अमेरिकी कोर्ट से अदाणी ग्रुप को मिली क्लीन चिट के बाद शेयर बाजार एक्सपर्ट्स ने इस फैसले को अदाणी समूह के लिए एक बहुत बड़ी राहत बताया है. मार्केटस्मिथ इंडिया (MarketSmith India) के रिसर्च हेड मयूरेश जोशी ने NDTV प्रॉफिट के साथ बातचीत में स्पष्ट किया है कि इस फैसले से समूह के ऊपर मंडरा रहा कानूनी साया (Legal Overhang) अब पूरी तरह समाप्त हो गया है.
बाजार पर क्या होगा असर?
मयूरेश जोशी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से चल रहे इस विवाद के कारण अदाणी समूह के शेयरों पर लगातार दबाव बना हुआ था. अब यह अड़चन दूर होने के बाद निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा. आने वाले समय में समूह के शेयर केवल अपनी तिमाही नतीजों, अर्निंग्स (Earnings) और मजबूत फंडामेंटल के आधार पर परफॉर्म करेंगे. बाजार के जानकारों का मानना है कि इस मामले में 'सबसे बुरा दौर' अब पीछे छूट चुका है और स्थितियां सामान्य हो रही हैं.
कॉरपोरेट गवर्नेंस और अमेरिकी निवेश पर स्थिति साफ
अदालत के फैसले में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका में अदाणी समूह के निवेश के वादों का इस मुकदमे को खारिज करने से कोई लेना-देना नहीं था. इस बात ने कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ी उन शंकाओं को खारिज कर दिया है, जो भविष्य में अमेरिका में समूह के निवेश या किसी बड़ी डील (M&A) में बाधा बन सकती थीं. इससे अमेरिकी निवेशकों और बाजार में समूह की साख को लेकर सकारात्मक संदेश गया है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्लीन चिट के मिलने से अदाणी समूह बिना किसी कानूनी अड़चन के अपने भविष्य के प्रोजेक्ट्स और कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) पर फोकस कर पाएगा. कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम अदाणी समूह के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट भी बेहतर हुआ है.
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