भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बनी सहमति से भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ा उछाल आया है. बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 3,800 अंक का उछाल देखा गया, वहीं निफ्टी में भी 1,500 प्वाइंट्स का उछाल देखा गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है. ट्रंप के इस ऐलान से भारत के विदेशी व्यापार को लेकर उम्मीदें जगी हैं. जल्द ही इस ट्रेड डील की तस्वीर साफ होने की उम्मीद की जा रही है. आज मंगलवार को शेयर बाजार पर इसी का असर देखा गया.
गिफ्ट निफ्टी ने ही दे दिया था संकेत
मंगलवार सुबह 8:45 बजे गिफ्ट निफ्टी 286 अंकों के उछाल के साथ 26,150 पर ट्रेड करता दिखा. इससे पहले गिफ्ट निफ्टी ने 26,500 तक का हाई भी छुआ. इसने संकेत दिया है कि भारतीय शेयर बाजार उछाल के साथ खुल सकते हैं.
सोमवार को कैसा था शेयर बाजार का हाल?
इससे पहले सोमवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे. सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,666.46 और निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,088.40 पर बंद हुआ था. इस दौरान निफ्टी ऑटो 2.13 प्रतिशत बढ़त के साथ क्लोज हुआ था. निफ्टी इन्फ्रा (2.26 प्रतिशत), निफ्टी ऑयलएंडगैस (2.04 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (2.04 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (1.88 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (1.87 प्रतिशत) की तेजी के साथ बंद हुआ था.
शेयर बाजार में लौटी रौनक
भारतीय शेयर बाजार लंबे समय से अमेरिकी टैरिफ का दबाव झेल रहे शेयर बाजार में रौनक लौटी है. जानकारों ने बताया था कि खासतौर से एक्सपोर्ट से जुड़े सेक्टर्स, जैसे ऑटो, टेक्सटाइल, फार्मा, सीफूड, कंज्यूमर गुड्स से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है. वहीं, इससे उलट, जिन सेक्टर्स पर अमेरिकी आयात बढ़ने का खतरा है, वहां थोड़ा दबाव भी बन सकता है.
भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है अमेरिका
अमेरिका, भारत का एक बड़ा ट्रेड पार्टनर है. खासतौर से ऑटो पार्ट्स, फार्मा, टेक्सटाइल्स, जेम्स एंड ज्वैलरी जैसे कई सेक्टर की कंपनियों की मोटी कमाई अमेरिकी बाजार से होती रही है. एक्सपोर्ट ओरिएंटेड सेक्टर्स के लिए टैरिफ 25% से घटकर 18% होना सीधे तौर पर फायदेमंद साबित होगा. भारतीय एक्सपोर्टर्स यानी निर्यातकों के प्रॉडक्ट्स अमेरिकी उपभोक्ताओं को सस्ते पड़ेंगे, जिससे भारतीय एक्सपोर्ट में तेजी आ सकती है. इससे अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड डेफिसिट यानी व्यापार घाटा भी काफी कंट्रोल होगा.
वेनेजुएला से तेल आयात का असर!
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करेगा और उसकी बजाय अमेरिका और वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा. जानकारों के मुताबिक, अगर ऐसा होता है तो भारत के तेल आयात की तस्वीर बदल सकती है. हालांकि अमेरिकी तेल आमतौर पर रूसी तेल के मुकाबले महंगा होता है. हालांकि वेनेजुएला से आयात होने वाला तेल सस्ता हो सका है.
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