दुनिया के दो सबसे बड़े बाजारों, यूरोपियन यूनियन (EU) और अमेरिका के साथ महज 10 दिन के भीतर हुए ऐतिहासिक ट्रेड एग्रीमेंट्स से भारतीय बार और शराब के बाजार की तस्वीर बदलने की उम्मीद है. भारतीय शराब बाजार (Indian alcohol market) लंबे समय से 150% के आयात शुल्क (Import Duty) के दायरे में था, जिससे विदेशी शराब बेहद महंगी बनी हुई थी, लेकिन अब महंगे टैरिफ की दीवार गिरने वाली है. इसका कारण अमेरिका और भारत के बीच 7 फरवरी को जारी हुआ ट्रेड फ्रेमवर्क और 27 जनवरी को यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुई ट्रेड डील है. महज 10 दिन के भीतर अमेरिका और ईयू के साथ हुए व्यापार समझौतों के बाद भारतीय शराब बाजार में काफी कुछ बदलने वाला है.
5,000 रुपये वाली शराब 3,000 रुपये में!
अगर आप दिल्ली, नोएडा या गुरुग्राम में एक स्टैंडर्ड स्कॉच या बोर्बोन (Bourbon) की बोतल के लिए 4,500 से 5,000 रुपये तक देते थे, जबकि वही बोतल दुबई या सिंगापुर में बहुत कम दाम में मिलती थी, तो अब टेंशन नहीं लेना है. ट्रेड डील हो चुकी है और अब बाद शराब की कीमतों का गणित आपके पक्ष में होने वाला है.
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नए नियमों के तहत अमेरिका और यूरोपीय संघ से आने वाली शराब पर आयात शुल्क 150% से घटकर महज 30-40% के दायरे में आ सकता है. ऐसे में जो बोतल पहले 4,500 से 5,000 रुपये की मिलती थी, उसकी कीमत जल्द ही घटकर 2,500 से 3,000 रुपये हो सकती है.
स्कॉच बनाम बोर्बोन: बार में बढ़ेगी जंग
आयात शुल्क कम होने से भारत में अलग-अलग देशों की ड्रिंकिंग कल्चर का प्रवेश होगा. यूरोपियन यूनियन कल्चर की बात करें तो स्कॉच और आयरिश व्हिस्की मेकर अपनी परंपरा और प्रतिष्ठा के दम पर उन अमीर ग्राहकों को लुभाएंगे जो स्कॉच को 'स्टेटस सिंबल' मानते हैं.

वहीं अमेरिकी डील का फायदा भी भारत में मिलने वाला है. इस डील के बाद 'जैक डेनियल्स' (Jack Daniel's) और 'जिम बीम' (Jim Beam) जैसे ब्रैंड्स की कीमतें काफी गिरेंगी. इससे अमेरिकी व्हिस्की अब यूरोपियन स्कॉच के दबदबे को सीधी चुनौती दे सकेगी.
'बॉटल्ड इन ओरिजिन' (BIO) का दौर
अभी तक भारी टैक्स से बचने के लिए कंपनियां विदेशों से 'कन्सन्ट्रेट' मंगाकर उसे भारत में लोकल स्पिरिट के साथ मिलाती थीं, जिसे 'बॉटल्ड इन इंडिया' (BII) कहा जाता था. यानी शराब, भारत में ही बोतलबंद/पैक होती थीं. टैरिफ कम होने के बाद अब कंपनियां सीधे मूल देश से ही 'कन्सन्ट्रेट' की जगह शराब की बोतलें मंगाएंगी. यानी अब विदेश में तैयार शराब की बोतल (Bottled in Origin) का दौरा आने वाला है. शराब के शौकीनों को अब मिलावटी या लोकल मिक्स वाले ब्रैंड्स के बजाय सीधे विदेश से आया असली और शुद्ध उत्पाद (Authentic Product) किफायती दामों पर मिल सकेगा.

...कुछ चुनौतियां भी
कहा जा रहा है कि ये खबर सबके लिए 'हैप्पी आवर' जैसी नहीं है. ये स्वदेशी ब्रैंड्स के लिए चुनौती भी लेकर आएगा. आयात शुल्क कम होने से 'इन्द्री' (Indri) और 'अमृत' (Amrut) जैसे मशहूर भारतीय क्राफ्ट ब्रांड्स और प्रीमियम 'जिन' (Gin) के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. जब एक विदेशी जैक डेनियल्स की कीमत भारतीय प्रीमियम जिन के बराबर हो जाएगी, तो ग्राहकों के लिए स्वदेशी ब्रैंड को चुनना एक मुश्किल फैसला होगा.
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