विज्ञापन

वैशाली नाव हादसा: 17 साल की चांदनी बनी फरिश्ता, बचाईं 3 जानें; पर अपनी बहन को खोया, कुल 13 लोगों की मौत

वैशाली में नाव हादसे से 13 लोगों की मौत हो गई. हादसे के दौरान 17 वर्षीय चांदनी ने तीन बच्चों को बचाया, जबकि उसकी बहन पिंकी की जान नहीं बच सकी. पढ़िए दर्द और साहस की पूरी कहानी.

वैशाली नाव हादसा: 17 साल की चांदनी बनी फरिश्ता, बचाईं 3 जानें; पर अपनी बहन को खोया, कुल 13 लोगों की मौत
वैशाली नाव हादसे में 13 की मौत, 17 वर्षीय चांदनी बनी हीरो; तीन जिंदगियां बचाईं, बहन को नहीं बचा सकी
NDTV
  • बिहार नाव हादसा: 13 मौतों के बीच साहस की कहानी बनी चांदनी
  • श्राद्ध भोज से लौट रहे थे, नाव हादसे ने उजाड़ दिए कई परिवार
  • दादा की आंखों के सामने डूब गईं तीन पोतियां, वैशाली हादसे की दर्दनाक कहानी
पटना:

वैशाली नाव हादसे ने बिहार को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है. हादसे की कहानियां जितनी हृदय विदारक हैं, उतनी ही साहस की मिसाल भी पेश करती हैं. एक ओर बिंदेश्वर राय अपनी तीन पोतियों को खोने के गम में डूबे हैं, तो दूसरी ओर 17 वर्षीय चांदनी ने जान जोखिम में डालकर तीन बच्चों को बचा लिया. हालांकि वह अपनी सगी बहन पिंकी को मौत के मुंह से नहीं निकाल सकी.

श्राद्ध भोज से लौटते समय हुआ हादसा

परिजनों के अनुसार गांव के करीब 30 लोग पास के गांव में आयोजित एक श्राद्ध भोज में शामिल होने गए थे. शाम करीब सात बजे सभी नाव से लौट रहे थे. इसी दौरान नाव हादसे का शिकार हो गई और देखते ही देखते कई बच्चे और किशोर गहरे पानी में समा गए. हादसे में घायल 11 वर्षीय अनुष्का की मां सोनिया देवी ने बताया कि नाव में बड़ी संख्या में बच्चे सवार थे. हादसे के बाद घायलों को पहले फतेहपुर में इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन वहां पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें बाद में एनएमसीएच रेफर किया गया.

वैशाली नाव हादसे में चांदनी ने बचाई तीन लोगों की जान

वैशाली नाव हादसे में चांदनी ने बचाई तीन लोगों की जान
Photo Credit: NDTV

दादा की आंखों के सामने डूब गईं पोतियां

62 वर्षीय बिंदेश्वर राय इस हादसे को याद कर अभी भी सिहर उठते हैं. उन्होंने बताया कि वह अपनी तीन पोतियों के साथ नाव पर सवार थे. बिंदेश्वर राय ने कहा कि नाव थोड़ी दूर ही चली थी कि अचानक डूबने लगी. उन्होंने अपनी पोती अंकिता का हाथ पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसका हाथ छूट गया और वह उनकी आंखों के सामने डूब गई. उन्होंने बताया कि अमृता को तो वह देख भी नहीं पाए. उनकी तीनों पोतियां सुनीता, अमृता और अंकिता हादसे का शिकार हो गईं. सुनीता और अमृता की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि अंकिता ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.

चांदनी बनी कई परिवारों के लिए फरिश्ता

हादसे के बीच 17 वर्षीय चांदनी ने असाधारण साहस का परिचय दिया. उसके पिता डोमन राय ने बताया कि उनकी एक बेटी पिंकी इस हादसे में डूब गई, लेकिन दूसरी बेटी चांदनी ने पानी में कूदकर तीन बच्चों की जान बचा ली. उन्होंने कहा कि अगर चांदनी साहस नहीं दिखाती तो मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती थी. बच्चों को बचाने के दौरान चांदनी की भी तबीयत बिगड़ गई और उसकी छाती में पानी भर गया. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है.

अस्पताल में चल रहा घायलों का उपचार

नाव हादसे में घायल छह लोगों का इलाज पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद एनएमसीएच में किया जा रहा है. डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की स्थिति में सुधार है, हालांकि कुछ मरीजों की निगरानी जारी है.

गांव में पसरा मातम

हादसे में मीरा, निशु, अनिशा, सुनीता, आर्यन, मोहन, अमृता, अंकिता, पिंकी, नमन, सिकी, भोनू और सोनम समेत 13 बच्चों और किशोरों की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है. एक ही परिवार के कई बच्चों की जान जाने से गांव में मातम पसरा हुआ है. वहीं, चांदनी की बहादुरी आज उन परिवारों के लिए उम्मीद और हौसले की कहानी बन गई है, जिनके बच्चे इस हादसे से जिंदा वापस लौट सके.

यह भी पढ़ें : बिहार: वैशाली में गंगा नदी में पलटी नाव, 13 की मौत; PM मोदी ने जताया दुख

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Vaishali Boat Accident, Bihar Boat Tragedy, NMCH Patna, Boat Capsize In Bihar, Bihar News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com