
इलाके से सांसद हेमा मालिनी (फाइल फोटो)
मथुरा:
धार्मिक नगरी में जन सुविधाओं विशेषकर महिला शौचालयों के अभाव के चलते एक महिला ने शहर के व्यस्त क्षेत्र में सत्याग्रह किया और जल्द ही उसके इस अनूठे प्रयास का फल तब देखने मे आया जब स्थानीय नगर पालिका प्रशासन ने सात दिन में शौचालय बनवाने का वादा कर उसका धरना खत्म करवाया।
शहर के व्यस्त बाजार में तिलकद्वार पर जब लोगों ने कल एक महिला को 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में एक तख्ती लिए हुए खड़ा देखा तो कुछ ही देर में वहां भीड़ जमा होनी शुरू हो गई। महिला ने हाथ में जो तख्ती उठा रखी थी उस पर लिखा था ‘‘महिला सुलभ शौचालय बनवाया जाए’’। महिला का कहना था, ‘‘आज जब तक महिला सुलभ शौचालय बनने का काम शुरू नहीं हो जाएगा, तब मैं यहां से नहीं हटूंगी।’’
शहर के छत्ता बाजार की पीरपंच गली में गॉरमेण्ट्स की दुकान करने वाली आशा लवानियां पिछले एक साल से नगर पालिका अध्यक्ष, जिला प्रशासन और सांसद हेमामालिनी को पत्र लिख-लिखकर एक अदद महिला शौचालय के हेतु गुहार लगा चुकी थीं। यही नहीं वह नगर पालिका अध्यक्ष मनीषा गुप्ता से मिलीं तो भी उनकी बात पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसलिए जब लवानियां ने इस प्रकार से सत्याग्रह चालू किया तो नगर पालिका प्रशासन भी हरकत में आया। देर शाम पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता मौके पर पहुंची और टॉयलेट के लिए धरना देने वाली महिला को दो दिन में महिला शौचालय के टेण्डर नोटिस जारी करने और सात दिन में टॉयलेट बनवाने का वादा देकर धरना तुड़वाया।
आशा लवानियां ने कहा, ‘‘यदि पालिकाध्यक्ष ने समय सीमा के भीतर अपना वादा पूरा न किया तो वह निश्चित रूप से इस बार और भी कड़ा संकल्प ले लेंगी और बिना मांग पूरी कराए किसी भी कीमत से सत्याग्रह से नहीं डिगेंगी।’’
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
शहर के व्यस्त बाजार में तिलकद्वार पर जब लोगों ने कल एक महिला को 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में एक तख्ती लिए हुए खड़ा देखा तो कुछ ही देर में वहां भीड़ जमा होनी शुरू हो गई। महिला ने हाथ में जो तख्ती उठा रखी थी उस पर लिखा था ‘‘महिला सुलभ शौचालय बनवाया जाए’’। महिला का कहना था, ‘‘आज जब तक महिला सुलभ शौचालय बनने का काम शुरू नहीं हो जाएगा, तब मैं यहां से नहीं हटूंगी।’’
शहर के छत्ता बाजार की पीरपंच गली में गॉरमेण्ट्स की दुकान करने वाली आशा लवानियां पिछले एक साल से नगर पालिका अध्यक्ष, जिला प्रशासन और सांसद हेमामालिनी को पत्र लिख-लिखकर एक अदद महिला शौचालय के हेतु गुहार लगा चुकी थीं। यही नहीं वह नगर पालिका अध्यक्ष मनीषा गुप्ता से मिलीं तो भी उनकी बात पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसलिए जब लवानियां ने इस प्रकार से सत्याग्रह चालू किया तो नगर पालिका प्रशासन भी हरकत में आया। देर शाम पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता मौके पर पहुंची और टॉयलेट के लिए धरना देने वाली महिला को दो दिन में महिला शौचालय के टेण्डर नोटिस जारी करने और सात दिन में टॉयलेट बनवाने का वादा देकर धरना तुड़वाया।
आशा लवानियां ने कहा, ‘‘यदि पालिकाध्यक्ष ने समय सीमा के भीतर अपना वादा पूरा न किया तो वह निश्चित रूप से इस बार और भी कड़ा संकल्प ले लेंगी और बिना मांग पूरी कराए किसी भी कीमत से सत्याग्रह से नहीं डिगेंगी।’’
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
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