पीएफ लोगों के इमरजेंसी में काम आने वाली सुविधा है. इसके लिए EPFO भी ग्राहकों की समस्या को दूर करने के लिए लगातार नए नियम ला रही है. जैसे अभी EPFO 3.0 लागू होने वाला है. इसके आ जाने के बाद अपने पीएफ से पैसा निकालना आसान तो होगा ही साथ में तेजी से प्रोसेस भी होगा. पर टैक्स के नियम अब पहले के जैसे ही बने हुए हैं. ऐसे में अगर बिना इन नियमों की जानकारी के पीएफ निकालते हैं तो टैक्स के तौर पर एक बड़ा झटका लग सकता है. चलिए पूरा मामला समझने की कोशिश करते हैं.
क्या है EPFO 3.0?
ईपीएफओ 3.0 को पीएफ का एक टेक वर्जन कह सकते हैं. इसके आने के बाद कई दिन का इंतजार पीएफ अमाउंट के लिए नहीं करना होगा. क्लेम 3 दिन के अंदर सेटल हो जाया करेगा. इसके अलावा क्लेम के ऑटो सेटलमेंट की लिमिट अब 5 लाख रुपये तक कर दी है. अब तो जल्द ही यूपीआई और एटीएम कार्ड से रियल टाइम में पीएफ निकाल सकते हैं. लेकिन जितने नियम आसान हुए हैं उतना ही दूसरी तरफ टैक्स डिपार्टमेंट सख्त हुआ है.
पीएफ निकालने से पहले टैक्स के नियम समझ लीजिए
- पहला सिंपल नियम है कि 5 साल की नौकरी अगर पूरी हो गई है तो बिना किसी टैक्स के पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं. पूरी निकासी पर एक रुपये भी टैक्स नहीं देना होता.
- दूसरा नियम है अगर 5 साल से पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा पीएफ का अमाउंट निकालते हैं और पैन कार्ड पीएफ के साथ अटैच किया हुआ है तो, 10% का टीडीएस आपको चुकाना होगा.
- तीसरा नियम 5 साल से पहले 50 हजार रुपये निकाले और पैन कार्ड भी पीएफ के साथ अटैच नहीं है तो, 20 से 30% तक टैक्स डिपार्टमेंट टी़डीएस के तौर पर काट लेगा. इतना ही नहीं इस निकाले गए अमाउंट को साल की टोटल इनकम में जोड़ दिया जाएगा और टैक्स स्लैब के हिसाब से इस पर टैक्स कैलकुलेट होगा.
टीडीएस से बचने के लिए कौन सा फॉर्म भरें
अगर 50 हजार से नीचे का अमाउंट आप निकाल रहे हैं तो डिपार्टमेंट को इसके बारे में बताना जरूरी है. इसके लिए फॉर्म 15G/15H या फॉर्म 121 भरकर TDS कटने से रोक सकते हैं.
ये वो नियम हैं, जिनके बारे में जानकारी हर पीएफ होल्डर्स को होनी ही चाहिए. जानकारी के अभाव में टैक्स का बोझ जेब पर पड़ सकता है. साथ ही अगर अभी तक आपने पैन कार्ड ईपीएफओ के साथ अटैच नहीं किया है तो तुरंत ही कर लें.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं