Vedanta Share News: पिछले कुछ दिनों में वेदांता फैमिली मुश्किल दौर से गुजर रही थी. वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद माहौल गमगीन था और इसका असर कंपनी के शेयर पर भी दिखा. कई दिनों तक शेयर में सुस्ती नजर आ रही थी. लेकिन अब हालात तेजी से बदले हैं और वेदांता लिमिटेड के शेयर एक बार फिर रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे हैं. बीते दिन यानी बुधवार को शेयर ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि यह सीधे 52 वीक के हाई लेवल पर पहुंच गया.
वेदांता के शेयर में तूफानी तेजी,मार्केट कैप 2.51 लाख करोड़ के पार
बुधवार को वेदांता का शेयर अपने पिछले बंद भाव 637 रुपये के मुकाबले मजबूत बढ़त के साथ 647 रुपये पर खुला. कारोबार आगे बढ़ा तो शेयर की चाल और तेज होती गई. दिन के दौरान यह करीब 6 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 679.45 रुपये तक पहुंच गया. यह कंपनी का नया 52 वीक हाई है. हालांकि कारोबार के आखिर में यह शेयर 676 रुपये के आसपास बंद हुआ. इस तेजी से वेदांता का मार्केट कैप भी बढ़कर करीब 2.51 लाख करोड़ रुपये हो गया है.
वेदांता के शेयर में अचानक क्यों आई इतनी तेजी?
निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयर में अचानक में इतनी मजबूत तेजी क्यों दिखी. बाजार के जानकारों के मुताबिक, इसके पीछे कई वजहें हैं. एक तरफ ब्रोकरेज हाउस की तरफ से पॉजिटिव राय आई है तो दूसरी तरफ वेदांता के डी मर्जर प्लान को लेकर फिर से चर्चा तेज हुई है. इसके साथ ही मेटल और माइनिंग सेक्टर में खरीदारी बढ़ने से भी शेयर को सपोर्ट मिला है.
क्या है कंपनी का डीमर्जर प्लान?
जैसा कि पहले से बताया जा रहा है, वेदांता लिमिटेड का डीमर्जर अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है. इस प्लान के तहत कंपनी को पांच अलग अलग बिजनेस में बांटा जाएगा. एल्युमीनियम, ऑयल और गैस, पावर, आयरन और स्टील और मौजूदा वेदांता लिमिटेड अलग अलग कंपनियां बनेंगी. मौजूदा वेदांता लिमिटेड में हिंदुस्तान जिंक की हिस्सेदारी बनी रहेगी. डीमर्जर के बाद ये सभी कंपनियां शेयर बाजार में अलग अलग लिस्ट होंगी. इसका फायदा यह होगा कि हर बिजनेस की अपनी अलग पहचान बनेगी और निवेशकों को कंपनी की वैल्यू ज्यादा साफ तरीके से समझ में आएगी.
ब्रोकरेज की राय ने बढ़ाया भरोसा, जानें नया टारगेट
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने वेदांता के शेयर पर भरोसा जताते हुए इसे टॉप पिक के रूप में चुना है. इसके साथ ही नुवामा ने वेदांता लिमिटेड का टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है. ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट 806 रुपये तय किया है. पहले यह टारगेट 686 रुपये था. यानी मौजूदा लेवल से शेयर में अभी और ऊपर जाने की गुंजाइश बताई जा रही है.
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की वैल्यू बेहतर है इनकम मजबूत हो रही है और कैश फ्लो भी अच्छा बना हुआ है.
एक साल में लगभग 55% का रिटर्न
अगर शेयर के परफॉर्मेंस की बात करें तो वेदांता लिमिटेड ने हाल के समय में मजबूत रिटर्न दिया है. पिछले एक हफ्ते में शेयर 8 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है. एक महीने में इसका रिटर्न करीब 24 फीसदी और एक साल में लगभग 55 फीसदी रहा है. फिलहाल यह शेयर अपने ऑल टाइम हाई लेवल पर ट्रेड कर रहा है.
वेदांता ग्रुप के निवेशकों के लिए अच्छी खबर
माना जा रहा है कि डीमर्जर के बाद नई कंपनियों की लिस्टिंग Q1FY27 में हो सकती है. डीमर्जर पूरा होने के बाद कुल पांच अलग-अलग कंपनियां शेयर बाजार में मौजूद होंगी. अगर आपके पास वेदांता लिमिटेड का शेयर है तो आपको हर नई डीमर्ज्ड कंपनी का एक-एक शेयर मिल सकता है.
वेदांता के शेयर में आई इस तेजी ने एक बार फिर ग्रुप के निवेशकों को उम्मीद दी है. 52 वीक हाई पर पहुंचना यह दिखाता है कि बाजार अभी कंपनी को लेकर भरोसा बनाए हुए है. फिलहाल वेदांता ग्रुप के निवेशकों के लिए यह एक अच्छी खबर जरूर मानी जा रही है.
एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह
हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स यह भी कह रहे हैं कि मेटल और कमोडिटी से जुड़े शेयरों में उतार चढ़ाव बना रह सकता है. इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए. जिन लोगों के पास पहले से शेयर हैं वे अपने जोखिम को ध्यान में रखकर आगे की रणनीति बनाएं.
अग्निवेश अग्रवाल का वेदांता में था अहम रोल
बता दें कि अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का हाल में निधन हुआ है. इस खबर का असर कंपनी के शेयर पर भी दिखा.वह वेदांता ग्रुप में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे थे. वे ग्रुप की कई कंपनियों से जुड़े थे और तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड मेंबर भी थे. 7 जनवरी को अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक स्कीइंग हादसे के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था.
अनिल अग्रवाल का भावुक मैसेज
बेटे के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने एक भावुक पोस्ट शेयर किया था. उन्होंने लिखा कि वह और उनकी पत्नी पूरी तरह टूट चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने बेटे से वादा किया था कि जो भी कमाया है उसका बड़ा हिस्सा समाज के लिए दिया जाएगा. इस वादे को निभाने का उनका इरादा अब और मजबूत हो गया है.
अनिल अग्रवाल ने 75% संपत्ति दान करने का किया फैसला
अनिल अग्रवाल ने साफ कहा है कि वह अपनी कमाई का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा समाज के कामों में लगाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि आगे की जिंदगी वह और ज्यादा सादगी से जीना चाहते हैं. वेदांता में काम करने वाले लोग उन्हें अपने बच्चों जैसे लगते हैं और यही भावना उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती है.
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