तबलीगी जमात के लोगों को ढूंढ रही बिहार पुलिस, जांच में खुलासा- कई जगहों पर रहे थे 70 उपदेशक

गृह मंत्रालय द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक 1 अप्रैल तक 1,051 लोगों को क्वारंटाइन किया जा चुका है. 21 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि दो की मौत हो चुकी है.

तबलीगी जमात के लोगों को ढूंढ रही बिहार पुलिस, जांच में खुलासा- कई जगहों पर रहे थे 70 उपदेशक

तबलीगी जमात के कार्यक्रम में कई देशों के लोग शामिल हुए थे. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • दिल्ली में हुआ था तबलीगी जमात का कार्यक्रम
  • कार्यक्रम में शामिल हुए थे करीब 9000 लोग
  • उपदेशकों को तलाश रही कई राज्यों की पुलिस
पटना:

दिल्ली (Delhi Coronavirus) के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम से कम से कम 7,600 भारतीय और 1,300 विदेशी लोगों के जुड़े होने की जानकारी सामने आई है. जमात ने पिछले महीने एक धार्मिक कार्यक्रम दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित किया था. अब यह कार्यक्रम भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है. यह जानकारी बुधवार को गृह मंत्रालय ने दी, हालांकि जैसे-जैसे तबलीगी जमात के सदस्यों की पहचान की जाती रहेगी, सदस्यों की संख्या भी बढ़ सकती है. देशभर में जमात के दूसरे देशों से आए 1,306 सदस्यों की पहचान की जा रही है. गृह मंत्रालय द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक 1 अप्रैल तक 1,051 लोगों को क्वारंटाइन किया जा चुका है.  21 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि दो की मौत हो चुकी है. इस कार्यक्रम में शामिल हुए कुछ लोग बिहार (Bihar) में भी रहे थे.

पिछले दो दिनों से बिहार समेत कई राज्यों में कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को तलाशा जा रहा है. बिहार पुलिस ने जांच में पाया है कि 70 लोगों में ज्यादातर लोग विदेश (किर्गीस्तान, इंडोनेशिया समेत कई देश) में रहने वाले हैं और वह बिहार के अलग-अलग हिस्सों में दो से तीन महीनों तक रहे थे. यह भी पता चला है कि इनमें से ज्यादातर लोगों का तबलीगी जमात से कोई लेना-देना नहीं है. मरकज की ओर से बिहार के रहने वाले 86 लोगों की जानकारी दी गई थी. 74 लोग इस समय दिल्ली में हैं और क्वारंटाइन सेंटर में हैं. एक शख्स बिहार में है और वह भी क्वारंटाइन सेंटर में है. अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

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मरकज की ओर से 57 उपदेशकों की भी लिस्ट दी गई है. इनमें से ज्यादातर विदेशी हैं. 35 लोगों के ठिकानों का पता लगाया जा चुका है. 25 इस समय दिल्ली में हैं और 10 लोग बिहार में हैं. ज्यादातर लोग राज्य के अररिया में हैं. अन्य 22 लोगों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है. इस दौरान पता चला है कि 70 उपदेशक, विदेशों से हैं और वह बिहार के अलग-अलग जिलों में रहे थे. ज्यादातरों का मरकज से कोई वास्ता नहीं था. वह लोग भी इस समय क्वारंटाइन हैं. इस कार्यक्रम को लेकर दिल्ली सरकार और पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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बताते चलें कि राजधानी पटना में 31, जिसमें किर्गीस्तान के 16 और कजाकिस्तान के एक और नेपाल के 14 धर्म प्रचारक मिले. इसके अलावा बक्सर में 11, जिसमें इंडोनेशिया के 7 और मलेशिया के चार धर्म प्रचारक हैं. इसके अलावा किशनगंज में 11 और अररिया में 9 धर्म प्रचारक मिले हैं, जो इंडोनेशिया मलेशिया और बांग्लादेश के हैं. समस्तीपुर में भी आठ बांग्लादेशी धर्म प्रचारक मिले. इनमें से अधिकांश का कोरोना टेस्ट अभी तक नेगेटिव आया है, लेकिन उन्हें क्वारंटाइन किया गया है. राज्य सरकार को इतनी बड़ी संख्या में धर्म प्रचारकों के राज्य में होने का अंदाजा नहीं था. राज्य सरकार का कहना है कि अभी तक इनमें से किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव तो नहीं आई है लेकिन राज्य सरकार सभी को निगरानी में रख रही है और आने वाले दिनों में भी इनकी जांच होगी.


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