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चुनावी रणनीति का काम छोड़ने के बाद प्रशांत किशोर की कमाई में बंपर इजाफा, खुद बताया कहां से आई पूंजी

प्रशांत किशोर ने चुनावी मैदान में उतरते हुए अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया, जिसमें उनकी और उनकी पत्नी की कुल संपत्ति करीब 198 करोड़ रुपये बताई गई है.

चुनावी रणनीति का काम छोड़ने के बाद प्रशांत किशोर की कमाई में बंपर इजाफा, खुद बताया कहां से आई पूंजी
पीके ने 2021 में छोड़ा था पॉलिटिकल कंसल्टेंसी का काम
  • जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है.
  • प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी जाह्नवी दास की कुल संपत्ति लगभग 198 करोड़ रुपये के करीब है.
  • प्रशांत किशोर ने 2021 में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी का काम छोड़ा और उसके बाद उनकी आय में भारी वृद्धि हुई है.
पटना:

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया. नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए शपथपत्र के अनुसार, 49 वर्षीय प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी की कुल संपत्ति करीब 198 करोड़ रुपये है. इसमें प्रशांत किशोर के पास 96 करोड़ रुपये से अधिक, जबकि उनकी पत्नी जाह्नवी दास के पास लगभग 112 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है.

शपथपत्र में प्रशांत किशोर ने अपने पेशे को समाजसेवी और राजनीतिक सलाहकार (पॉलिटिकल कंसल्टेंट) बताया है. वहीं उनकी पत्नी पेशे से डॉक्टर हैं. उनकी आय का प्रमुख स्रोत व्यवसाय और पेशेवर गतिविधियां हैं. इसके अलावा निवेश और बचत पर मिलने वाले ब्याज से भी उन्हें आय प्राप्त होती है. प्रशांत किशोर की पत्नी को डॉक्टर के रूप में सलाह देने के अलावा रेंट और अलग-अलग बैंक में जमा राशि पर ब्याज से आमदनी होती है. इस हफनामी में सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब से प्रशांत किशोर ने पॉलिटिकल कंसलटेंसी का काम छोड़ा है. इसके बाद उनकी आमदनी 12215% बढ़ गई है. 

2021 में छोड़ा था पॉलिटिकल कंसल्टेंसी का काम

प्रशांत किशोर की पहचान पॉलीटिकल एडवाइजर की रही है. 2021 तक वे अलग-अलग दलों के लिए चुनावी रणनीति बनाते रहे. 2 मई 2021 को बंगाल चुनाव के परिणाम के बाद उन्होंने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी के काम से संन्यास लेने की घोषणा की. इसके बाद वे बिहार आए. 2 अक्टूबर 2022 से उन्होंने जन सुराज अभियान शुरू किया. पदयात्रा शुरू की. तब उन्होंने कहा था कि वे अब किसी राजनीतिक दल के लिए चुनावी रणनीति नहीं बनाएंगे. बिहार में ही रहेंगे.

बिहार में रहने के दौरान उन्होंने करोड़ो रुपए कमाए. हलफनामे के मुताबिक 2020-21 के दौरान प्रशांत किशोर की सालाना आय 8 लाख 66 हजार रुपए थी. यह वह समय था जब वे बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी के लिए रणनीति बना रहे थे. इसके बाद 2021-22 में उनकी सालाना आमदनी 60 लाख 4 हजार थी. 2022-23 के दौरान उनकी आय 44 लाख 49 हजार 340 हो गई. 

आमदनी में जबरदस्त उछाल

2023-24 के दौरान उनकी आमदनी में जबरदस्त उछाल आया. उनकी आमदनी 9 करोड़ 39 लाख 26 हजार 320 रुपए हो गई. इसमें से 50 लाख रुपए उन्होंने जॉय ऑफ गिविंग फाउंडेशन को दिए. यह फाउंडेशन ही जन सुराज अभियान से जुड़े प्रफेशनल्स को सैलरी देता था. इसके बाद 2024-25 के दौरान प्रशांत किशोर ने 10 करोड़ 58 लाख 45 हजार 430 रुपए जन सुराज पार्टी को चंदा दिया.  यानी अगर 2021 के मुकाबले 2025 की आय देखें तो इसमें 122 गुने बढ़ोतरी हुई है.  इस दौरान उनकी पत्नी की आमदनी भी 600% बढ़ी है. उनकी पत्नी की सालाना आय 2020-21 में 6 लाख 14 हजार थी जो 2024-25 में बढ़कर 40 लाख 23 हजार हो गई.

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