8th Pay Commission: देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है. सरकार ने 8वें वेतन आयोग की वेबसाइट (8th Central Pay Commission Website) लॉन्च कर दी है, जिस पर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और मंत्रालयों से सेलरी, पेंशन, इंक्रीमेंट जैसे विषयों पर सुझाव मांगे हैं. सैलरी कैस तय की जाए, कितनी बढ़ाई जाए, फिटमेंट फैक्टर क्या रखा जाए... ऐसे कई और सवालों के जवाब के तौर पर सुझाव मांगे गए हैं. अगर आप भी केंद्रीय कर्मी हैं तो आप अपना सुझाव 8वें वेतन आयोग को भेज सकते हैं. आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी. आयोग ने ये बात स्पष्ट कर दी है.
कब तक और कैसे भेजना है सैलरी-पेंशन पर सुझाव?
8वें वेतन आयोग की वेबसाइट के अनुसार अपने सुझाव भेजने की आखिरी तारीख 16 मार्च, 2026 है. सुझाव भेजने का तरीका भी बताया गया है. अगर आप 8वें वेतन आयोग को अपना सुझाव देना चाहते हैं तो आपको MyGov पोर्टल पर जाकर सुझाव देना है.

आप myGov की वेबसाइट पर जाकर संबंधित लिंक ( https://www.mygov.in/mygov-survey/8th-central-pay-commission-questionnaire/) पर क्लिक कर अपने सुझाव दे सकते हैं. यहां 18 तरह के सवाल हैं, जिनपर आप अपने सुझाव दे सकते हैं. पे कमीशन ने कहा है कि सभी जवाब MyGov पोर्टल के जरिए ही दिए जाएं. ईमेल पर या अन्य तरीकों से भेजे गए सुझावों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा.
कौन-कौन दे सकता है सुझाव?
8वें वेतन आयोग की वेबसाइट का URL- https://8cpc.gov.in/ है, जिस पर क्लिक कर के आप यहां काफी कुछ देख सकते हैं. 8वें वेतन आयोग ने मंत्रालयों, विभागों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, सरकारी कर्मचारियों, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों, न्यायिक अधिकारियों, अदालतों के अधिकारियों/कर्मचारियों, नियामक निकायों के सदस्यों, सेवारत या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संघों या यूनियनों, पेंशनभोगियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और व्यक्तियों से जवाब मांगे हैं.

FNPO की मांग- अलग-अलग हो फिटमेंट फैक्टर
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO) ने पिछले दिनों सरकार के समक्ष वेतन वृद्धि को लेकर एक नया खाका पेश किया है. संगठन की ये मांगें अगर स्वीकार की जाती हैं, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम और अधिकतम बेसिक सैलरी में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिल सकता है.
फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट पर जोर
FNPO ने मांग रखी है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 3.0 से बढ़ाकर 3.25 किया जाए. इसके साथ ही, कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 5% करने का सुझाव दिया गया है. संगठन का मानना है कि इससे निचले और मध्यम स्तर के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होगा.
लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी ₹58,500 होने का अनुमान
संगठन के प्रस्ताव के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर में बदलाव का सबसे बड़ा असर बेसिक सैलरी पर पड़ेगा. उदाहरण के लिए, यदि वर्तमान में लेवल-1 (जैसे चपरासी) की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो 3.25 के फिटमेंट फैक्टर के लागू होने पर यह बढ़कर 58,500 रुपये तक पहुंच सकती है.
अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का सुझाव
FNPO ने 'समान फिटमेंट फैक्टर' के बजाय सभी लेवल के लिए अलग-अलग (Multi-level) फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है:
- लेवल 1 से 5 (ग्रुप C और D): 3.00 का फिटमेंट फैक्टर.
- लेवल 6 से 12: 3.05 से 3.10 तक.
- सीनियर अधिकारी (लेवल 13 से 15): 3.05 से 3.15 तक.
- उच्च स्तर (लेवल 16 और ऊपर): 3.20 से 3.25 तक.
- कैबिनेट सेक्रेटरी की सैलरी ₹8 लाख के पार संभव
- लेवल-1: ₹54,000 बेसिक सैलरी.
- लेवल-5: ₹87,600 बेसिक सैलरी.
- लेवल-10 (ग्रुप A एंट्री): लगभग ₹1.73 लाख.
- कैबिनेट सेक्रेटरी (लेवल-18): इनकी बेसिक सैलरी करीब ₹8.12 लाख तक पहुंच सकती है.
एक्रोयड फॉर्मूला पर आधारित गणना
FNPO के अनुसार, यह मांग एक्रोयड फॉर्मूला (Aykroyd Formula) पर आधारित है. इसमें एक 4 सदस्यीय परिवार की बुनियादी जरूरतों जैसे भोजन, कपड़ा, आवास और अन्य अनिवार्य खर्चों को ध्यान में रखा गया है. संगठन का तर्क है कि महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों के जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए यह वृद्धि जरूरी है.
25 फरवरी को होने वाली अहम बैठक पर नजर
FNPO के जनरल सेक्रेटरी शिवाजी वासिरेड्डी ने स्पष्ट किया कि ये सुझाव 8वें वेतन आयोग के ड्राफ्ट का मुख्य हिस्सा हैं. आगामी 25 फरवरी 2026 को NC-JCM की बैठक होनी निर्धारित है. इस बैठक के बाद अंतिम सिफारिशें 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी जाएंगी.
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