विज्ञापन

2006 में लगाए थे 5 लाख, आज 40 लाख हो गए! 20 साल में शेयर मार्केट ने करा दी 8 गुना कमाई

FundsIndia की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय शेयर बाजार ने 1990 से अब तक पैसों को 80 गुना बढ़ाया. जानें क्यों 7 साल से ज्यादा का निवेश आपको बना सकता है मालामाल और कौन से सेक्टर ने दिया सबसे ज्यादा रिटर्न.

2006 में लगाए थे 5 लाख, आज 40 लाख हो गए! 20 साल में शेयर मार्केट ने करा दी 8 गुना कमाई
Stock Market Return in india: पिछले 20 सालों में मिडकैप सेगमेंट ने 14 प्रतिशत की दर से रिटर्न दिया है.
नई दिल्ली:

अगर आप शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर डर जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा  कॉन्फिडेंस बूस्टर साबित हो सकती है. एक नई रिपोर्ट ने साबित कर दिया है कि भारतीय शेयर बाजार वाकई में पैसा बनाने की मशीन है. फंड्सइंडिया की ‘वेल्थ कन्वर्सेशन रिपोर्ट' के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार ने पिछले 20 सालों में निवेशकों की किस्मत बदल दी है. आइए जानते हैं कि पिछले दशकों में बाजार ने आपकी दौलत को कितनी रफ्तार से बढ़ाया है और कौन से सेक्टर ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है.

1990 से अब तक 80 गुना बढ़ा पैसा

बाजार के ऐतिहासिक आंकड़े किसी को भी हैरान कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1990 से अब तक इक्विटी मार्केट ने करीब 80 गुना का रिटर्न दिया है. इसका मतलब है कि निवेशकों को सालाना औसतन 13 प्रतिशत का शानदार रिटर्न मिला है. अगर हम सिर्फ पिछले 20 सालों की बात करें, तो भारतीय इक्विटी ने 11-12 प्रतिशत की वार्षिक दर (CAGR) से ग्रोथ दिखाई है, जिसमें निफ्टी 50 ने निवेशकों की संपत्ति को 8 गुना से भी ज्यादा बढ़ा दिया है.

Latest and Breaking News on NDTV

बहुत से लोग बाजार की गिरावट देखकर घबरा जाते हैं, लेकिन रिपोर्ट कहती है कि यह निवेश का एक स्वाभाविक हिस्सा है. ऐतिहासिक रूप से देखें तो बाजार में हर साल 10-20 प्रतिशत की गिरावट आती ही है. इसके बावजूद, पिछले सालों में से करीब 80 प्रतिशत साल ऐसे रहे हैं जिनका अंत मुनाफे के साथ हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, हर 7-10 साल में एक बार 30-60 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आती है, लेकिन अगले 1 से 3 साल में बाजार न सिर्फ रिकवर करता है, बल्कि जबरदस्त उछाल भी मारता है.

मिडकैप और स्मॉलकैप में कमाई की ज्यादा रफ्तार

अगर आप रिस्क लेने को तैयार हैं, तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने लॉन्ग टर्म में लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन किया है. पिछले 20 सालों में मिडकैप सेगमेंट ने 14 प्रतिशत की दर से रिटर्न दिया है. हालांकि,  इन शेयरों में गिरावट भी उतनी ही तेज और बार-बार आती है, इसलिए एक्सपर्ट्स का कहना है कि आपकतो पोर्टफोलियो में बैलेंस बनाए रखना चाहिए

डबल-डिजिट रिटर्न के लिए 7 साल का निवेश वाला 'जादुई' फॉर्मूला

डाटा बताता है कि आप जितने लंबे समय तक निवेशित रहेंगे, नुकसान की संभावना उतनी ही कम होगी. अगर कोई निवेशक 7 साल से ज्यादा समय तक इक्विटी में टिका रहता है, तो उसे डबल-डिजिट (10%+) रिटर्न मिलने की संभावना बहुत बढ़ जाती है. दिलचस्प बात यह है कि 7 साल से ज्यादा के निवेश में कई मामलों में कभी भी नेगेटिव रिटर्न देखने को नहीं मिला है.

सोना, रियल एस्टेट या शेयर बाजार... कहां है ज्यादा फायदा?

रिपोर्ट ने निवेश के अलग-अलग ऑप्शन की तुलना की है. इसमें पाया गया कि लॉन्ग टर्म  में इक्विटी ने महंगाई, फिक्स्ड डिपॉजिट, सोना और यहां तक कि रियल एस्टेट को भी पीछे छोड़ दिया है. जहां रियल एस्टेट ने औसतन 7-8 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, वहीं इक्विटी इससे कहीं आगे रही है. ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि अनुशासन के साथ SIP और STP के जरिए निवेश करना लंबी अवधि में वेल्थ बनाने का सबसे सुरक्षित रास्ता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com