कश्मीर से लेकर मुंबई-गोवा के कोंकण क्षेत्र की खूबसूरती तो आपने रेल यात्रा में खूब देखी होगी, लेकिन हरे-भरे घने जंगलों से घिरे पहाड़ी इलाके से गुजरती हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ऐसा नजर आपके दिल को छू लेगा.रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ये मनमोहक वीडियो शेयर किया है, जिसमें सुरंग से निकलकर नारंगी रंग की ट्रेन नागिन की तरह बलखाते हुए आगे बढ़ रही है.कोडरमा से रांची के बीच रेल लाइन हरे-भरे जंगल, ऊंचे पहाड़ों और कलरव करती नदियों के पानी से भरे बांधों से गुजरती है, जो स्वर्ग सा अहसास कराती है. ड्रोन से लिया गया ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसे रेल मंत्री ने Insta REEL के जरिये शेयर किया है.
ये वीडियो रांची-बरकाकाना-हजारीबाग रेल लाइन पर ड्रोन से शूट किया गया है, जो झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता का नायाब नमूना है और केरल और गोवा की रेलयात्रा के बीच होने वाले सुखद अहसास से कहीं भी कम नहीं है.
पहाड़ों, पठारों और घने जंगलों का दीदार
झारखंड की राजधानी रांची को कोडरमा से जोड़ने वाली कोडरमा–हजारीबाग–बरकाकाना–रांची रेल लाइन प्राकृतिक खूबसूरती और इंजीनियरिंग के लिहाज से सबसे बेजोड़ रेल परियोजना में से एक है. 211 किलोमीटर लंबी रेल लाइन झारखंड के दुर्गम पहाड़ों, पठारों और घने जंगलों से होकर गुजरती है. ये कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची को कनेक्ट करती है. कोडरमा जंक्शन, बरही, पद्मा, हजारीबाग टाउन,चरही, मांडू, कुजू, बरकाकाना जंक्शन से होते हुए सिधवार, सांकी, मेसरा, टाटीसिलवे से गुजरते हुए रांची जंक्शन तक आती है.
रांची-कोडरमा की ये रेललाइन 10 सालों में तैयार
कोडरमा से हजारीबाग 80 किमी लंबे रूट का उद्घाटन 20 फरवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. हजारीबाग इससे पहली बार नक्शे पर आया था. हजारीबाग से बरकाकाना तक 57 किमी रूट का उद्घाटन 7 दिसंबर 2016 को हुआ था.टाटीसिलवे से सांकी तक 31.4 किमी लंबे रूट को अगस्त 2019 में खोला गया था.सिधवार से सांकी का 27 किमी रूट पूरी रेल लाइन का सबसे जटिल हिस्सा था. पहाड़ों और घाटियों के बीच बने इस रेल रूट पर 18 नवंबर 2022 को सफल ट्रायल के बाद रांची-कोडरमा लाइन आपस में कनेक्ट हो गई.
सिधवार-सांकी रेल लाइनों में चार बड़ी सुरंगें
सिधवार और सांकी का पहाड़ी क्षेत्र झारखंड में भारतीय रेलवे की बेहतरीन इंजीनियरिंग की दिल छूने वाली तस्वीर पेश करता है.दुर्गम पहाड़ियों को काटकर यहां 4 बड़ी रेल सुरंगें बनाई गई हैं.ट्रेन बेहद खूबसूरत वादियों और पहाड़ों के बीच 32 घुमावदार मोड़ों और 5 बड़े पुलों से होकर गुजरती हैं, जो सफर को रोमांच से भर देता है.
पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन
पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस इस रूट की सबसे वीआईपी ट्रेन है, जो 27 जून 2023 से चालू हुई थी. यह ट्रेन कोडरमा, हजारीबाग, बरकाकाना और मेसरा गुजरते हुए पटना से रांची के बीच की दूरी महज 6 घंटे में तय करती है.आसनसोल-हटिया इंटरसिटी एक्सप्रेस, गया-मुंबई एलटीटी साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस और कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन शामिल है.
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बड़ी रेल परियोजना को मंजूरी
सरकार ने कोडरमा-हजारीबाग-बरकाकाना के बीच 133 किमी लंबी लाइन का दोहरीकरण जनवरी 2026 से शुरू किया था. परियोजना की लागत 3063 करोड़ है.इस डबल लाइन के बनने से ट्रेनों की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी. इससे बिहार की राजधानी पटना और रांची का सफर भी तेज होगा.
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