Best Gold Investment Options: धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है. पिछले महीने सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई, लेकिन 4 नवंबर को MCX पर सोने-चांदी की कीमती में फिर तेजी देखने को मिली. ऐसे में सवाल है कि धनतेरस पर ज्वेलरी खरीदना बेहतर रहेगा, सोने-चांदी के सिक्के लेना चाहिए या फिर डिजिटल गोल्ड और ETF में पैसा लगाना फायदेमंद होगा? एक्सपर्ट्स से समझिए...
MCX पर सोने-चांदी में लौटी तेजी
4 नवंबर को दोपहर 12:02 बजे MCX पर 4 दिसंबर एक्सपायरी वाला चांदी का वायदा भाव 6,700 रुपये यानी 3.73% उछलकर 1,86,398 रुपये पर पहुंच गया. वहीं, सोने का भाव 2,860 रुपये यानी 2.05% बढ़कर 1,42,312 रुपये पर पहुंच गया. इससे पहले अक्टूबर में चांदी के वायदा भाव में करीब 20% और सोने में लगभग 7% की गिरावट आई थी.
सोने की ज्वेलरी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप धनतेरस पर गिफ्ट या पहनने के लिए सोना खरीद रहे हैं तो ज्वेलरी लेना अच्छा ऑप्शन है. हालांकि, इसमें मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और GST का खर्च भी जुड़ता है. वहीं, बेचते समय इन खर्चों का पूरा पैसा वापस नहीं मिलता. ज्वेलरी में आमतौर पर 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल होता है. सोने के गहने की खरीदारी से पहले BIS हॉलमार्क, सोने की शुद्धता और छह अंकों वाला HUID कोड जरूर चेक करें. इसे BIS Care ऐप से भी वेरिफाई किया जा सकता है.
गोल्ड कॉइन और सिल्वर खरीदना कितना सही?
अगर मेकिंग चार्ज से बचना चाहते हैं तो गोल्ड कॉइन खरीद सकते हैं. हालांकि, सिक्के की कीमत में मिंटिंग या दूसरे चार्ज भी जुड़ सकते हैं. खरीदने से पहले शुद्धता, प्रीमियम और बायबैक की शर्तें जरूर समझें. वहीं, कम बजट में चांदी के सिक्के, मूर्तियां, दीये और बर्तन खरीद सकते हैं. लेकिन चांदी को सोने से कम रिस्क वाला इन्वेस्टमेंट ऑप्शन नहीं मानना चाहिए. इसकी कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव हो सकता है, क्योंकि इंडस्ट्रियल मांग का भी इस पर असर पड़ता है.
डिजिटल गोल्ड की मांग क्यों बढ़ रही है?
हालांकि, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF एक जैसे नहीं हैं. डिजिटल गोल्डफिलहाल SEBI रेगुलेटेड नहीं है. इसलिए खरीदने से पहले प्लेटफॉर्म की सुरक्षा, सोने की कस्टडी, रिडेम्पशन और दूसरे चार्ज समझना जरूरी है.
गोल्ड ETF या फिजिकल गोल्ड, क्या बेस्ट रहेगा?
अगर आप बिना फिजिकल सोना रखे निवेश करना चाहते हैं तो गोल्ड ETF एक अच्छा ऑप्शन है. इसके लिए डीमैट अकाउंट चाहिए. निवेश से पहले ETF का बाजार भाव और एक्सपेंस रेशियो जरूर देखें. वहीं, लंबे समय तक फिजिकल गोल्ड रखने वालों के लिए गोल्ड बार एक ऑप्शन हो सकता है, लेकिन इसकी सेफ्टी, स्टोरेज और रीसेलिंग का ध्यान रखना होगा.
सोने की मांग में भी आई कमी
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक, 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में ग्लोबल ज्वेलरी डिमांड सालाना आधार पर 19% घटकर 340.1 टन रह गई, जो पिछले साल 420 टन थी. निवेश के लिए सोने की मांग भी 14% घटकर 479 टन रही. बार और कॉइन की मांग 19% गिरकर 267.8 टन और गोल्ड ETF की मांग 6% कम होकर 211.2 टन रही. ऐसे में धनतेरस पर खरीदारी से पहले अपनी जरूरत, बजट और लेटेस्ट प्राइस जरूर देखें.
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