Retirement Planning: क्या आपने कभी सोचा है कि जब आपकी नौकरी छूटेगी या आप रिटायर होंगे, तो आपके घर का खर्च कैसे चलेगा. रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोगों की कमाई धीरे-धीरे घटती जाती है. लेकिन अगर आप चाहते हैं कि नौकरी के बाद भी हर महीनेएक फिक्स इनकम पैसे आते रहे तो इसके लिए समय रहते रिटायरमेंट प्लानिंग करना जरूरी है. अगर आप 60 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं और उसके बाद हर महीने ₹50,000 की इनकम पाने की सोच रहे हैं, तो आपको अभी से निवेश शुरू कर देना चाहिए. अच्छी बात यह है कि कम उम्र में निवेश शुरू करने पर हर महीने कम पैसे लगाकर भी रिटायरमेंट के लिए एक मोटा फंड बनकर तैयार हो सकता है.
किस उम्र में कितना करना होगा निवेश?
अगर निवेश पर सालाना 12% रिटर्न मिलता है, महंगाई 6% रहती है और जीवन प्रत्याशा 85 साल मानी जाए, तो उम्र के हिसाब से निवेश का अनुमान इस तरह है.
रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹50,000 की रेगुलर इनकम के लिए 20 साल की उम्र से लगभग ₹13,114 प्रति माह निवेश करना होगा, जिससे 60 की उम्र तक ₹15.42 करोड़ का बड़ा फंड बन सकता है.
अगर निवेश 30 की उम्र में शुरू करेंगे तो ₹24,650 और 35 साल की उम्र में हर महीने करीब ₹34,265 निवेश करना पड़ेगा. वहीं, 40 की उम्र में शुरू करने पर हर महीने ₹48,630 तक निवेश करना पड़ेगा.
हालांकि, ये अनुमान दिए गए पुराने रिटर्न और निवेश फंड के आंकड़े पर आधारित हैं. असली रिटर्न बाजार और निवेश के ऑप्शन के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है.
रिटायरमेंट के बाद कैसे मिलेगी हर महीने इनकम?
रिटायरमेंट के बाद जमा किए गए पैसे से रेगुलर इनकम पाने के लिए सिस्टमेटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) एक स्मार्ट ऑप्शन है. इसमें म्यूचुअल फंड से हर महीने या तिमाही तय रकम निकाली जा सकती है. हालांकि, विड्रॉल के साथ फंड की वैल्यू घट भी सकती है और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती.
SIP, NPS और PPF में भी कर सकते हैं निवेश?
रिटायरमेंट के लिए सिर्फ एक ऑप्शन पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जरूरत और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से निवेश की रकम को SIP, NPS और PPF में बांटना बेहतर हो सकता है.
- SIP म्यूचुअल फंड में हर महीने तय रकम निवेश करने का तरीका है. इसमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती.
- NPS रिटायरमेंट के लिए बनाया गया निवेश ऑप्शन है, जिसमें नियमों के मुताबिक जमा रकम का इस्तेमाल किया जाता है.
- PPF लॉन्ग टर्म सेविंग के लिए बेस्ट ऑप्शन है, जिस पर सरकार तय दर से ब्याज देती है.
- नौकरी के दौरान EPF के जरिए भी सेविंग की जा सकती है. इसके अलावा आप बॉन्ड को भी पोर्टफोलियो का हिस्सा बना सकते हैं.
इन बातों का भी रखें खास ध्यान
नियम के मुताबिक, मौजूदा मंथली खर्च का करीब 300 गुना रिटायरमेंट फंड बनाने का लक्ष्य रख जा सकता है. हालांकि, सही रकम आपकी जरूरतों और महंगाई पर निर्भर करेगी. आप घर के खर्च, परिवार की जरूरतों और इलाज के लिए होने वाले खर्च का अनुमान भी लगाएं. साथ ही, इमरजेंसी फंड और हेल्थ इंश्योरेंस की व्यवस्था अलग रखें, ताकि अचानक आने वाले खर्चों के लिए रिटायरमेंट सेविंग न निकालनी पड़े. इसलिए निवेश की योजना बनाते समय रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले रिटर्न, टैक्स और विड्रॉल को भी ध्यान में रखें.
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