Adani Group Plan to Viksit Bharat Roadmap: अदाणी ग्रुप ने आम वार्षिक बैठक में देश के इंफ्रा और पावर सेक्टर में बड़े निवेशों का ऐलान किया है. इस समय जब दुनियाभर के देशों की इकोनॉमी जहां जियो-पॉलिटिकल तनावों और शेयर बाजारों में उथल-पुथल के चलते सुस्त रफ्तार से जूझ रही है, वहीं भारतीय इकोनॉमी की रफ्तार अपेक्षाकृत तेज है. इसी आर्थिक यात्रा को गति देने के उद्देश्य से अदाणी ग्रुप ने बड़ी घोषणाएं की. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, ये घोषणाएं देश के औद्योगिक, डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर का चेहरा बदलने की क्षमता रखती है. ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़, जबकि पावर सेक्टर में 2 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान किया. इसे केवल कॉरपोरेट स्तिार कहना सही नहीं होगा, बल्कि देश की जमीनी इकोनॉमी को मजबूत करने का जरिया बन सकता है.
वित्त वर्ष 2025-26 में अदाणी समूह ने 2.92 लाख करोड़ रुपये की सालाना कमाई दर्ज की, जबकि शुद्ध मुनाफा (PAT) में 13.9% के जोरदार उछाल के साथ 46,376 करोड़ तक पहुंच गया है. इसी के सहारे अब अदाणी ग्रुप देश की रीढ़ माने जाने वाले कोर सेक्टर्स में बड़ा बदलाव लाने जा रहा है.
इंफ्रा पर 1.5 लाख करोड़, मजबूत होगी टियर-2 शहरों की इकोनॉमी
अदाणी समूह ने देश के हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 1.5 लाख करोड़ के निवेश का खाका खींचा है. ये निवेश सड़कों, एयरपोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स हब्स और औद्योगिक परिसरों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित है. एक्सपर्ट के अनुसार ये सीधे तौर पर देश के रियल एस्टेट और शहरी विकास को नई दिशा देगा. फोर्टेशिया रियल्टी के बिजनेस डेवलपमेंट GM, केशव मंगला ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'रियल एस्टेट सेक्टर के दृष्टिकोण से देखें तो बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक रियल एस्टेट की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगती है. विशेष रूप से टियर-2 और उभरते शहरों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, जहां नए उद्योगों और रोजगार के अवसरों का सृजन होगा.'
इंफ्रा की इस लॉन्ग टर्म मजबूती को रियल एस्टेट बाजार का असली आधार माना जा रहा है. श्याम ग्रुप (धोलेरा SIR) के डायरेक्टर, हार्दिक शाह के अनुसार, 'निजी क्षेत्र का यह निवेश देश की आर्थिक क्षमता में एक बड़े विश्वास को दर्शाता है. बेहतर सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स हब और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी नए आर्थिक कॉरिडोर तैयार करते हैं, जिसके आसपास वेयरहाउसिंग, रिटेल और ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ती है. ये निवेश आने वाले वर्षों में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बड़ा 'ग्रोध ड्राइवर' साबित होगा.'

केवल शहरों ही नहीं, ग्रामीण भारत को भी फायदा
इस महा-निवेश के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों का दायरा केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत को भी सशक्त करेगा. हारमनी इंफ्रा वेंचर्स के को-फाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, HS कंधारी ने इसके व्यापक प्रभाव को समझाते हुए कहा, 'ये निवेश देश के कुल निजी पूंजीगत व्यय के 30 फीसदी से भी अधिक है, जो देश की नींव को मजबूत करने का काम करेगा. बंदरगाहों और माल-ढुलाई के रास्तों के खुलने से उस किसान पर सीधा सकारात्मक असर पड़ता है जिसका माल अब तेजी से मंडी तक पहुंचेगा. ये निर्माण लाखों हाथों को रोजगार देगा, जिससे कस्बों और गांवों की अर्थव्यवस्था जाग उठेगी. जब सरकारी खर्च और निजी निवेश मिलकर चलते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है.'
पावर में 2 लाख करोड़ का निवेश, ऊर्जा में बनाएगा आत्मनिर्भर
तेजी से होते शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के चलते देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रही है. इस चुनौती को भांपते हुए अदाणी ग्रुप ने पावर सेक्टर में 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ अगले पांच वर्षों में 45,000 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसके अतिरिक्त, ग्रुप 'अदाणी एटॉमिक एनर्जी' के माध्यम से न्यूक्लियर पावर सेक्टर में भी कदम रख रहा है, जहां 2035 तक 10 गीगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है.
एनर्जी सेक्टर में इस क्रांतिकारी कदम की आवश्यकता पर जोर देते हुए मोरेस (MORES) के CEO मोहित मित्तल ने कहा, 'ये निवेश सिर्फ ऊर्जा की बात नहीं है, बल्कि देश की कुल उत्पादन क्षमता की कहानी है. जब बिजली सस्ती और आपूर्ति भरोसेमंद होती है, तभी कारखाने लगते हैं और नए रोजगार के दरवाजे खुलते हैं. जिन इलाकों में बिजली की व्यवस्था मजबूत होती है, वहां कारोबार फलता-फूलता है. 2030 तक जब ये क्षमता तैयार होगी, तब भारत उन चुनिंदा देशों में होगा जहां ऊर्जा की कमी विकास की राह नहीं रोक पाएगी.'
सहयोगी इंडस्ट्रीज को बढ़ावा, GDP बढ़ाने में मदद
इन दोनों बड़े निवेशों के संयोजन को वित्तीय बाजार के विशेषज्ञ 'विकसित भारत' की ओर बढ़ता हुआ एक ठोस कदम मान रहे हैं. इंदिरा सिक्योरिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर, विजय रामवत ने इस पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स हब्स और डेटा सेंटर्स जैसे कोर इंफ्रास्ट्रक्चर में ये निवेश देश के औद्योगिक और डिजिटल सामर्थ्य को अभूतपूर्व ताकत देगा. इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर पर होने वाला ये विशाल खर्च भारतीय बाजार में भारी लिक्विडिटी (तरलता) लाएगा, जिससे सीमेंट, स्टील और लॉजिस्टिक्स जैसे सहयोगी उद्योगों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. ये सीधे तौर पर प्रति व्यक्ति जीडीपी (GDP) को बढ़ाने में सहायक होगा.'
डिजिटल क्रांति, रक्षा और सामाजिक सरोकार
अपने पारंपरिक व्यवसायों से आगे बढ़कर अदाणी समूह देश के डिजिटल और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को भी आत्मनिर्भर बना रहा है. समूह 2030 तक 3 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने के लिए काम कर रहा है, जिसके तहत विशाखापत्तनम में एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए गूगल के साथ हाथ मिलाया गया है.
डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में, ग्रुप ने लियोनार्डो और एम्ब्रेयर जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है ताकि भारत में ही हेलीकॉप्टर और रीजनल एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग का इकोसिस्टम तैयार किया जा सके.
इन आर्थिक घोषणाओं के बीच, समूह ने सामाजिक उत्तरदायित्वों को भी प्राथमिकता दी है. अहमदाबाद और मुंबई में 'अदाणी हेल्थ सिटी' विकसित की जाएगी, जिसमें 1,000 बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सेंटर शामिल होंगे. साथ ही, ग्रामीण इलाकों में 1.25 लाख से अधिक युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर उन्हें मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने का काम तेजी से जारी है.
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(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)
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