विज्ञापन

Share Market: भारत-अमेरिका ट्रेड डील से खुलते ही रॉकेट बना शेयर बाजार, रुपया भी खुशी से झूमा

भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ डील पर सहमति से शेयर बाजार में जोरदार उछाल आया. सेंसेक्स ने 3800 अंक की छलांग लगाई और निफ्टी भी 1500 अंक बढ़ा.

Share Market: भारत-अमेरिका ट्रेड डील से खुलते ही रॉकेट बना शेयर बाजार, रुपया भी खुशी से झूमा

भारत‑अमेरिका के बीच टैरिफ डील पर बनी सहमति से शेयर बाजार में जबरदस्‍त उत्‍साह देखा गया. मंगलवार को शेयर बाजार जोरदार उछाल के साथ खुले. प्री-ओपनिंग सेशन में ही सेंसेक्स ने 3,800 अंकों की ऐतिहासिक छलांग लगाई, वहीं निफ्टी में भी 1,500 अंकों के साथ बड़ा उछाल देखा गया. ट्रेड डील फाइनल होने के फैसले को निवेशकों ने दोनों हाथों से लिया और बाजार खुलते ही खरीदारी इतनी तेज रही कि शुरुआती कुछ मिनटों में ही ऑटो, फार्मा, टेक्‍सटाइल समेत सभी सेक्टर्स हरे निशान में पहुंच गए. मंगलवार को रुपया भी बड़ी मजबूती के साथ खुला. 

ये भी पढ़ें: 5 दिन से गिर रहे सोने-चांदी में टैरिफ डील के बाद आज आया उछाल, जानें कितने बढ़ गए दाम

मंगलवार को BSE सेंसेक्स अपने पिछली क्‍लोजिंग से करीब 3,657 अंक उछलकर 85,323.20 पर खुला, तो वहीं NSE निफ्टी अपने पिछले क्लोजिंग से 1,219.65 अंकों की बढ़त के साथ 26,308.05 पर खुला. सुबह करीब 9.31 बजे 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 2254 अंकों यानी 2.76 प्रतिशत की तेजी के साथ 83,920.51 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं NSE निफ्टी 691.30 (2.76 प्रतिशत) अंकों की उछाल के साथ 83,920.51 पर था. इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए. कारोबार के दौरान जहां सेंसेक्स ने 85,871.73 का हाई स्तर छुआ, वहीं निफ्टी ने 26,341.20 का स्तर छुआ.

इन सेक्‍टर्स में दिखी तेजी 

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप दोनों में 4 प्रतिशत की शानदार तेजी देखने को मिली. वहीं विभिन्न सेक्टर्स में निफ्टी ऑटो, आईटी, मेटल, बैंक, पीएसयू बैंक और फार्मा में 3 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई.

इस दौरान सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 में तेजी देखी गई, जिनमें अदाणी पोर्ट्स में सबसे ज्यादा 6.89 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. इसके बाद बजाज फाइनेंस (4.90 प्रतिशत), इंडिगो (4.66 प्रतिशत), बजाज फिनसर्व (4.39 प्रतिशत), इटरनल (4.16 प्रतिशत), एल एंड टी (3.70 प्रतिशत) और सन फार्मा (3.63 प्रतिशत) टॉप गेनर्स में शामिल रहे. सिर्फ आईटीसी के शेयरों में गिरावट देखी गई.

1.2% मजबूत होकर 90.4 तक पहुंचा रुपया

टैरिफ डील का सकारात्मक असर फॉरेक्स मार्केट में भी दिखा. मार्केट खुलते ही रुपया 1.2% मजबूत होकर सोमवार के 91.52 के स्तर से उछलकर 90.4 तक पहुंच गया. यह पिछले कई महीनों में रुपया‑डॉलर बाजार की सबसे मजबूत शुरुआती चालों में से एक रही. निवेशकों के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ में कमी से भारत के निर्यात और विदेशी पूंजी प्रवाह पर सकारात्मक असर होगा, जिससे रुपया और भी मजबूत रह सकता है.

अमेरिका ने 25% से घटाकर 18% किया टैरिफ 

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बनी सहमति से भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ा उछाल आया है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है. ट्रंप के इस ऐलान से भारत के विदेशी व्यापार को लेकर उम्‍मीदें जगी हैं. जल्द ही इस ट्रेड डील की तस्‍वीर साफ होने की उम्‍मीद की जा रही है. आज मंगलवार को शेयर बाजार पर इसी का असर देखा गया.   

शेयर बाजार में लौटी रौनक 

भारतीय शेयर बाजार लंबे समय से अमेरिकी टैरिफ का दबाव झेल रहे शेयर बाजार में रौनक लौटी है. जानकारों ने बताया था कि खासतौर से एक्‍सपोर्ट से जुड़े सेक्‍टर्स, जैसे ऑटो, टेक्‍सटाइल, फार्मा, सीफूड, कंज्‍यूमर गुड्स से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है. वहीं, इससे उलट, जिन सेक्‍टर्स पर अमेरिकी आयात बढ़ने का खतरा है, वहां थोड़ा दबाव भी बन सकता है. 

भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है अमेरिका 

अमेरिका, भारत का एक बड़ा ट्रेड पार्टनर है. खासतौर से ऑटो पार्ट्स, फार्मा, टेक्‍सटाइल्‍स, जेम्‍स एंड ज्‍वैलरी जैसे कई सेक्टर की कंपनियों की मोटी कमाई अमेरिकी बाजार से होती रही है. एक्‍सपोर्ट ओरिएंटेड सेक्‍टर्स के लिए टैरिफ 25% से घटकर 18% होना सीधे तौर पर फायदेमंद साबित होगा. भारतीय एक्‍सपोर्टर्स यानी निर्यातकों के प्रॉडक्‍ट्स अमेरिकी उपभोक्‍ताओं को सस्ते पड़ेंगे, जिससे भारतीय एक्‍सपोर्ट में तेजी आ सकती है. इससे अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड डेफिसिट यानी व्‍यापार घाटा भी काफी कंट्रोल होगा.  

वेनेजुएला से तेल आयात का असर! 

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करेगा और उसकी बजाय अमेरिका और वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा. जानकारों के मुताबिक, अगर ऐसा होता है तो भारत के तेल आयात की तस्‍वीर बदल सकती है. हालांकि अमेरिकी तेल आमतौर पर रूसी तेल के मुकाबले महंगा होता है. हालांकि वेनेजुएला से आयात होने वाला तेल सस्‍ता हो सका है.

ये भी पढ़ें: टैरिफ डील: कार से लेकर कपड़ों तक, टैरिफ में 32% की राहत से भारत के किन सेक्‍टर्स को होगा बड़ा फायदा?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com