VIRAL VIDEO: सोशल मीडिया पर इन दिनों भारतीय रेलवे के एक कर्मचारी की सैलरी स्लिप की खूब चर्चा हो रही है. पप्पू कनौजिया नाम के एक शख्स ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के सोनपुर मंडल में तैनात एक 'ट्रैक मेंटेनर-II' की मई 2026 की सैलरी स्लिप शेयर की है. जब उन्होंने पहले यह जानकारी दी थी कि एक ट्रैक मेंटेनर महीने के 72 हजार रुपये से ज्यादा कमा रहा है, तो कई लोगों को इस पर यकीन नहीं हुआ. लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर कितने साल की नौकरी के बाद इतनी सैलरी मिलती है और कहीं यह लोगों को गुमराह करने की कोशिश तो नहीं है. इन सवालों का जवाब देने के लिए पप्पू कनौजिया ने सैलरी स्लिप का पूरा ब्यौरा सामने रखा है.
सैलरी स्लिप का पूरा गणित
यह सैलरी स्लिप पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के सोनपुर मंडल की है, जो मई 2026 की है. पप्पू कनौजिया ने इस वीडियो के जरिए उन लोगों को जवाब दिया है जो इसे फेक या भ्रमित करने वाला मान रहे थे. इस कर्मचारी ने 10 मई 2013 को रेलवे जॉइन किया था. यानी इन्हें नौकरी करते हुए लगभग 13 साल हो चुके हैं. वर्तमान में यह कर्मचारी 'लेवल-4' के पद पर कार्यरत है और इनका बेसिक पे ₹28,700 है.
मई 2026 के 31 दिनों के कार्य दिवस के लिए इनका कुल वेतन ₹72,394 बना. इसमें मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और साइकिल भत्ता जैसे अन्य भत्ते शामिल हैं. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अन्य सरकारी कटौतियों के रूप में कुल ₹4,662 कटने के बाद, इनके बैंक खाते में ₹67,732 ट्रांसफर हुए. यह आंकड़ा साफ करता है कि 13 वर्षों की निरंतर और कठिन सेवा के बाद ही कोई कर्मचारी इस वेतन स्तर तक पहुंच पाता है.
आखिर क्या काम करते हैं ये 'ग्रुप डी' कर्मचारी?
भारतीय रेलवे में जिन्हें हम 'ग्रुप डी' (अब लेवल-1) कर्मचारी कहते हैं, वे असल में रेलवे की रीढ़ की हड्डी हैं. ट्रैक मेंटेनर (ट्रैकमैन) का काम सबसे चुनौतीपूर्ण होता है. इनका मुख्य काम पटरियों की चौबीसों घंटे निगरानी करना, उनकी मरम्मत करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इनके अलावा इस वर्ग में पॉइंट्समैन, गेटमैन और तकनीकी सहायक जैसे पद भी आते हैं.
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इन पदों पर भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास या ITI होती है. नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों का शुरुआती मूल वेतन ₹18,000 होता है, जो सभी भत्तों को मिलाकर शुरू में करीब ₹22,000 से ₹28,000 प्रति माह बनता है. समय के साथ प्रमोशन और इंक्रीमेंट मिलने पर यह सैलरी सम्मानजनक स्तर पर पहुंच जाती है.
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