Viral video: कश्मीर की सुबह 'कांडुर' यानी पारंपरिक बेकर के बिना अधूरी है. श्रीनगर के फैजान रहमान हर सुबह 3 बजे उठकर भट्टी सुलगाते हैं और शाम तक करीब 2,500 रोटियां तैयार करते हैं. उनके पिता ने 30 साल पहले यह काम शुरू किया था, जिसे अब फैजान संभाल रहे हैं. यहां मिलने वाली कश्मीरी रोटियां जैसे लवासा, बाकरखानी और घी रोटी न सिर्फ बेहद स्वादिष्ट हैं, बल्कि इनकी कीमत भी मात्र 10 रुपये है. 'ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे' के एक वीडियो में फैजान ने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के बारे में खुलकर बात की है.
सुबह 3 बजे से शुरू होता काम
जब पूरी दुनिया गहरी नींद में सो रही होती है, तब सुबह ठीक तीन बजे फैजान की भट्टी सुलग उठती है. वह सबसे पहले 'लवासा' रोटी तैयार करने में जुट जाते हैं. फैजान बताते हैं कि उनके पिता ने करीब 30 साल पहले इस काम की शुरुआत की थी. अब पिछले कुछ सालों से फैजान भी पूरी लगन से इस पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं.
दिन के अलग-अलग समय पर अलग रोटी
कश्मीरी बेकरी को स्थानीय भाषा में 'कांडुर' कहा जाता है. यहां सुबह की चाय से लेकर शाम के कहवा तक के लिए अलग-अलग तरह की रोटियां मिलती हैं. फैजान की दुकान पर मिलने वाली रोटियों में ये किस्में सबसे खास हैं. लवासा यहां की पारंपरिक पतली रोटी है. घी रोटी के लाजवाब स्वाद से भरपूर रोटी, जो फैजान की खुद की भी पसंदीदा है. चोचवोर तिल से सजी गोल छल्ले जैसी रोटी होती है. कुलचा और बाकरखानी कुरकुरी और परतों वाली खास रोटियां हैं.
यह भी पढ़ें | पहली बार वंदे भारत की एग्जीक्यूटिव क्लास में बैठा नीदरलैंड का यूट्यूबर, बोला- 'इस फीचर ने तो दिल जीत लिया'
रोटियों पर खूबसूरत सुनहरा रंग लाने के लिए वे इसमें मिल्क पाउडर का इस्तेमाल करते हैं. सबसे कमाल की बात यह है कि इतनी मेहनत से तैयार होने वाली इस एक रोटी की कीमत सिर्फ 10 रुपए है.
ढाई हजार से ज्यादा रोटी, कमाई दिन की 25 हजार रुपए
भट्टी पर काम करना कोई आसान काम नहीं है. फैजान और उनकी टीम एक बार में करीब 1500 रोटियां तैयार करती है. सुबह 3 बजे से शुरू हुआ यह सिलसिला शाम 5 बजे तक चलता है. तब तक वे लगभग 2500 रोटियां सेंक चुके होते हैं. इससे हर दिन की कमाई करीब 25 हजार रुपए है. महीने की साढ़े सात लाख है. फैजान बेहद गर्व के साथ लोगों को अपनी दुकान पर आने और इन पारंपरिक कश्मीरी रोटियों का असली स्वाद चखने का न्योता देते हैं.
यह भी पढ़ें | पिता की जगह भाई को खड़ा देख रो पड़ी बहन, बोली- अब पता चला बेटा होने पर खुशी क्यों मनाते हैं लोग
यह भी पढ़ें | 'अगर हम 100 रुपए का माल देंगे तो'; गुजराती कारोबारी ने बताया बिजनेस में कामयाब होने का फॉर्मूला
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं