- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में फर्जी आईएएस संजय ने महिलाओं से शादी और नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगे
- आरोपी संजय ने LBSNAA की तस्वीरें और डिप्टी कलेक्टर की गाड़ी दिखाकर अपने आप को आईएएस अधिकारी बताया
- संजय ने सोशल मीडिया पर खुद को आईएएस और कार्डियोलॉजिस्ट बताकर महिलाओं को फंसाने के लिए झूठा दिखावा किया
Fake IAS Sanjay Madhya Pradesh: बिहार के खगड़िया में फर्जी आईएएस मनीष गुप्ता की तरह अब मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां फर्जी आईएएस अधिकारी संजय पुलिस के हत्थे चढ़ा है. फर्जी आईएएस संजय पर शादी और नौकरी के नाम पर महिलाओं से लाखों की ठगी का आरोप है. यह LBSNAA की तस्वीरें, डिप्टी कलेक्टर की गाड़ी दिखाकर पहले महिलाओं का दिल जीतता और उसके बाद वारदात को अंजाम देता था.
वह सोशल मीडिया पर लग्जरी गाड़ियों, मसूरी लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी की तस्वीरों और रसूख का दिखावा कर खुद को आईएएस के साथ-साथ कार्डियोलॉजिस्ट बताता था. आरोपी संजय यूपीएससी चयन सूची के एक समान नाम का फायदा उठाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था.

शादी और नौकरी का झांसा देकर लाखों ऐंठे
ऋषिकेश मीणा,एसपी नरसिंहपुर ने बताया कि आरोपी मेट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए पढ़ी-लिखी महिलाओं, खासकर डॉक्टरों को निशाना बनाता था. खुद को कभी बड़ा कार्डियोलॉजिस्ट तो कभी धार मध्य प्रदेश का एसडीएम बताकर यह शादी करने और नौकरी दिलाने का झूठा प्रलोभन देता था.
मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नरसिंहपुर की एक महिला डॉक्टर से कार्डियोलॉजिस्ट और आईएएस अफसर बनकर 3 लाख रुपये ठगने के मामले में नरसिंहपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब इसके अन्य संभावित शिकारों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है.

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IAS बताकर 3 लाख की ठगी, यूपी से आरोपी गिरफ्तार
नरसिंहपुर एसपी आईपीएस ऋषिकेश मीणा ने बताया कि नरसिंहपुर जिले में पदस्थ एक महिला चिकित्सा अधिकारी ने कुछ दिन पहले संजय के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी. महिला ने बताया कि मैट्रिमोनियल साइट 'जीवनसाथी डॉट कॉम' पर उसका संपर्क इस व्यक्ति से हुआ था. उसने पहले खुद को कार्डियोलॉजिस्ट और उसके बाद आईएएस अधिकारी बताया.
उसने महिला को बताया था कि वह धार जिले में एसडीएम पद पर तैनात है. उसने महिला डॉक्टर को भरोसा दिलाया कि वह अपने पद का इस्तेमाल करके उसकी हर संभव मदद करेगा. वह भरोसे में आ गई और उसे तीन लाख रुपए भेज दिए. शक होने पर महिला ने एफआईआर दर्ज करवाई है.

नरसिंहपुर एसपी आईपीएस ऋषिकेश मीणा
AI से बनाई ट्रेनिंग की तस्वीरें और फर्जी औरा
शिकायत मिलने पर पुलिस की टीम बनाई गई, जो आरोपी की तलाश करते हुए उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास भदोही के एक गांव में पहुंची, जहां से आरोपी फर्जी आईएएस संजय को अरेस्ट किया गया. पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि वह पहले लोगों को कार्डियोलॉजिस्ट बताकर ठगता था. दो साल पहले खुद को आईएएस बताने लगा था.
वह वर्तमान में अपनी पोस्टिंग धार जिले में होना बताता था. पुलिस जांच में धार जिले में इस नाम का कोई आईएएस अधिकारी पोस्टेड नहीं मिला. उसके सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल में ऐसी तस्वीरें मिली हैं, जो अफसरों के वाहनों के साथ की हैं. ऑफिस के अंदर की भी तस्वीरें मिली हैं. साथ ही यूपीएससी से जारी कुछ मेरिट सूची भी पाई गई है.
यूपीएससी में किसी संजय नाम के अभ्यर्थी का चयन हो चुका है. आरोपी उसे खुद का नाम बताकर लोगों से ठगी करता था. उसने आईएएस की ट्रेनिंग में फोटो के लिए फेमस स्पॉट की तस्वीरें एआई से जनरेट करके बनाई हैं. सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग के वीडियो भी शेयर कर रखे हैं.
UPSC अभ्यर्थियों, टीचरों और डॉक्टरों को बनाता था शिकार
इसके मोबाइल से यूपीएससी की तैयारी करने वाली, टीचर और डॉक्टरों से चैट भी मिली है, जिसमें वह खुद को आईएएस बताकर बात करता था. यूपीएससी की तैयारी करने वालों को अपनी रणनीति भी शेयर किया करता था. आरोपी खुद को आईएएस बताकर पैसे ठगने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर औरा और महिलाओं से दोस्ती करता था.
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