LPG Price Hike: क्या आने वाले दिनों में रसोई गैस का सिलेंडर महंगा हो सकता है? मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव और फ्यूल सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार एक बड़े फ्यूल रिजर्व प्लान पर काम कर रही है.रॉयटर्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत पहली बार कच्चे तेल (Crude Oil) के साथ-साथ एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) का भी रणनीतिक भंडार (Strategic Reserve) बनाया जाएगा. इस पूरी योजना के लिए करीब 42 अरब डॉलर यानी करीब ₹3.5 लाख करोड़ की जरूरत होगी.
इसकी फंडिंग के लिए सरकार एलपीजी और नैचुरल गैस कन्ज्यूमर पर एक्स्ट्रा सेस लगाने पर विचार कर रही है. हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है.
₹18 महंगा हो सकता है घरेलू गैस सिलेंडर, जानें सरकार का पूरा प्लान
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय घरेलू एलपीजी पर 1.29 रुपये प्रति किलोग्राम का सेस लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. अगर यह लागू होता है तो 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 18 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. वहीं, नैचुरल गैस पर 1.43 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर का सेस लगाने का भी प्रस्ताव है.
इस योजना के तहत ऐसा भंडार बनाया जाएगा, जिससे देश के पास करीब दो महीने की कच्चे तेल और LNG की जरूरत तथा लगभग छह सप्ताह की LPG खपत का स्टॉक उपलब्ध रहे.
भारत बनाएगा ₹3.5 लाख करोड़ का फ्यूल रिजर्व प्लान
सूत्रों के अनुसार, अगले 10 वर्षों में इस स्ट्रैटजिक रिजर्व प्लान पर करीब 42 अरब डॉलर यानी करीब ₹3.5 लाख करोड़ खर्च होने का अनुमान है. इसमें आधे से ज्यादा राशि स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर खर्च होगी, जबकि बाकी रकम फ्यूल का भंडार तैयार करने में लगेगी.
सरकार का अनुमान है कि अगले दशक में देश को अतिरिक्त 2.8 करोड़ टन कच्चे तेल, 90 लाख टन एलएनजी और 40 लाख टन एलपीजी स्टोरेज क्षमता विकसित करनी होगी.
हर साल जुटाए जा सकते हैं 1.5 अरब डॉलर
इस प्रस्तावित सेस के जरिए सरकार हर साल करीब 1.5 अरब डॉलर जुटा सकती है. इसमें एलपीजी से करीब 46 करोड़ डॉलर और नैचुरल गैस से करीब 1 अरब डॉलर की आय होने का अनुमान है. इस जुटाए रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से एलपीजी और एलएनजी के स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में किया जाएगा, जबकि कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार की फंडिंग केंद्र सरकार करती रहेगी.
जानिए कितने प्रतिशत तक बढ़ सकता है आपका मंथली बिल
सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित सेस लागू होने पर घरेलू गैस उपभोक्ताओं के मंथली बिल में करीब 2% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और अभी यह तय नहीं हुआ है कि सेस किस तरीके से वसूला जाएगा. इस प्रस्ताव पर अलग-अलग मंत्रालयों के बीच चर्चा चल रही है और इसे अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी नहीं मिली है.
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