RBI MPC Meet 2024: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (Monetary Policy Committee) की बैठक आज यानी 7 अक्तूबर से शुरू हो रही है. ये तीन दिवसीय बैठक 7 अक्टूबर से शुरू हो रही है और 9 अक्टूबर को समिति के फैसलों की घोषणा की जाएगी. आरबीआई की नीतिगत दरों में बदलाव से आपकी जेब पर सीधा असर पड़ता है. क्या आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती होगी? आपका होम लोन (Home Loan) या कार लोन (Car Loan) सस्ता होगा या महंगा? जानिए इस फैसले का आपके बजट पर क्या असर पड़ेगा.
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (RBI MPC Meeting) की 7 से 9 अक्टूबर को होने वाली बैठक में रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद नहीं है. इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट ने रविवार को यह बात कही.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के मुख्य निवेश अधिकारी और अध्यक्ष अजित बनर्जी ने कहा, "हमें लगता है कि एमपीसी की बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखा जाएगा. रेपो रेट में कमी तब शुरू होगी, जब यह विश्वास आ जाएगी कि महंगाई नियंत्रण में है." उन्होंने कहा कि फिलहाल देश की विकास दर में गिरावट की आशंका नहीं है.
अगस्त में खुदरा महंगाई दर 3.65 प्रतिशत रही
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में खुदरा महंगाई दर 3.65 प्रतिशत रही थी.चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही है. इसकी वजह आम चुनाव के कारण सरकारी खर्च में कमी है. वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में सरकारी खर्च दोबारा शुरू हो गया है. ऐसे में विकास दर बढ़ने की उम्मीद है.
एसबीएम बैंक इंडिया के ट्रेजरी हेड मंदार पितले ने कहा कि आरबीआई एमपीसी द्वारा वैश्विक कारकों जैसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई के ग्राफ और ब्याज दरों को लेकर हाल में लिए गए निर्णय तथा अनिश्चितता के बीच निकट भविष्य में अपेक्षित दर में बदलाव की आशंका पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद है.
फरवरी 2023 के बाद से रेपो रेट में बदलाव नहीं
इससे पहले अगस्त में हुई पिछली बैठक में समिति ने रेपो रेट 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा था. आरबीआई ने फरवरी 2023 के बाद से रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं