- सारण और आसपास के इलाकों में गंडक नदी के उफान से कई क्षेत्र जलमग्न हो गए और संपर्क टूट गया है
- बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सांसद पप्पू यादव ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं
- पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पानी और आवश्यक सामग्री प्रदान करने का आश्वासन दिया है
जहां देखो वहां पानी ही पानी... इन दिनों बिहार के सारण और इसके आसपास के इलाकों में गंडक नदी रौद्र रूप दिखा रही है. स्थिति कुछ ऐसी है कि कई इलाके जलमग्न हो गए हैं साथ ही कई इलाकों का राज्य के दूसरी जगहों से संपर्क भी टूट गया है. शनिवार को सारण से बाढ़ की कई तस्वीरें सामने आईं लेकिन इन तस्वीरों में ही एक तस्वीर थी एक बाढ़ पीड़िता महिला की. महिला का दर्द जिसने भी सुना वो खुदको भावुक होने से नहीं रोक पाया. महिला ने रोते हुए कहा कि इस बाढ़ ने मुझसे मेरा सबकुछ छीन लिया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि मवेशी को भी खिलाने के लिए घर में कुछ नहीं बचा है. महिला ने अपना ये दर्द पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को भी बताया.
आपको बता दें कि पप्पू यादव बीते कुछ दिनों से सारण और उसके आसपास के इलाकों में बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं. महिला का दर्द सुनने के बाद पप्पू यादव ने उसकी मदद की.गंभीर स्थिति के बीच सांसद पप्पू यादव देर रात करीब एक बजे मकेर पहुंचे. उन्होंने बाढ़ के पानी से प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्ग-722 का जायजा लिया और हालात की जानकारी ली. इसके बाद वह भटवलिया, फुलवरिया सहित आसपास के कई बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे, जहां लोगों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं.
पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद
दौरे के दौरान पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और उनकी समस्याओं को करीब से समझने की कोशिश की. कई परिवारों ने उन्हें बताया कि बाढ़ की वजह से रहने, खाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है. जलभराव के कारण लोगों का सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
छह दिन छपरा में रहेंगे
पप्पू यादव ने घोषणा की कि वह अगले छह दिनों तक छपरा में रहकर बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि उनकी टीम लगातार राहत कार्य में जुटी रहेगी और जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, पीने का पानी तथा अन्य जरूरी सामान पहुंचाने का प्रयास करेगी.
बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए पप्पू यादव ने 100 जनरेटर उपलब्ध कराने की बात कही. इसके साथ ही जिन परिवारों के घर बाढ़ की वजह से गिर गए हैं, उन्हें 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रभावित लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हरसंभव सहयोग किया जाएगा.
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