देश की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकरेज कंपनियों में से एक जेरोधा (Zerodha) अब एक बड़े नए बिजनेस में कदम रखने जा रही है. स्टॉक मार्केट रेगुलेटर SEBI ने जेरोधा को मर्चेंट बैंकिंग का लाइसेंस दे दिया है. इस ग्रीन सिग्नल के बाद कंपनी अगले एक से दो महीनों में अपना यह नया काम शुरू करने की तैयारी कर रही है.
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में कामथ ब्रदर्स का बड़ा दांव
नितिन कामथ और निखिल कामथ द्वारा शुरू की गई जेरोधा लगातार अपने बिजनेस को बढ़ा रही है. शेयर ब्रोकिंग में बड़ी सफलता के बाद अब कंपनी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग बिजनेस में एंट्री कर रही है. जेरोधा कॉर्पोरेट एडवाइजर्स के होल-टाइम डायरेक्टर मोहित मेहरा ने बताया कि यह लाइसेंस मिलना उनके बिजनेस की एक नेचुरल ग्रोथ है.
IPO और एडवाइजरी सर्विस पर रहेगा फोकस
ब्रोकरेज कंपनी शुरुआत में इक्विटी कैपिटल मार्केट पर ध्यान देगी. इसका मतलब है कि जेरोधा अब कंपनियों के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO, फॉलो-ऑन इश्यूज (FPO) और इससे जुड़ी एडवाइजरी सर्विस देने का काम करेगी. मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस मिलने से अब जेरोधा कंपनियों को शेयर बाजार से फंड जुटाने में मदद कर सकेगी.
सस्ती दरों और बिना दबाव वाला मॉडल
जिस तरह जेरोधा ने शेयर ब्रोकिंग के सेक्टर में कम ब्रोकरेज और साफ-सुथरे तरीके से एक अलग पहचान बनाई है, वही मॉडल वह इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में भी अपनाएगी. मोहित मेहरा के मुताबिक, कंपनी का मकसद ग्राहकों को बिना किसी फालतू दबाव के लो कॉस्ट सर्विस देना है.इसका फायदा फंड जुटाने वाली कंपनियों और आम निवेशकों दोनों को मिलेगा.
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में कई नई कंपनियां अपना IPO लाने की तैयारी में हैं. ऐसे में जेरोधा के इस बिजनेस में उतरने से मर्चेंट बैंकिंग और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के सेक्टर में मुकाबला और दिलचस्प हो जाएगा.
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