Viral Video: 'इंडियन रेलवे- क्या हम सुरक्षित हैं?' ये सवाल पूछते हुए एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड किया है, जिसे अब तक करीब 1 मिलियन लोग देख चुके हैं. इस वीडियो में ट्रेन के एसी कोच के अंदर 5 लोग अगल-बगल बैठे हुए नजर आ रहे हैं. इनमें से एक शख्स फोन पर बात कर रहा है, दूसरा खाना अनपैक कर रहा है और बाकी तीन एक-दूसरे की तरफ देखकर बातें कर रहे हैं. तभी अचानक एक पत्थर खिड़की के कांच को तोड़ते हुए अंदर आता है.
'चेहरे पर आकर लगे कांच के टुकड़े'
पत्थर तो वहीं गिर जाता है, लेकिन कांच के टुकड़े पैसेंजर्स की चेहरे पर आकर लगते हैं, जबकि कुछ उनके खाने में आकर गिरते हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने वाले ट्रैवलर का कहना है कि इस घटना में उनके 4 दोस्त घायल हो गए हैं. शख्स ने कहा, 'हमारी बोगी में दोनों तरफ छोटे बच्चों वाले परिवार बैठे थे. सुनने में भले ही यह डरावना लगे, लेकिन सच कहूं तो मुझे राहत है कि पत्थर हमारी खिड़की पर ही लगा. इसके नतीजे कहीं ज्यादा बुरे हो सकते थे.'
'इंडियन रेलवे- हम जवाब चाहिए'
शख्स के दावे के मुताबिक, यह घटना दुरंतो एक्सप्रेस में उस वक्त हुई जब वे नागपुर से मुंबई की तरफ जा रहे थे. पथराव के बाद अगले स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन रुकी तो उन्होंने नीचे उतरकर रेलवे पुलिस को इसकी जानकारी दी. इसके बाद वो वापस ट्रेन में आकर बैठ गए और वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए रेलवे से सुरक्षा और जवाबदेही मांगने लगे. उन्होंने लिखा, 'यह सिर्फ खिड़की टूटने की बात नहीं है. यह इस बारे में है कि कैसे एक सामान्य सफर अचानक किसी बड़ी दुर्घटना में बदल सकता है. हमें बेहतर सुरक्षा चाहिए. हमें जवाबदेही चाहिए. सफर करते समय हमें सुरक्षित महसूस होना चाहिए.'
रेलवे ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया केस
NDTV के संवाददाता पल्लव मिश्रा ने जब मध्य रेलवे से इस संबंध में बात कि तो सीपीआरओ डॉ स्वप्निल नीला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया, 'यह घटना बोरखेड़ी स्टेशन से आगे हुई. पथराव से ट्रेन के A-1, B-2 और B-5 कोच की खिड़कियों के शीशे में दरारें आ गईं. सूचना मिलने के बाद RPF और GRP की टीम ने बोरखेड़ी–सिंधी सेक्शन में करीब 7 किलोमीटर के इलाके में तलाशी अभियान चलाया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति या ठोस सबूत नहीं मिला. हमने रात 2:55 बजे ही अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत केस नंबर 325/2026 दर्ज कर लिया है. मामले की जांच जारी है.'
यहां देखें पूरा वीडियो:-
सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए अलग-अलग रिएक्शन्स
इस वीडियो को देखने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अलग-अलग रिएक्शन्स दे रहे हैं:-
एक यूजर ने लिखा, 'मुझे समझ नहीं आता कि लोग हर बार सरकार को ही क्यों दोष देते हैं, उन लोगों को क्यों नहीं जो असल में ऐसा कर रहे हैं!'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'जब आप कहते हैं कि हमें बेहतर सुरक्षा, जवाबदेही और सुरक्षित यात्रा की जरूरत है, तो आप असल में यह किससे उम्मीद कर रहे हैं? सरकार और रेलवे अधिकारियों से, या उन लोगों से जो पत्थर फेंकते हैं? अधिकारी सुरक्षा और नियम लागू करने के तरीके को बेहतर बना सकते हैं, लेकिन क्या वे ऐसी हरकतें करने वालों की सोच को पूरी तरह बदल सकते हैं?'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'इसके लिए रेलवे या रेल मंत्री को दोष न दें. सिविक सेंस नहीं है लोगों में तो क्या ही कर सकते हैं. लेकिन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है ताकि आगे ये घटनाएं न हों.'
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