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IDBI Bank के कर्मचारियों को सरकार का भरोसा, 60% हिस्सा बिकने के बाद भी नहीं बदलेंगी सर्विस की शर्तें

IDBI Bank Sale: बैंक कर्मचारियों द्वारा नवंबर की शुरुआत में हड़ताल के दिए गए कॉल के बीच, सरकार ने भरोसा दिया है कि फेयरफैक्स को हिस्सा बेचने के बाद भी IDBI बैंक के कर्मचारियों की मौजूदा सर्विस कंडीशन में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.

IDBI Bank के कर्मचारियों को सरकार का भरोसा, 60% हिस्सा बिकने के बाद भी नहीं बदलेंगी सर्विस की शर्तें
IDBI Bank News: 60% हिस्सा बेचेगी सरकार, DIPAM ने कहा- कर्मचारियों और पेंशनरों को डरने की जरूरत नहीं
NDTV इंडिया

IDBI Bank Privatization: आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के बीच कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत की खबर है. सरकार ने साफ किया है कि कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) को बैंक की हिस्सेदारी बेचने के बाद भी मौजूदा कर्मचारियों की सर्विस की शर्तें नहीं बदलेंगी. नवंबर की शुरुआत में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के ऐलान के बीच सरकार ने पेंशनरों को भी भरोसा दिया है कि उनके लिए किए गए सभी वादे पूरे किए जाएंगे.

बिक्री के बाद भी नहीं बदलेंगी सर्विस की शर्तें

डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव अरुणिष चावला ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को कहा कि आईडीबीआई बैंक के मौजूदा कर्मचारियों को निजीकरण से डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि शेयर खरीद समझौते के तहत नया खरीदार कर्मचारियों की मौजूदा सर्विस की शर्तों में ऐसा कोई बदलाव नहीं कर सकता, जिससे उन्हें नुकसान हो.

 52,878 करोड़ रुपये में 60% हिस्सा बेचेगी सरकार

सरकार बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए 52,878 करोड़ रुपये का सौदा कर रही है. इस बिक्री के तहत बैंक की 60% से ज्यादा हिस्सेदारी फेयरफैक्स को दी जाएगी. चावला ने कहा कि इस सौदे से मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनरों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

पेंशनरों को भी सरकार ने दिया भरोसा

IDBI बैंक के कर्मचारियों के साथ पेंशनरों की चिंताओं पर भी सरकार ने जवाब दिया है. चावला ने कहा कि पेंशन के लिए अलग से फंड रखा गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेंशनरों से किए गए सभी वादे और कमिटमेंट आगे भी पूरे किए जाएंगे.

नवंबर में हड़ताल की चेतावनी

बैंक के निजीकरण के फैसले का कर्मचारी विरोध कर रहे हैं. आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों ने नवंबर की शुरुआत में सभी शाखाओं में हड़ताल का ऐलान किया है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है.कर्मचारियों की चिंता के बीच सरकार ने साफ किया है कि मौजूदा सर्विस की शर्तों को उनके नुकसान के लिए नहीं बदला जा सकता.

सरकार तय नहीं करती कर्मचारियों की सर्विस की शर्तें

DIPAM सचिव ने यह भी स्पष्ट किया  है कि आईडीबीआई बैंक एक नेशनलाइज्ड बैंक नहीं है. यहां कर्मचारियों की सर्विस की शर्तें सीधे भारत सरकार तय नहीं करती. ये शर्तें बैंक का बोर्ड कर्मचारियों से बातचीत करके तय करता है. उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक का कामकाज आगे भी एक कंपनी के तौर पर जारी रहेगा. बैंक का मैनेजमेंट बोर्ड के हाथ में होगा. अभी बैंक कंपनी कानून और लेबर कानून के तहत काम करता है और बिक्री के बाद भी इसी व्यवस्था के तहत काम करता रहेगा.

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