वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन (Anil Agarwal Son Agnivesh Death) की खबर ने न केवल उनके परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि इसका बड़ा असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला.जैसे ही यह खबर सामने आई, वेदांता के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों के बीच अचानक आई इस दुखद खबर ने सेंटिमेंट पर असर डाला और स्टॉक रिकॉर्ड हाई से नीचे आ गया.
Vedanta के शेयर 4% से ज्यादा गिरे
आज यानी गुरुवार, 8 जनवरी को सुबह ट्रेडिंग के दौरान वेदांता लिमिटेड के शेयर 4% से ज्यादा गिर गए. NSE पर Vedanta का शेयर 11 बजकर 02 मिनट पर करीब 597 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता दिखा. एक दिन पहले शेयर 622 रुपये के आसपास बंद हुआ था, लेकिन आज बाजार खुलते ही इसमें जोरदार गिरावट देखने को मिला.
रिकॉर्ड हाई से फिसला स्टॉक
बता दें कि सिर्फ दो दिन पहले ही वेदांता का शेयर 52 वीक के नए हाई पर पहुंचा था. मंगलवार को स्टॉक ने 629 रुपये के लेवल को छुआ था. लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर के बाद शेयर ने अपनी हाल की बढ़त खो दी. इस खबर ने एक तरह जहां वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के परिवार को गहरा सदमा दिया है वहीं इससे निवेशकों को भी बड़ा झटका लगा है.
जो स्टॉक दो दिन पहले ही ₹629 के रिकॉर्ड हाई पर था, वह इस दुखद खबर के बाद निवेशकों के सेंटिमेंट बिगड़ने से नीचे फिसल गया है.
एक महीने में Vedanta के शेयरों में शानदार तेजी
पिछले एक महीने में Vedanta के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी. इस दौरान स्टॉक करीब 21% तक चढ़ा था. इसकी बड़ी वजह कंपनी का डिमर्जर प्लान और भविष्य को लेकर पॉजिटिव माहौल माना जा रहा था. लेकिन अब शॉर्ट टर्म में शेयर पर दबाव नजर आ रहा है.
बेटे के निधन से टूटा परिवार
Vedanta Group के बयान के अनुसार, अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. उनकी उम्र 49 साल थी. अनिल अग्रवाल ने इस दिन को अपनी जिंदगी का सबसे बुरा दिन बताया और कहा कि यह उनके लिए अपूरणीय क्षति है.
डिमर्जर प्लान पर अब भी नजर
हालांकि सेंटिमेंटल कारणों से शेयर में गिरावट आई है, लेकिन Vedanta का डिमर्जर प्लान अब भी निवेशकों के फोकस में है. कंपनी को पांच अलग अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने की योजना को मंजूरी मिल चुकी है.
- इस प्लान के तहत जिंक, कॉपर और सेमीकंडक्टर का बिजनेस Vedanta Limited में रहेगा.
- एल्यूमिनियम का काम Vedanta Aluminium के पास जाएगा.
- ऑयल और गैस बिजनेस Vedanta Oil and Gas में होगा.
- पावर सेक्टर का काम Vedanta Power के तहत आएगा.
- आयरन ओर और स्टील का बिजनेस Vedanta Steel में शामिल होगा.
भारत के करीब 81% जिंक का उत्पादन करती है वेदांता
बता दें कि Vedanta भारत की बड़ी माइनिंग और नेचुरल रिसोर्स कंपनियों में गिनी जाती है. कंपनी जिंक, लेड, सिल्वर, कॉपर, आयरन ओर, स्टील, एल्यूमिनियम, पावर और ऑयल गैस जैसे सेक्टर में काम करती है.कंपनी भारत के करीब 81% जिंक का उत्पादन करती है और इसके प्लांट गोवा, ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और झारखंड में मौजूद हैं.
फिलहाल Vedanta Limited का मार्केट कैप करीब 1.97 लाख करोड़ रुपये के आसपास है. कंपनी के शेयर आने वाले दिनों में खबरों और डिमर्जर से जुड़े अपडेट्स के आधार पर फोकस में बने रह सकते हैं.
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