अगर आपका होम लोन, कार लोन या दूसरा कोई फ्लोटिंग रेट लोन चल रहा है तो अगले तीन दिन आपके लिए अहम हैं. भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिन की बैठक सोमवार से शुरू हो गई है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इस बार रेपो रेट में बदलाव होगा और क्या आपकी EMI सस्ती होगी.
बुधवार को आएगा बड़ा फैसला
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा बुधवार सुबह 10 बजे MPC बैठक के फैसलों का ऐलान करेंगे. इस बैठक में रेपो रेट के साथ-साथ देश की इकोनॉमी की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा होगी. रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर बैंकों की लेंडिंग रेट और लोन की EMI पर पड़ता है.
एक्सपर्ट्स को क्यों नहीं रेट कट की उम्मीद
दुनिया इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है. क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची हैं. कई देशों के सेंट्रल बैंक ब्याज दरें बढ़ा रहे हैं. बॉन्ड यील्ड भी ऊंचे स्तर पर है. ऐसे माहौल में कई एनालिस्ट्स का मानना है कि RBI इस बार रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रख सकता है. SBI रिसर्च का भी कहना है कि अगली पॉलिसी में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है. रिपोर्ट के मुताबिक अगले दो तिमाहियों में CPI महंगाई 5% से ऊपर रह सकती है. वहीं घरेलू इकोनॉमी में मजबूती के संकेत भी मिले हैं.
इकोनॉमी मजबूत, लेकिन चुनौतियां अब भी बरकरार
SBI रिसर्च के मुताबिक FY27 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 7% से ज्यादा रह सकती है. यह पहले के अनुमान से बेहतर है. हालांकि क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव. रुपये पर दबाव और विदेशी निवेश के फ्लो में बदलाव जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं. इसलिए RBI की तरफ से बहुत नरम रुख अपनाने की उम्मीद कम है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जुलाई में मजबूत कैपिटल फ्लो. विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार. अच्छा मानसून और जलाशयों का लगभग सामान्य स्तर घरेलू इकोनॉमी के लिए सकारात्मक संकेत हैं.
इससे पहले जून में हुई MPC बैठक में भी RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा था. साथ ही अपनी पॉलिसी स्टांस को न्यूट्रल रखा था. हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव को देखते हुए RBI ने FY27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान संशोधित करके 6.6% कर दिया था.
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