- बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी छठव्रती बनकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं.
- अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि खाली रह गई 1200 से अधिक महिला सीटें पुरुष अभ्यर्थियों से भरी जाएं.
- अभ्यर्थी कहते हैं कि सरकार उनकी बातों को नहीं सुन रही है और 35 दिनों से प्रदर्शन जारी है.
छठ बिहार का महापर्व है. अगले महीने होने वाले छठ की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है. इस बीच शुक्रवार को पटना में कुछ ऐसा नजारा दिखा, जिसे देखकर हर कोई हैरान रग गया. पीली धोती पहने हाथों में सूप-नारियल लिए कई युवक सड़क किनारे एक कतार में खड़े थे. नजारा ऐसा था जैसे छठ के समय भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. लेकिन कहानी कुछ और ही थी. छठ व्रती बनकर बिहार की राजधानी पटना में सड़क किनारे खड़े ये सभी युवक बिहार पुलिस के अभ्यर्थी हैं. जो अपनी मांगों के समर्थन में इस तरह प्रदर्शन करते नजर आए.
छठ व्रती बनकर प्रदर्शन करते दिखे अभ्यर्थी
छठ व्रती बनकर प्रदर्शन कर रहे ये सभी युवक बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी हैं. इन अभ्यर्थियों का कहना है कि हमारे प्रदर्शन को 35 दिन से ज्यादा हो गए हैं लेकिन अभी तक बिहार सरकार के कान नहीं खुले हैं. सरकार स्टूडेंट्स के बातों को नहीं सुन रही है. ऐसे में आज इस अंदाज में प्रदर्शन किया.
इस प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को उसी श्रेणी के पुरुष अभ्यर्थियों से भरा जाए. इसके लिए ये सभी काफी दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का दावा है कि लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
रिक्त सीटों को भरने की मांग
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग भर्ती में रिक्त रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को लेकर है. उनका कहना है कि यदि नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो इन सीटों को संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष अभ्यर्थियों से भरने पर विचार किया जाना चाहिए. इससे सीटें रिक्त रहने से बचेंगी और भर्ती में शामिल योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सकेगा.
इसी नियम से दरोगा भर्ती हो रही तो ड्राइवर की क्यों नहीं?
इस प्रदर्शन में शामिल एक अभ्यर्थी रंजीत ने कहा, हम लोग कई दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं. घर से भी अब कहा जा रहा है कि हम लोग पढ़ाई-लिखाई नहीं कर रहे हैं, बस धरना दे रहे हैं. मगर अपने हक के लिए हम नहीं लड़ेंगे तो कौन लड़ेगा. हमारी यही मांग है कि बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में जो खाली सीट है. वह महिलाओं को देने के बाद जो बचता है उसपर हम पुरुषों के लिए वैकेंसी निकाली जाए. इसी नियम के तहत सरकार दरोगा भर्ती में सीट दे रही है, तो फिर ड्राइवर भर्ती में क्यों नहीं.
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