- बिहार के वर्तमान डीजीपी विनय कुमार का कार्यकाल 13 दिसंबर 2024 को समाप्त हो रहा है और नया डीजीपी नियुक्त होगा.
- बिहार पुलिस के अगले डीजीपी के चयन के लिए गृह विभाग ने लगभग बीस आईपीएस अधिकारियों की सूची UPSC को भेजी है.
- डीजीपी बनने के लिए आईपीएस अधिकारियों की सेवा अवधि कम से कम तीस वर्ष और DG या ADG रैंक होना आवश्यक है.
Bihar DGP Race: बिहार के वर्तमान DGP विनय कुमार का कार्यकाल 13 दिसंबर को समाप्त होने जा रहा हैं, यानि आज से 3 महीने के बाद बिहार को नया डीजीपी मिलने वाला हैं. पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार अगले डीजीपी के चयन की प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी हैं. इस रेस में कुंदन कृष्णण, जेएस गंगवार और प्रीता वर्मा सहित कई IPS अधिकारियों का नाम हैं. बिहार के वर्तमान डीजीपी विनय कुमार 1991 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी हैं. IIT खड़गपुर के छात्र रहे विनय कुमार ने दिसम्बर 2024 में बिहार DGP की जिम्मेदारी संभाली थी. इनके 2 साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो रहा हैं. ऐसे में बिहार पुलिस के अगले कप्तान की तलाश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार बिहार के नए डीजीपी के चयन के प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है. वैसे नाम जो इस सूची में गृह विभाग द्वारा भेजे जाएंगे उनको चिह्नित किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक लगभग 20 आईपीएस अधिकारियों के नाम गृह विभाग बिहार सरकार यूपीएससी को भेज सकती है जिसमें डीजी और एडीजी रैंक के अधिकारी शामिल होंगे.

बिहार डीजीपी रेस में कौन-कौन अधिकारी शामिल?
DGP नियुक्ति होने के लिए क्या होती हैं सीमा?
डीजीपी नियुक्त होने के लिए 30 साल की सर्विस अनिवार्य होती है यानी कि बिहार में नए डीजीपी बनने के लिए 1996 बैच तक के आईपीएस अधिकारियों के नाम भेजे जाएंगे, जो DG और ADG रैंक के होंगे.
बिहार डीजीपी की रेस में कौन-कौन अधिकारी शामिल
1. कुंदन कृष्णन: इस रेस में सबसे पहला नाम कुंदन कृष्णन का है, जो 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वर्तमान में वह डीजी एसटीएफ और डीजी स्पेशल ब्रांच के पद पर तैनात हैं. इससे पूर्व वह एडीजी हेड क्वार्टर के पद पर तैनात रह चुके हैं. सम्राट सरकार में पुलिस विभाग में मुख्य जिम्मेदारियों को कुंदन कृष्णन देख रहे हैं, इससे पूर्व नीतीश सरकार में भी कुंदन कृष्णन बेहद महत्वपूर्ण पुलिस अधिकारी रहे हैं.
2. प्रीता वर्मा: बिहार के नए डीजीपी की रेस में दूसरा महत्वपूर्ण नाम प्रीता वर्मा का है. वो 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में वह डीजी होमगार्ड और फायर सर्विस के पद पर तैनात है. रेस में चलने वाले सभी नाम में सबसे सीनियर आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा है. जिस वजह से टॉप 3 नाम में इनका नाम दूसरे नंबर पर आता है.

1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा.
3. जेएस गंगवार: नए डीजीपी के रस में तीसरा सबसे महत्वपूर्ण नाम जेएस गंगवार का है. जो 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वर्तमान में बिहार के डीजी विजिलेंस के पद पर तैनात हैं, पूर्व में वह एडीजी पुलिस मुख्यालय भी रह चुके हैं. नीतीश सरकार में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उनके कंधों पर थी.
4. बी. श्रीनिवासन: इस रेस में अगला नाम बी. श्रीनिवासन का है. जो 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इस वक़्त केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर NSG में तैनात हैं. DGP की रेस में इनका नाम प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा हैं.
5. जितेंद्र कुमार: बिहार के नए डीजीपी की रेस में जितेंद्र कुमार का नाम भी शामिल हैं. जो कि 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वर्तमान में डीजी बीसैफ़ और केंद्रीय चयन पर्षद - सिपाही भर्ती) के पद पर तैनात हैं. इन नामों के अलावा और भी कई ऐसे नाम जो डीजी और एडीजी स्तर के हैं.
डीजी (DG) रैंक के अन्य अधिकारी:
- डॉ. परेश सक्सेना (1994 बैच): डीजी (सिविल डिफेंस), जिनका कार्यकाल दिसंबर 2026 तक है.
- अमित कुमार (1994 बैच): वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात.
- निर्मल कुमार आजाद (1994 बैच): डीजी स्तर के अधिकारी.
ADG स्तर के 1995 और 1996 बैच के अधिकारी
30 वर्ष की सेवा पूरी करने के आधार पर बिहार में तैनात अफसर:आर. मलार विजि, पंकज कुमार दराद, अमित कुमार जैन, सुधांशु कुमार, नैय्यर हसनैन खान, सुनील कुमार, डॉ. कमल किशोर सिंह और पारस नाथ ऐसे अधिकारी हैं जिनका नाम इस लिस्ट में हो सकता हैं. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अफसर: सुशील एम. खोपड़े, एस. रवींद्रण, जगमोहन और अनिल किशोर यादव भी इस लिस्ट में शामिल हों सकते हैं.

बिहार डीजीपी पद की चयन प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसर बताया जा रहा हैं कि बिरह सरकार , गृह विभाग ने इन अधिकारियों की लिस्ट केंद्र सरकार गृह विभाग और UPSC को भेज दी हैं हैं. अब UPSC की बैठक और शार्टलिस्टिंग की प्रकिया आगे होगी.UPSC अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि और राज्य के मुख्य सचिव/DGP शामिल होते हैं, जो अधिकारियों के मेरिट, सर्विस रिकॉर्ड और अनुभव के आधार पर 3 अफसरों का एक 'पैनल' तैयार करती है.
उसके बाद इन 3 नामों को UPSC बिहार सरकार को भेजगी, जिसके बाद मुख्यमंत्री इन तीनों में से अपने पसंद की अधिकारी को राज्य पुलिस का डीजीपी नियुक्त करते हैं. सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री दोनों हैं, तो ऐसा पहली बार उनके लिए होगा कि वह बिहार के नए डीजीपी का चयन करेंगे.
इससे पूर्व नीतीश कुमार लम्बे वक्त तक बिहार के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री दोनों रहें, लेकिन जानकार बताते हैं कि नीतीश कुमार ने हमेशा डीजीपी चुनने में सीनियोरिटी का ख्याल रखा हैं. अब देखना होगा कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी किसे बिहार का अगला डीजीपी नियुक्त करते हैं?
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