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राहुल और अखिलेश सड़क पर, तेजस्वी कहां? बिहार की राजनीति में क्यों उठ रहे हैं सवाल

राजनीतिक जानकार इसे अलग-अलग नजरिए से देखते हैं. कुछ का कहना है कि जब छात्र सड़कों पर हों और विधानसभा में इतना बड़ा हंगामा हो, तब विपक्ष के सबसे बड़े नेता की मौजूदगी का अलग संदेश जाता है.

राहुल और अखिलेश सड़क पर, तेजस्वी कहां? बिहार की राजनीति में क्यों उठ रहे हैं सवाल
तेजस्वी यादव के बारे में बताया जा रहा है कि परिवार के साथ यूरोप के दौरे पर हैं.
  • तेजस्वी यादव बांकीपुर उपचुनाव प्रचार में और छात्र आंदोलन के दौरान सक्रिय नहीं दिखाई दे रहे हैं
  • तेजस्वी यादव इस समय यूरोप में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ निजी दौरे पर हैं
  • राजद के अन्य नेता विधानसभा, सड़क और चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं पर तेजस्वी की गैरमौजूदगी से सवाल उठ रहे हैं

दिल्ली में उबाल है. राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव और यहां तक की चंद्रशेखर आजाद सुर्खियां बटोर रहे हैं. पर तेजस्वी यादव कहीं नहीं दिख रहे. यही नहीं, पटना में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद शुरू हुए विरोध से लेकर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव तक कहीं भी तेजस्वी यादव नजर नहीं आ रहे. सवाल यह है कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार मैदान में दिख रहे हैं, तब बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहां हैं?

बांकीपुर सीट बनी प्रतिष्ठा की लड़ाई

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को तो बीजेपी ने अपनी प्रतिष्ठा का चुनाव बना दिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर बीजेपी के बड़े-बड़े नेता लगातार प्रचार कर रहे हैं. दूसरी ओर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं. मगर, महागठबंधन के सबसे बड़े नेता तेजस्वी यादव अब तक चुनाव प्रचार में ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए. बीजेपी इसी बात को मुद्दा बना रही है. बीजेपी का कहना है कि जब भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा आता है, तो तेजस्वी यादव दिखाई नहीं देते. 

राजद नेताओं की दलील

राजद के नेताओं की दलील अलग है. उनका कहना है कि पार्टी सिर्फ एक नेता के भरोसे नहीं चलती. राजद के विधायक और दूसरे नेता लगातार आंदोलन में शामिल हैं. उनका कहना है कि हर कार्यक्रम में तेजस्वी यादव का मौजूद रहना जरूरी नहीं है. पार्टी अपनी रणनीति के अनुसार काम करती है. सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव इन दिनों अपनी पत्नी और बच्चों के साथ यूरोप दौरे पर हैं. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह इस महीने की शुरुआत में विदेश गए थे और उनकी वापसी 24 जुलाई के आसपास होने की संभावना बताई जा रही है. इसी वजह से वह बिहार विधानसभा के मानसून सत्र, पटना में छात्रों के आंदोलन और बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार में अब तक शामिल नहीं हो पाए हैं. 

क्या यूरोप से आने के बाद होंगे एक्टिव

राजद नेताओं का कहना है कि यह तेजस्वी यादव का निजी दौरा है और इससे पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उनका कहना है कि पार्टी के दूसरे नेता विधानसभा, सड़क और चुनाव प्रचार—तीनों जगह सक्रिय हैं. राजनीतिक जानकार इसे अलग-अलग नजरिए से देखते हैं. कुछ का कहना है कि जब छात्र सड़कों पर हों और विधानसभा में इतना बड़ा हंगामा हो, तब विपक्ष के सबसे बड़े नेता की मौजूदगी का अलग संदेश जाता है. बांकीपुर उपचुनाव भी आसान चुनाव नहीं माना जा रहा है. यहां बीजेपी अपनी सीट बचाने में लगी है. दूसरी ओर प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक ताकत दिखा रहे हैं. ऐसे में राजद के सबसे बड़े नेता की गैर-मौजूदगी सवाल खड़े कर रही है. फिलहाल इतना तय है कि छात्रों का आंदोलन और बांकीपुर उपचुनाव, दोनों ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है. अब देखना है कि आने वाले दिनों में तेजस्वी यादव खुद मैदान में उतरते हैं या अपनी मौजूदा रणनीति पर ही चलते हैं. वहीं राहुल गांधी अपने मिशन पर हैं.

आपको बता दें कि तेजस्वी यादव ने सोनम वांगचुक को लेकर आखिरी ट्वीट भी 16 जुलाई को ही किया था. उसके बाद से उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है. अगर वो चाहते तो बाहर रहते हुए ट्वीट कर सकते थे. मगर ऐसा उन्होंने नहीं किया. 

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