किया गया है. दक्षिण 24 परगना ममता का गढ़ है. शर्मा ने वहां अपनी ड्यूटी के दौरान फाल्टा सीट से टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी. ऐसा बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जहांगीर खान के समर्थक लोगों को डरा रहे हैं. इसी सिलसिले में अजय पाल शर्मा 27 अप्रैल को केंद्रीय सुरक्षाबलों के साथ जहांगीर खान के घर गए. यहां पहुंचकर उन्होंने कहा,"अगर किसी ने बदमाशी की तो कायदे से इलाज किया जाएगा. जहांगीर के घर वाले भी खड़े हैं. उसके बता देना कायदे से. ये बार-बार जो खबर आ रही है कि जहांगीर के लोग धमका रहे हैं तो फिर अच्छे से खबर लेंगे. फिर बाद में रोना और पछताना मत करना."
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हम डरने वाले नहीं है...जहांगीर
इस मामले पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की है. फाल्टा विधानसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कल दोपहर करीब 3 बजे, वह यहां आए और पार्टी ऑफिस में धमकाने की कोशिश की. फिर वह मेरे घर गए और मेरे परिवार को धमकाने की कोशिश की. क्या यही एक पुलिस ऑब्जर्वर का फर्ज है? अगर उन्हें कुछ कहना है, तो उन्हें पुलिस अधिकारियों को बताना चाहिए. जहांगीर ने कहा कि चुनाव आयोग का ऐसा कोई नियम नहीं है, जो यह कहता हो कि कोई पुलिस ऑब्जर्वर लोगों के घरों में जाकर उन्हें धमका सकता है. भाजपा की मदद करने के लिए ये लोग गैर-कानूनी काम कर रहे हैं. वे टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं को धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि वे जीत नहीं पाएंगे, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं.
जहांगीर ने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, लेकिन यहां वह भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है. अगर पुलिस ऑब्जर्वर को किसी जानकारी की जरूरत थी, तो वे उसे स्थानीय एसपी से हासिल कर सकते थे. लेकिन ऐसा करने के बजाय, वे सीधे तौर पर दबाव बनाने और धमकियां देने की कोशिश कर रहे हैं. इससे कोई मकसद पूरा नहीं होगा.
(आईएएनएस इनपुट्स के साथ)
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