- अपने ही विधानसभा क्षेत्र में विरोध का सामना करते दिखे तेजस्वी यादव
- राघोपुर में तेजस्वी यादव को जनता ने घेरा, पूछा- विधायक जी अब तक कहां थे?
- पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे तेजस्वी, लोगों ने सुविधाओं की कमी पर जताई नाराजगी
वैशाली जिले के राघोपुर दियारा क्षेत्र में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद मातम और गुस्से का माहौल है. गंगा नदी में नाव पलटने से 13 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे. हादसे के करीब 24 घंटे बाद जब स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, तो उन्हें लोगों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा. अपनों को खो चुके ग्रामीणों ने न केवल अपनी पीड़ा जताई बल्कि क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही समस्याओं को लेकर भी विधायक से सीधे सवाल किए.
हादसे के बाद फूटा लोगों का गुस्सा
राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव में जैसे ही तेजस्वी यादव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, वहां मौजूद लोगों ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर दी. शोक में डूबे कई ग्रामीणों ने विधायक की कार्यशैली और क्षेत्र की स्थिति पर सवाल उठाए. ग्रामीणों ने कहा कि जब इतनी बड़ी त्रासदी हो गई और पूरा इलाका अपने परिजनों के अंतिम संस्कार और शोक में डूबा था, तब उनके जनप्रतिनिधि को मौके पर पहुंचने में एक दिन का समय लग गया. लोगों ने तेजस्वी यादव से कहा, 'जब आपसे कुछ हो नहीं रहा है तो विधायक पद से इस्तीफा दे दीजिए. यहां न सड़क है, न कोई सुविधा, फिर भी आप राघोपुर के विधायक बने हुए हैं.'

लोगों के बीच तेजस्वी यादव
Photo Credit: तेजस्वी यादव की एक्स पोस्ट से
बुनियादी सुविधाओं की कमी पर नाराजगी
विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि राघोपुर दियारा क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. कई गांवों तक सड़क संपर्क नहीं है और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों का आरोप था कि हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि इलाके में आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत व्यवस्था कितनी कमजोर है. लोगों का कहना था कि वर्षों से समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पाया.

पीड़ित परिवार से मुलाकात करते हुए तेजस्वी यादव
Photo Credit: तेजस्वी यादव की सोशल मीडिया पोस्ट से
पीड़ित परिवारों से मिले तेजस्वी
विरोध और नाराजगी के बीच तेजस्वी यादव ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए और राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर कई आरोप लगाए.
सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने कहा कि हादसे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह विफल दिखाई दी. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं और एम्बुलेंस में ऑक्सीजन तक की कमी थी. उन्होंने यह भी कहा कि यदि SDRF और NDRF की टीमें समय पर पहुंच जातीं तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी. उनके अनुसार राहत और बचाव कार्यों में हुई देरी की भी जांच होनी चाहिए.
मुआवजा और जमीन देने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की बात भी सरकार के सामने रखी. उन्होंने कहा कि हादसे से प्रभावित परिवारों को सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि स्थायी पुनर्वास की भी जरूरत है.
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