वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और 'मेटल किंग' के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल (Vedanta Chairman Anil Agarwal) इन दिनों अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं. बीते दिन न्यूयॉर्क में बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन (Agnivesh Agarwal Death) ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. इस गहरे दुख के बीच अनिल अग्रवाल एक बार फिर अपनी दरियादिली की वजह से चर्चा में हैं. उन्होंने भावुक होकर अपने उस संकल्प को फिर से दोहराया है, जिसमें उन्होंने अपनी कुल दौलत का 75 फीसदी हिस्सा समाज को दान करने की बात कही थी. पटना की गलियों से निकलकर लंदन के बिजनेस जगत पर राज करने वाले अनिल अग्रवाल की गिनती आज दुनिया के सबसे बड़े कारोबारियों में होती है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार के पटना से निकलकर लंदन के बिजनेस जगत में अपनी धमक जमाने वाले अनिल अग्रवाल का बिजनेस साम्राज्य कितना बड़ा है और उनकी असली कमाई किन-किन कंपनियों से होती है? आइए आपको बताते हैं...
वेदांता का बिजनेस: कहाँ से होती है इतनी कमाई?
अनिल अग्रवाल का बिजनेस आज दुनिया के कई देशों में फैला हुआ है. उनकी मुख्य कंपनी वेदांता लिमिटेड दुनिया की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनियों में गिनी जाती है. वेदांता लिमिटेड की मार्केट वैल्यू 2.23 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. यह ग्रुप भारत के करीब 81% जिंक (जस्ता) का उत्पादन करता है. इसके अलावा चांदी, तांबा, एल्युमिनियम और लोहे के कारोबार में भी इनका कोई मुकाबला नहीं है.
हिंदुस्तान जिंक, केयर्न ऑयल एंड गैस और स्टरलाइट कॉपर जैसी बड़ी कंपनियां इसी ग्रुप का हिस्सा हैं. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जाम्बिया जैसे देशों में भी इनकी खदानें करोड़ों की कमाई कर रही हैं.
Vedanta Group की बड़ी ताकत हैं ये कंपनियां:
- Hindustan Zinc : यहाँ से चांदी, सीसा (Lead) और जस्ता निकलता है. यह ग्रुप की सबसे ज्यादा कमाई कराने वाली कंपनियों में से एक है.
- Cairn India: यह कंपनी राजस्थान और अन्य जगहों से कच्चा तेल (Oil) और गैस निकालने का काम करती है.
- BALCO और Vedanta Aluminium: ओडिशा और छत्तीसगढ़ में स्थित इन प्लांट्स से भारी मात्रा में एल्युमिनियम तैयार होता है.
- Sterlite Copper और स्टील बिजनेस: तांबा और लोहे के बड़े कारोबार के साथ-साथ अब कंपनी सेमीकंडक्टर (चिप) बनाने के क्षेत्र में भी कदम बढ़ा चुकी है.
- विदेशी खदानें: दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जाम्बिया में भी इनकी बड़ी खदानें हैं, जो विदेशी करेंसी में कमाई करके देती हैं.
कितनी है अनिल अग्रवाल की संपत्ति?
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने न केवल देश का नाम ऊंचा किया है, बल्कि अपनी मेहनत से एक ऐसा साम्राज्य खड़ा किया है जिसकी वैल्यू आज करोड़ों में है. एक समय साइकिल पर घूमने वाले अनिल अग्रवाल आज माइनिंग और मेटल किंग के नाम से जाने जाते हैं और करीब 35,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं. उनकी नेटवर्थ (Anil Agarwal Net Worth) की बात करें, तो फोर्ब्स के मुताबिक अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ 4.2 अरब डॉलर (करीब 35,000 करोड़ रुपये) है.
कंपनी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का मेगा प्लान
अनिल अग्रवाल अपनी कंपनी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए इसे 5 अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने जा रहे हैं. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इसकी मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत एल्युमिनियम, तेल-गैस, बिजली और स्टील के लिए अलग-अलग कंपनियां बनेंगी. उनका लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक यह प्रोसेस पूरा हो जाए.
अनिल अग्रवाल का मानना है कि वेदांता एक बड़ा बरगद है और अब इसकी हर शाखा को एक बड़ा पेड़ बनाने का समय आ गया है. इसके साथ ही वे अगले 5 सालों में करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये (20 बिलियन डॉलर) का भारी-भरकम निवेश करने जा रहे हैं.
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