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नई कार खरीदने का है प्लान? SBI, HDFC से लेकर PNB तक, जानें कहां मिल रहा है सबसे सस्ता लोन और कितनी बनेगी EMI

Car Loan Interest Rates 2026 : अप्रैल 2026 में नई कार खरीदने से पहले SBI, HDFC, ICICI और PNB के कार लोन रेट्स और EMI को कंपेयर जरूर करें. जानें कहां मिल रहा है सबसे सस्ता ब्याज और कैसे बचाएं अपने पैसे.

नई कार खरीदने का है प्लान? SBI, HDFC से लेकर PNB तक, जानें कहां मिल रहा है सबसे सस्ता लोन और कितनी बनेगी EMI
Top Banks for Car Loans in India 2026: अप्रैल 2026 में अलग-अलग बैंक अपनी शर्तों के हिसाब से ब्याज वसूल रहे हैं.

Car Loan EMI Calculator: आज के समय में कार सिर्फ लग्जरी नहीं, बल्कि एक जरूरत बन गई है. चाहे ऑफिस जाना हो या परिवार के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकलना, अपनी गाड़ी होने से सफर आसान और आरामदायक हो जाता है. अगर आप भी इस अप्रैल 2026 अपनी पसंदीदा कार घर लाने की सोच रहे हैं, तो बैंकों ने आपके लिए शानदार ऑफर्स की झड़ी लगा दी है. लेकिन सिर्फ कम ब्याज दर देखकर ही फैसला न लें. प्रोसेसिंग फीस और छिपे हुए चार्ज भी आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं. आइए जानते हैं SBI, HDFC, ICICI और PNB जैसे बड़े बैंकों में लोन किस ब्याज दर पर मिल है.

SBI से लेकर PNB तक, कहां कितना लगेगा ब्याज?

अप्रैल 2026 में अलग-अलग बैंक अपनी शर्तों के हिसाब से ब्याज वसूल रहे हैं...

  1. भारतीय स्टेट बैंक (SBI ): यहां ब्याज दरें 8.70% से 9.85% के बीच हैं. अगर आप 5 साल के लिए 5 लाख का लोन लेते हैं, तो आपकी EMI करीब ₹10,355 से ₹10,587 बनेगी. प्रोसेसिंग फीस ₹750 से ₹1,500 के बीच है.
  2. HDFC और ICICI बैंक: प्राइवेट सेक्टर के इन दिग्गजों में दरें 8.15% (HDFC) और 8.50% (ICICI) से शुरू हो रही हैं. इनकी EMI लगभग ₹10,174 से शुरू होती है, लेकिन यहां प्रोसेसिंग फीस लोन राशि का 0.5% से 2% तक हो सकती है.
  3. PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा में ब्याज दरें 7.60% से शुरू होकर 10% के ऊपर तक जाती हैं. इनकी EMI ₹10,043 के आसपास बैठती है और प्रोसेसिंग चार्ज भी कम (0.25% या अधिकतम ₹2,000) हैं.
  4. कैनरा और फेडरल बैंक: कैनरा बैंक सबसे कम 7.45% से शुरुआत कर रहा है, वहीं फेडरल बैंक की शुरुआत 7.60% से है.

लोन लेने से पहले इन 3 बातों का रखें खास ध्यान

HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के सेल्स फाइनेंस हेड, आकाश बरारिया के अनुसार, लोन लेने से पहले इन पॉइंट्स को जरूर चेक करें...

  • छोटी EMI के चक्कर में लंबे समय का लोन न लें. टेन्योर जितना लंबा होगा, आप कुल ब्याज उतना ही ज्यादा भरेंगे.
  • कोशिश करें कि डाउन पेमेंट ज्यादा से ज्यादा हो. इससे न सिर्फ आपको बेहतर ब्याज दर मिलेगी, बल्कि आप पर लंबे समय के लिए लोन का बोझ भी कम रहेगा.
  • हमेशा चेक करें कि बैंक ब्याज कैसे कैलकुलेट कर रहा है. रिड्यूसिंग बैलेंस यानी घटते मूलधन पर ब्याज हमेशा सस्ता पड़ता है.

अच्छे क्रेडिट स्कोर का फायदा

बता दें  कि बैंक आपको जो लोन रेट ऑफर करता है, वह आपके क्रेडिट स्कोर (CIBIL) पर निर्भर करती है. अगर आपका रीपेमेंट रिकॉर्ड अच्छा है, तो आप बैंक से नोगेसिएट करके ब्याज दरें और प्रोसेसिंग फीस कम करवा सकते हैं.

प्रोसेसिंग फीस और हिडन चार्ज का खेल

सिर्फ हेडलाइन रेट न देखें. कई बार कम ब्याज वाले बैंक ज्यादा प्रोसेसिंग फीस वसूल लेते हैं. लोन फाइनल करने से पहले फाइल चार्ज, डॉक्यूमेंटेशन फीस और प्री-पेमेंट पेनल्टी यानी समय से पहले लोन बंद करने पर लगने वाला चार्ज के बारे में हर बात डिटेल में पूछें,ताकि आगे चलकर कोई तरह की दिक्त न हो.

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