- पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस और अल्टीमेटम दिया था
- हाईकोर्ट के 2019 के फैसले के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने का नियम खत्म कर दिया गया है
- अब तक राबड़ी देवी को नया बंगला 39 हार्डिंग रोड पर आवंटित किया गया है और पुराना बंगला खाली करने को कहा गया है
बिहारी की राजनीति में इस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का 10 सर्कुलर सरकारी बंगला चर्चा का विषय बना हुआ है. इस बंगले को बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को खाली करने का नोटिस पहले ही दिया था, लेकिन आखिरी नोटिस के बाद जिला प्रशासन की तरफ से भी राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था. पर लालू परिवार ने अब तक यह बंगला खाली नहीं किया है.
इसके बाद से अब सरकार और प्रशासन के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है. क्या अब विभाग या जिला प्रशासन कोई कार्रवाई करते हुए लालू परिवार और राबड़ी देवी को इस बंगले को खाली करने के लिए कहेगा या नहीं?
आवास खाली करने की प्रक्रिया शुरू हैं
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से 10 सर्कुलर रोड से सामान हटाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है. सामान को महुआ बाग, कौटिल्य नगर और गोला रोड स्थित गौशाला परिसर में शिफ्ट करने का काम किया जा रहा है.

क्यों खड़ा हुआ विवाद?
मई 2026 से यह बंगला एक बार फिर भारी राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है. इस विवाद के पीछे मुख्य रूप से तीन आधिकारिक नोटिस और कोर्ट के नियम हैं:
- हाईकोर्ट का नियम (2019): सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पटना हाईकोर्ट के 2019 के उस फैसले के तहत की जा रही है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला दिए जाने के नियम को रद्द कर दिया गया था.
अब तक जारी हुए तीन आधिकारिक नोटिस:
पहला आदेश (25 नवंबर 2025): नई आवासीय नीति के तहत राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष (विधान परिषद) के रूप में 39, हार्डिंग रोड पर नया बंगला अलॉट किया गया और पुराना आवास खाली करने को कहा गया.
- दूसरा नोटिस (मई 2026 के मध्य में): पुराना आवास खाली न होने पर भवन निर्माण विभाग ने दूसरा रिमाइंडर नोटिस जारी किया गया.
- तीसरा और अंतिम नोटिस (29 मई 2026): बिहार सरकार ने यह बंगला एनडीए सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम (पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री) के नाम आवंटित कर दिया, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से इसे खाली करने का आदेश दिया गया.

यह भी पढ़ेंः बिहार में सिक्योरिटी पॉलिटिक्स! अब तेज प्रताप ने लिया बड़ा फैसला, सम्राट सरकार को दी चेतावनी
अल्टीमेटम के बावजूद बंगला खाली नहीं किया
जिला प्रशासन की तरफ से भी लालू परिवार को 15 दोनों का अल्टीमेटम दिया गया था. इसकी सीमा 13 जून को खत्म हो गई है. इसके बाद से अभी तक लालू परिवार की तरफ से यह बंगला खाली नहीं किया गया है.
हालांकि आरजेडी इस मामले को लेकर कोर्ट जा चुकी है. आरजेडी की तरफ से कहना है कि एनडीए के कई नेताओं के बंगले पटना में है. साथ ही साथ कई पूर्व मुख्यमंत्री के बंगले भी पटना में हैं. ऐसे में लालू परिवार को 10 सर्कुलर सरकारी बंगले से हटाना सरकार की लालू परिवार के विरोध की नीति लगती है.
हालांकि राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते 39 हार्डिंग रोड का नया बंगला आवंटित किया जा चुका है. साथ ही साथ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पास एक पोलो रोड स्थित बंगाल सरकार ने पहले से आवंटित किया हुआ है.

सुरक्षा में कटौती और राजनीतिक टकराव
हाल ही में बिहार सरकार की ओर से लालू परिवार की सरकारी सुरक्षा में कटौती किए जाने के विरोध में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने अपनी पूरी सुरक्षा वापस कर दी थी. इसके बाद से बड़ी संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता 10 सर्कुलर रोड आवास के बाहर डटे हुए हैं. अपने आवास के बाहर से भी सभी सुरक्षा को लालू परिवार ने हटा दिया है.
हालांकि इन सब के बीच लालू यादव लगातार अपने महुआ बाग स्थित बंगले का जायजा लेते रहते हैं और राबड़ी देवी कुछ दिनों पहले अपने कौटिल्य नगर स्थित बंगले का निरीक्षण करने भी पहुंची थी. पार्टी सूत्रों की मानें तो राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव 10 सर्कुलर बांग्ला कुछ दिनों में खाली कर देंगे और उसके बाद अपने कौटिल्य नगर स्थित बंगले में रहेंगे.
लेकिन इन सब के बीच भी लालू परिवार सरकार के अगले आदेश का इंतजार कर रहा है कि सरकार अब अगला क्या आदेश देती है? अगर सरकार कुछ कार्रवाई करते हुए बंगाल खाली करवाती है तो लालू परिवार इसे जनता के बीच लेकर जा सकती है, ताकि कुछ समर्थन बंटोरा जा सके.
यह भी पढ़ेंः लालू यादव का जन्मदिन मनाने में JCB से केक लेकर गिरे नेता केदार यादव, वीडियो वायरल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं