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जेल जैसी लगती थी जिंदगी... UK में 40 लाख की नौकरी छोड़ भारत लौट आया युवक, वजह सुन सोच में पड़ जाएंगे आप

UK में 40 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़कर भारत लौटे एक फिजियोथेरेपिस्ट की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जानिए, कैसे अकेलेपन और बेहतर जीवन संतुलन की चाह ने उन्हें यह बड़ा फैसला लेने के लिए प्रेरित किया और इस पर लोगों की क्या राय है.

जेल जैसी लगती थी जिंदगी... UK में 40 लाख की नौकरी छोड़ भारत लौट आया युवक, वजह सुन सोच में पड़ जाएंगे आप
UK में 40 लाख की नौकरी छोड़ भारत लौट आया युवक, बोला - पैसे से ज्यादा जरूरी है ये चीज...

विदेश में नौकरी करना कई लोगों का सपना होता है, खासकर जब सैलरी लाखों में हो. लेकिन, क्या सिर्फ पैसे ही जिंदगी की खुशी तय करते हैं? एक फिजियोथेरेपिस्ट की कहानी इस सवाल को फिर से चर्चा में ले आई है. UK में शानदार पैकेज और स्थिर जीवन होने के बावजूद, उसने सब छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया और इसकी वजह हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है.

40 लाख की नौकरी, फिर भी नहीं मिली खुशी

मानव शाह, जो UK में नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के साथ फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम कर रहे थे, सालाना करीब 40 लाख रुपये कमा रहे थे. करियर के शुरुआती दौर में इतनी बड़ी सैलरी और इंटरनेशनल एक्सपोजर किसी के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. लेकिन, मानव के लिए यह सब काफी नहीं था.

जेल जैसी लगती थी 9-5 की नौकरी...

मानव ने अपने वीडियो में बताया कि UK में 9 से 5 की नौकरी उन्हें एक तरह की कैद जैसी लगने लगी थी. उनका कहना था कि इस रूटीन में उन्हें खुद के विकास और स्वतंत्रता के लिए बहुत कम मौका मिलता था. यही वजह थी कि उन्होंने अपने करियर की दिशा बदलने का फैसला किया.

देखें Video:

भारत लौटकर शुरू किया अपना स्टार्टअप

UK की नौकरी छोड़ने के बाद मानव भारत लौट आए और उन्होंने अपना वेंचर Rehabond शुरू किया. हालांकि, यह फैसला आसान नहीं था. उन्होंने बताया, कि UK में उन्होंने एक स्थिर जीवन बना लिया था अच्छी नौकरी, दोस्त और एक आरामदायक रूटीन. लेकिन, इसके बावजूद उन्होंने जोखिम उठाया.

अकेलापन बना सबसे बड़ा कारण

मानव ने विदेश में रहने के दौरान महसूस किया कि परिवार और दोस्तों से दूर रहना सबसे मुश्किल होता है. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी चीजें जैसे परिवार के साथ चाय पीना या दोस्तों के साथ समय बिताना उन्हें बहुत याद आती थीं. और ये चीजें कोई भी बड़ी सैलरी पूरी नहीं कर सकती. उन्होंने यह भी बताया कि भारत में रहने का खर्च कम है, जिससे बेहतर बचत हो सकती है. साथ ही, यहां अच्छी हेल्थकेयर और जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

मानव की इस कहानी ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. कुछ लोगों ने उनके फैसले की तारीफ की है. एक यूजर ने लिखा, विदेश में पैसा है, लेकिन परिवार और दोस्तों जैसा जीवन कहीं नहीं. दूसरे ने कहा, अकेलापन सच में बहुत भारी पड़ता है. वहीं, कुछ लोगों ने अलग नजरिया भी रखा. एक यूजर ने लिखा, कभी-कभी अकेलापन सहना आसान है, लेकिन अपने देश की समस्याएं नहीं. दूसरे ने कहा, सब कुछ नजरिए पर निर्भर करता है, सिर्फ पैसे पर नहीं.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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