केंद्रीय एजेंसी ED ने सोमवार को कहा कि उसने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के ग्रुप एमडी सतीश सेठ और गौतम भईलाल दोशी को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है और उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया है. जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े मामलों में क्रमशः 12 जून को गिरफ्तारियां की गईं और जांच जारी रहने के कारण दोनों को ED की कस्टडी में भेज दिया गया.
सेठ को ग्रेटर मुंबई की स्पेशल कोर्ट (PMLA) में पेश किया गया, जिसके बाद ED को उनकी ट्रांजिट रिमांड मिल गई. इसके बाद, उन्हें नई दिल्ली के द्वारका में स्पेशल कोर्ट (PMLA) में पेश किया गया और फिर उन्हें 6 दिनों के लिए एजेंसी की कस्टडी में भेज दिया गया. दोशी को नई दिल्ली के राउज एवेन्यू में स्पेशल कोर्ट (PMLA) में पेश किया गया, जिसने उन्हें 5 दिनों के लिए ED की कस्टडी में भेज दिया. ED ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में इन दोनों को गिरफ्तार किया.
ED has arrested Sateesh Seth & Gautam Bhailal Doshi, Group MDs of the Reliance Anil Ambani Group (RAAG), under PMLA, 2002 on 12.06.2026, in the Reliance Infrastructure Ltd. & Reliance Communications Ltd. matters respectively. Both remanded to ED custody. Probe continues. pic.twitter.com/C4KJe3EzeZ
— ED (@dir_ed) June 15, 2026
ED के एक्शन पर क्या बोली कंपनी?
IANS की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ग्रुप के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'सेठ (उम्र 70 साल) और दोशी (उम्र 73 साल) ग्रुप से जुड़े हुए नहीं हैं.' प्रवक्ता ने आगे कहा,'सेठ ने ग्रुप में ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और कई कंपनियों के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर काम किया. सेठ 2025 में ग्रुप से अलग हो गए. गौतम दोशी ने ग्रुप में ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप के अंदर और बाहर कई कंपनियों के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर काम किया. दोशी छह साल पहले, 2020 में ग्रुप से अलग हो गए.'
रिलायंस कम्युनिकेशन और रिलायंस इंफ्रा से जुड़ा मामला
ED के मुताबिक, सेठ को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और अन्य के खिलाफ ECIR में गिरफ्तार किया गया है, जबकि गौतम दोषी को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अन्य के खिलाफ ECIR में गिरफ्तार किया गया है.
ED ने कहा, 'सतीश सेठ लंबे समय से आरएएजी से जुड़े रहे हैं और ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर उन्होंने ग्रुप की कई कंपनियों के अहम कमर्शियल और फाइनेंशियल फैसलों पर कंट्रोल रखा है. उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और उससे जुड़े सेक्टर की कई ग्रुप कंपनियों में डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया है. सतीश सेठ साल 2000 से रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में अहम डायरेक्टर और मैनेजर के पदों पर रहे हैं.'
दोशी भी लंबे समय से आरएएजी से जुड़े रहे हैं, जहां उन्होंने ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर ग्रुप कंपनियों के टैक्स, प्लानिंग, कंप्लायंस, रिस्क मैनेजमेंट वगैरह पर कंट्रोल रखा.
जांच एजेंसी ने बताया कि वह रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड में डायरेक्टर भी थे और कई भारतीय और विदेशी आरएएजी कंपनियों के बैंक अकाउंट के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (ऑथराइज्ड सिग्नेटरी) भी थे. जांच में पता चला है कि सेठ ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स से पब्लिक फंड की हेराफेरी करने में अहम भूमिका निभाई है.
ED के बयान के मुताबिक, दोशी ने कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिसका इस्तेमाल रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड में गड़बड़ी से हुई कमाई को इधर-उधर करने के लिए किया गया.
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